यूपीएससी तैयारी: विशेष अभियान 6 के लिए समर्पित वेब-पोर्टल का शुभारंभ करेंगे केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह 16 सितंबर 2026 को विशेष अभियान 6 के लिए समर्पित वेब-पोर्टल का शुभारंभ करेंगे — diagram

यूपीएससी तैयारी: विशेष अभियान 6 के लिए समर्पित वेब-पोर्टल का शुभारंभ करेंगे केंद्रीय मंत्री

विशेष अभियान 6 प्रक्रियाघोषणासरकारी अधिसूचनातैयारी16-30 सितंबरपोर्टल16 सितंबर लॉन्चकार्यान्वयन2-31 अक्टूबरनिपटानराजस्व प्राप्तिसुधारदक्षता वृद्धि
विशेष अभियान 6 प्रक्रिया

✎ विशेष अभियान 6 सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, लंबित मामलों के निपटान और ई-कचरा प्रबंधन पर केंद्रित एक राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसका समन्वय प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा किया जाता है।

💬 Doubt on this topic? Ask Aanya, your free AI study-buddy, for an instant explanation. Ask Aanya →

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पहलू, संस्थागत और अन्य  |  GS Paper III — पर्यावरण और पारिस्थितिकी (ई-कचरा प्रबंधन)
  • Prelims: विशेष अभियान, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG), ई-कचरा प्रबंधन, सुशासन सप्ताह, लोक शिकायत निवारण, सचिवालय सुधार
  • Essay: सुशासन: चुनौतियाँ और समाधान, स्वच्छता और जवाबदेही के माध्यम से सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार

त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 6 सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, लंबित मामलों के निपटान और ई-कचरा प्रबंधन पर केंद्रित एक राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसका समन्वय प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा किया जाता है।

💬 Doubt on this topic? Ask Aanya, your free AI study-buddy, for an instant explanation. Ask Aanya →

यह खबर चर्चा में क्यों?

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह 16 सितंबर 2026 को विशेष अभियान 6 के लिए समर्पित एक वेब-पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। यह वेब-पोर्टल भारत सरकार के सभी 84 मंत्रालयों/विभागों में विशेष अभियान 6 की प्रगति की निगरानी करेगा। यह अभियान 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा, जिसका तैयारी चरण 16 से 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित है, जिसमें ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

पृष्ठभूमि

  • प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) वर्ष 2021 से सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों को कम करने के लिए प्रतिवर्ष विशेष अभियानों का समन्वय करता है।
  • यह विशेष अभियान 2021 से पांच संस्करणों (2021, 2022, 2023, 2024 और 2025) में सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है, जिसमें 24.20 लाख से अधिक स्थलों को कवर किया गया है।
  • इन अभियानों के परिणामस्वरूप 180.48 लाख से अधिक फाइलों को छांटा/बंद किया गया है और कबाड़ के निपटान से 5,102.91 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।
  • विशेष अभियान 5 में लगभग 11.6 लाख स्थलों पर 29.52 लाख फाइलें छांटी गईं, 233.75 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली किया गया और कबाड़ से 833.92 करोड़ रुपये अर्जित किए गए।
  • इन अभियानों का नेतृत्व मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और मंत्रालयों/विभागों के सचिवों ने किया है और इनकी पहलों तथा उपलब्धियों का उल्लेख प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी किया गया है।
  • कैबिनेट सचिव ने 5 अगस्त 2026 को सभी सचिवों को पत्र भेजा था और DARPG ने 13 अगस्त 2026 को विशेष अभियान 6 के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए थे।

विशेष अभियान 6 क्या है?

