07 Aug लोकसभा ने पारित किया डेटा केंद्र नीति बिल, जानिए क्या मिलेगा लाभ
✎ डेटा केंद्र क्षेत्र को कर नीति से मिल रहा है बड़ा बढ़ावा, जिससे डिजिटल अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity & Governance
लोकसभा द्वारा कराधान संशोधन विधेयक पारित किए जाने के साथ ही डेटा केंद्र क्षेत्र को नीति का बड़ा समर्थन मिला है। यह विधेयक, जिसका उद्देश्य डेटा केंद्रों को दी जाने वाली कर छूट और अन्य लाभों को और व्यापक बनाना है, अब राज्यसभा में विचार के लिए जाएगा। इस कदम से डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ देश में डेटा केंद्रों के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। डेटा केंद्रों का विकास न केवल तकनीकी अवसंरचना को सुदृढ़ करेगा, बल्कि रोजगार सृजन और विदेशी निवेश आकर्षित करने में भी सहायक होगा। इससे डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों को भी बल मिलेगा।
इस विधेयक का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि देश में डेटा केंद्रों की मांग तेजी से बढ़ रही है। डिजिटल लेन-देन, ऑनलाइन शिक्षा, दूरसंचार सेवाओं और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों के विस्तार के कारण डेटा केंद्रों की आवश्यकता और बढ़ गई है। सरकार द्वारा इस क्षेत्र को प्रोत्साहन देने से न केवल विदेशी कंपनियों को आकर्षित किया जा सकेगा, बल्कि देश के भीतर ही डेटा संरक्षण और सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। इससे डेटा स्थानीयकरण के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी, जो डेटा सुरक्षा और निजता के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस विधेयक के माध्यम से सरकार ने डेटा केंद्रों के लिए विशेष कराधान व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें जीएसटी में छूट और आयकर में रियायतें शामिल हैं। इससे न केवल डेटा केंद्रों की स्थापना में लगने वाली पूंजीगत लागत कम होगी, बल्कि उनके परिचालन में भी आसानी होगी। इसके अलावा, इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलने से तकनीकी नवाचार और कौशल विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे, जो देश की बेरोजगारी दर को कम करने में सहायक सिद्ध होंगे।
इस विधेयक का प्रभाव न केवल केंद्र सरकार की नीतियों पर दिखाई देगा, बल्कि राज्य स्तर पर भी इसका व्यापक असर पड़ेगा। राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर ड
स्रोत: Business Standard
अभ्यास प्रश्न
Q1. लोकसभा द्वारा पारित ‘डेटा सेंटर क्षेत्र को कराधान संशोधन विधेयक’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- डेटा सेंटर क्षेत्र में विदेशी निवेश को प्रतिबंधित करना
- डेटा सेंटर क्षेत्र के लिए कर प्रोत्साहन और रियायतें प्रदान करना
- डेटा सेंटर क्षेत्र में स्थानीय श्रमिकों के रोजगार को सीमित करना
- डेटा सेंटर क्षेत्र में आयात शुल्क को बढ़ाना
उत्तर
डेटा सेंटर क्षेत्र के लिए कर प्रोत्साहन और रियायतें प्रदान करना — इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य डेटा सेंटर क्षेत्र को कर प्रोत्साहन और रियायतें प्रदान करके इसे बढ़ावा देना है, जिससे देश में डेटा बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिल सके।
Q2. डेटा सेंटर क्षेत्र को कराधान संशोधन विधेयक के माध्यम से निम्नलिखित में से कौन-सा लाभ मिलने की संभावना है?
- विदेशी कंपनियों के लिए आयकर में वृद्धि
- स्थानीय स्तर पर निर्मित डेटा सेंटर उपकरणों पर कर में कमी
- डेटा सेंटर क्षेत्र में कर्मचारियों के वेतन में कटौती
- डेटा सेंटर क्षेत्र में निर्यात शुल्क में वृद्धि
उत्तर
स्थानीय स्तर पर निर्मित डेटा सेंटर उपकरणों पर कर में कमी — इस विधेयक के माध्यम से स्थानीय स्तर पर निर्मित डेटा सेंटर उपकरणों पर कर में कमी की संभावना है, जिससे क्षेत्र में निवेश आकर्षित हो सके।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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