  • विशेष अभियान 6 भारत सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों और उनके संबद्ध/अधीनस्थ/स्वायत्त कार्यालयों में स्वच्छता को व्यापक स्तर पर संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों को कम करने के उद्देश्य से एक राष्ट्रव्यापी पहल है।
  • यह अभियान 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक कार्यान्वित किया जाएगा, जिसमें 16 से 30 सितंबर 2026 तक तैयारी का चरण होगा।
  • अभियान का मुख्य फोकस नागरिक केंद्रित प्रथाओं और समावेशिता जैसे सर्वोत्तम तौर-तरीकों को सुदृढ़ करने पर है।
  • इस संस्करण में ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
  • तैयारी चरण के दौरान, मंत्रालय/विभाग लंबित कार्यों की पहचान करेंगे, कर्मचारियों को संलग्न करेंगे, अभियान स्थलों को अंतिम रूप देंगे, अभिलेखों की समीक्षा करेंगे, स्थान प्रबंधन योजना बनाएंगे और पहचानी गई कबाड़ सामग्री का निपटान करेंगे।
  • इस अभियान के दौरान अपनाई गई सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को 19 से 25 दिसंबर 2026 तक चलने वाले सुशासन सप्ताह 2026 के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा।
  • यह अभियान सेवा वितरण के लिए उत्तरदायी या जनता से संपर्क रखने वाले क्षेत्रीय/बाहरी कार्यालयों और विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों सहित सभी सरकारी कार्यालयों को कवर करेगा।
  • प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) इस अभियान के समन्वय और संचालन के लिए नोडल विभाग के रूप में कार्य करता है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
विशेष अभियान 6 यह भारत सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों को कम करने के लिए एक वार्षिक पहल है।
वेब-पोर्टल (https://scdpm.nic.in/SCDPM26) यह अभियान की प्रगति की निगरानी और नोडल अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए एक समर्पित ऑनलाइन मंच है।
तैयारी चरण (16-30 सितंबर 2026) इस चरण में लंबित कार्यों की पहचान, कर्मचारियों को शामिल करना, स्थलों को अंतिम रूप देना और अभिलेखों की समीक्षा जैसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक कार्य किए जाएंगे।
कार्यान्वयन चरण (2-31 अक्टूबर 2026) यह अभियान का मुख्य चरण है जहाँ चिह्नित गतिविधियों को अंजाम दिया जाएगा, जिसमें ई-कचरा प्रबंधन और स्थान प्रबंधन शामिल है।
ई-कचरा प्रबंधन पर ध्यान अभियान में ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान पर विशेष जोर दिया जाएगा, जो पर्यावरणीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
राजस्व सृजन कबाड़ के निपटान से प्राप्त राजस्व सरकारी संसाधनों को बढ़ाने में मदद करता है और अपशिष्ट प्रबंधन की दक्षता को दर्शाता है।

महत्व

प्रशासनिक दक्षता

  • यह अभियान सरकारी कार्यालयों में लंबित फाइलों और कबाड़ को कम करके प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करता है, जिससे कार्यप्रणाली में तेजी आती है।
  • स्वच्छता और सुव्यवस्थित कार्यस्थल कर्मचारियों की उत्पादकता और मनोबल को बढ़ाते हैं, जिससे समग्र प्रशासनिक दक्षता में सुधार होता है।
  • डिजिटल निगरानी पोर्टल (वेब-पोर्टल) पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देता है, जिससे अभियान के लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित होती है।

पर्यावरणीय स्थिरता

  • ई-कचरा (e-waste) के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान पर विशेष ध्यान पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • यह पहल खतरनाक ई-कचरे के अनुचित निपटान से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद करती है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र सुरक्षित रहते हैं।

राजकोषीय लाभ

  • कबाड़ के निपटान से प्राप्त राजस्व सरकारी खजाने में योगदान देता है, जिससे अनावश्यक वस्तुओं को हटाने के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी मिलता है।
  • खाली किए गए कार्यालय स्थान का बेहतर उपयोग किया जा सकता है, जिससे किराए या रखरखाव पर होने वाले खर्चों में बचत हो सकती है।

नागरिक केंद्रित शासन

  • नागरिक केंद्रित प्रथाओं को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित करने से सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है और जनता के प्रति जवाबदेही बढ़ती है।
  • स्वच्छ और सुव्यवस्थित सरकारी कार्यालय नागरिकों के लिए एक बेहतर अनुभव प्रदान करते हैं, जिससे सरकार के प्रति विश्वास बढ़ता है।

चुनौतियाँ

1. कार्यान्वयन में एकरूपता का अभाव

  • भारत सरकार के 84 मंत्रालयों/विभागों और उनके संबद्ध/अधीनस्थ/स्वायत्त कार्यालयों में अभियान को एक समान तरीके से लागू करना एक चुनौती हो सकती है।
  • विभिन्न विभागों की कार्य संस्कृति और संसाधनों में भिन्नता के कारण कार्यान्वयन की गुणवत्ता में अंतर आ सकता है।

2. ई-कचरा प्रबंधन की जटिलता

  • ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और पर्यावरण के अनुकूल निपटान एक जटिल प्रक्रिया है जिसके लिए विशेष बुनियादी ढांचे और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।
  • असंगठित क्षेत्र में ई-कचरा प्रबंधन की प्रथाओं को नियंत्रित करना और उन्हें औपचारिक चैनलों में लाना एक बड़ी चुनौती है।

3. कर्मचारियों की भागीदारी और प्रेरणा

  • अभियान की सफलता के लिए जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और प्रेरणा आवश्यक है, जिसे बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
  • नियमित कार्यों के साथ-साथ अभियान की गतिविधियों को प्राथमिकता देना कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त बोझ बन सकता है।

4. दीर्घकालिक स्थिरता

  • अभियान के लक्ष्यों को केवल एक निश्चित अवधि के लिए प्राप्त करने के बजाय, स्वच्छता और लंबित मामलों को कम करने की प्रथाओं को संस्थागत रूप देना और दीर्घकालिक रूप से बनाए रखना एक चुनौती है।
  • अभियान के बाद भी प्राप्त उपलब्धियों को बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी और प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
संसाधनों का आवंटन अभियान के सफल कार्यान्वयन के लिए पर्याप्त मानव और वित्तीय संसाधनों का आवंटन सुनिश्चित करना।
डेटा की सटीकता अभियान की प्रगति और उपलब्धियों से संबंधित डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता बनाए रखना।
प्रौद्योगिकी का उपयोग वेब-पोर्टल और अन्य तकनीकी उपकरणों का प्रभावी ढंग से उपयोग सुनिश्चित करना, विशेषकर दूरदराज के कार्यालयों में।
जागरूकता का अभाव कर्मचारियों और हितधारकों के बीच अभियान के उद्देश्यों और महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना।
नवाचार को बढ़ावा विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में स्वच्छता और दक्षता के लिए नवीन प्रथाओं को पहचानना और उन्हें बढ़ावा देना।
अंतर-विभागीय समन्वय विभिन्न मंत्रालयों/विभागों और उनके संबद्ध कार्यालयों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना।

आगे की राह

  • सभी मंत्रालयों/विभागों में अभियान के लिए एक मजबूत आंतरिक निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए ताकि लक्ष्यों की नियमित समीक्षा की जा सके।
  • ई-कचरा प्रबंधन के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और पर्यावरण के अनुकूल निपटान के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाए।
  • कर्मचारियों को अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने हेतु प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन और मान्यता प्रणाली लागू की जाए।
  • अभियान के दौरान प्राप्त सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रलेखित किया जाए और अन्य विभागों के साथ साझा किया जाए ताकि ज्ञान का आदान-प्रदान हो सके।
  • वेब-पोर्टल को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया जाए तथा डेटा प्रविष्टि और विश्लेषण को सरल बनाया जाए ताकि सभी हितधारक इसका प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
  • अभियान के बाद भी स्वच्छता और लंबित मामलों को कम करने की प्रथाओं को बनाए रखने के लिए एक स्थायी नीतिगत ढांचा विकसित किया जाए।
  • नागरिकों से प्राप्त शिकायतों और सुझावों को अभियान की योजना में शामिल किया जाए ताकि इसे और अधिक नागरिक केंद्रित बनाया जा सके।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

विशेष अभियान · स्वच्छता अभियान · ई-कचरा प्रबंधन · प्रशासनिक सुधार · लोक शिकायत निवारण · डिजिटल शासन · सुशासन · सरकारी कार्यालयों में दक्षता · कबाड़ निपटान · पर्यावरण संरक्षण

अवधारणा प्रवाह

सरकार द्वारा विशेष अभियान की घोषणा  →  तैयारी चरण: लंबित कार्यों की पहचान और योजना  →  वेब-पोर्टल का शुभारंभ: निगरानी और समन्वय  →  कार्यान्वयन चरण: स्वच्छता और ई-कचरा प्रबंधन  →  कबाड़ निपटान से राजस्व प्राप्ति  →  प्रशासनिक दक्षता और पर्यावरणीय सुधार

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. विशेष अभियान 6 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. यह अभियान केवल केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों तक ही सीमित है।
2. इसका मुख्य उद्देश्य ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान पर ध्यान केंद्रित करना है।
3. प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) इस अभियान के समन्वय और संचालन के लिए नोडल विभाग है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 गलत है क्योंकि यह अभियान सभी मंत्रालयों/विभागों और उनके संबद्ध/अधीनस्थ/स्वायत्त कार्यालयों, क्षेत्रीय/बाहरी कार्यालयों और विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों में चलाया जाएगा। कथन 2 सही है क्योंकि ई-कचरा प्रबंधन इसका एक महत्वपूर्ण फोकस क्षेत्र है। कथन 3 भी सही है क्योंकि DARPG वर्ष 2021 से इन विशेष अभियानों के समन्वय और संचालन के लिए नोडल विभाग के रूप में कार्य करता है।

Q2. विशेष अभियान 6 के तैयारी चरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कार्य शामिल नहीं है?

  1. लंबित कार्यों की पहचान करना।
  2. अभियान स्थलों को अंतिम रूप देना।
  3. पहचानी गई कबाड़ सामग्री का निपटान करना।
  4. अभियान के कार्यान्वयन चरण का मूल्यांकन करना।

उत्तर: अभियान के कार्यान्वयन चरण का मूल्यांकन करना। — अभियान के कार्यान्वयन चरण का मूल्यांकन कार्यान्वयन के बाद किया जाता है, न कि तैयारी चरण में। अन्य सभी कार्य तैयारी चरण का हिस्सा हैं।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘विशेष अभियान’ सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और दक्षता को संस्थागत रूप देने में किस प्रकार सहायक रहे हैं? ई-कचरा प्रबंधन जैसे समकालीन मुद्दों को शामिल करने के महत्व पर भी चर्चा कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: ‘विशेष अभियान’ की अवधारणा और उसके उद्देश्यों का संक्षिप्त विवरण (जैसे सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, लंबित मामलों में कमी)।
2. विशेष अभियानों की सफलता और प्रभाव: पिछले अभियानों के प्रमुख आँकड़े और उपलब्धियाँ (जैसे फाइलों का निपटान, खाली किया गया स्थान, राजस्व प्राप्ति)।
3. संस्थागतकरण में भूमिका: यह कैसे सरकारी कामकाज का एक नियमित हिस्सा बन गया है, DARPG की नोडल भूमिका, मंत्रालयों/विभागों की भागीदारी।
4. दक्षता और सुशासन में योगदान: प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार, कार्यस्थल के माहौल में सकारात्मक बदलाव, नागरिक केंद्रित प्रथाओं को बढ़ावा।
5. ई-कचरा प्रबंधन का महत्व: ई-कचरे की बढ़ती समस्या, इसके पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी प्रभाव। विशेष अभियान में इसे शामिल करने से होने वाले लाभ (जागरूकता, उचित निपटान, चक्रीय अर्थव्यवस्था)।
6. निष्कर्ष: भविष्य की राह और इन अभियानों के दीर्घकालिक महत्व पर बल।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


Related guides on our sites

No Comments

Post A Comment