28 Jul लोकसभा में आज परीक्षा सुधार विधेयक पर चर्चा शुरू होने की संभावना, संसद गतिरोध समाप्त
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — भारतीय राजव्यवस्था, संसद और राज्य विधायिका—संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय। | GS Paper II — सरकार की नीतियाँ और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय। | GS Paper III — आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे।
- Prelims: सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, संसदीय गतिरोध, लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका, संसदीय कार्यवाही, अध्यादेश की शक्ति, संसदीय विशेषाधिकार
- Essay: लोकतंत्र में विरोध का अधिकार और संसदीय कार्यवाही का महत्व।, भारत में शिक्षा सुधार और युवा सशक्तिकरण की चुनौतियाँ।
त्वरित पुनरावृत्ति: सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक का उद्देश्य पेपर लीक और अन्य अनुचित साधनों को रोककर सार्वजनिक परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखना है, जिसके लिए दोषियों को कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
संसद के मानसून सत्र में दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित ज्यादतियों को लेकर विपक्ष के विरोध के कारण गतिरोध बना हुआ था। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के हस्तक्षेप के बाद सरकार और विपक्ष के बीच एक सफलता मिली है, जिससे सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर चर्चा होने की संभावना है। यह विधेयक NEET-UG पेपर लीक और संबंधित मुद्दों को लेकर छात्रों के विरोध को शांत करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा घोषित उपायों का हिस्सा है, और इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।
पृष्ठभूमि
- संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू होने के बाद से ही दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित ज्यादतियों को लेकर विपक्ष के विरोध के कारण बाधित रहा है।
- विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस और उसके सहयोगी, गृह मंत्री अमित शाह से पुलिस कार्रवाई के संबंध में जवाब की मांग कर रहे थे।
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सरकार और विपक्ष दोनों से संपर्क साधा ताकि गतिरोध को समाप्त किया जा सके और संसदीय कार्यवाही को सामान्य किया जा सके।
- सरकार सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए दृढ़ थी, जिसे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेश किया था।
- विधेयक का उद्देश्य पेपर लीक और अन्य अनुचित साधनों के मामलों में दंड को बढ़ाना है, ताकि सार्वजनिक परीक्षाओं की शुचिता बनी रहे।
- विधेयक पर चर्चा के लिए छह घंटे का समय आवंटित किया गया है, जिसे सदन की इच्छा पर बढ़ाया जा सकता है, जिससे विपक्ष को अपनी आलोचना व्यक्त करने का अवसर मिलेगा।
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक क्या है?
- यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने और ऐसे कृत्यों में शामिल व्यक्तियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने के लिए लाया गया है।
- इसका मुख्य उद्देश्य पेपर लीक, धोखाधड़ी और अन्य अनियमितताओं के माध्यम से सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की अखंडता से समझौता करने वाले तत्वों को हतोत्साहित करना है।
- विधेयक में परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं, सेवा प्रदाताओं और अन्य संबंधित पक्षों द्वारा किए गए उल्लंघनों के लिए भी दंड का प्रावधान है।
- यह विधेयक उन छात्रों के हितों की रक्षा करना चाहता है जो अपनी योग्यता के आधार पर सफल होने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन अनुचित साधनों के कारण प्रभावित होते हैं।
- यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों को ऐसे मामलों की प्रभावी ढंग से जांच करने और दोषियों पर मुकदमा चलाने के लिए अधिक अधिकार प्रदान करेगा।
- यह विधेयक देश भर में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
संसदीय गतिरोध · लोक परीक्षा विधेयक · पेपर लीक · परीक्षा सुधार · संसदीय कार्यवाही · विधायी प्रक्रिया · लोकतंत्र · युवा सशक्तिकरण · नैतिक शासन · जवाबदेही
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. यह विधेयक केवल केंद्र सरकार द्वारा आयोजित परीक्षाओं पर लागू होता है।
2. इसका उद्देश्य पेपर लीक और अनुचित साधनों के उपयोग के लिए दंड बढ़ाना है।
3. इसे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा लोकसभा में पेश किया गया था।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: केवल 2 और 3 — कथन 1 गलत है क्योंकि विधेयक का उद्देश्य सभी सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकना है, न कि केवल केंद्र सरकार की परीक्षाओं में। कथन 2 और 3 सही हैं, क्योंकि विधेयक का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक जैसे अनुचित साधनों के लिए दंड बढ़ाना है और इसे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेश किया था।
Q2. भारतीय संसद में गतिरोध के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- संसदीय गतिरोध अक्सर विपक्ष द्वारा किसी विशेष मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही की मांग के कारण होता है।
- लोकसभा अध्यक्ष को गतिरोध को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अधिकार है।
- संसदीय कार्यवाही का बार-बार बाधित होना विधायी कार्यों में देरी का कारण बन सकता है।
- भारतीय संविधान के अनुसार, किसी भी विधेयक पर चर्चा के लिए न्यूनतम 15 दिनों का समय अनिवार्य है।
उत्तर: भारतीय संविधान के अनुसार, किसी भी विधेयक पर चर्चा के लिए न्यूनतम 15 दिनों का समय अनिवार्य है। — विकल्प D सही नहीं है। भारतीय संविधान या संसदीय नियमों में किसी विधेयक पर चर्चा के लिए न्यूनतम 15 दिनों का समय अनिवार्य नहीं है। चर्चा का समय सदन के नियमों और कार्य मंत्रणा समिति द्वारा तय किया जाता है। अन्य सभी कथन सही हैं और संसदीय गतिरोध की सामान्य विशेषताओं का वर्णन करते हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ संसदीय गतिरोध भारतीय लोकतंत्र के लिए एक गंभीर चुनौती प्रस्तुत करता है। लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 के संदर्भ में, संसदीय गतिरोध के कारणों और इसके समाधान के लिए अपनाए जा सकने वाले उपायों का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।
रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में संसदीय गतिरोध के कारणों की पहचान करें, जैसे सरकार और विपक्ष के बीच विश्वास की कमी, महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेद, और विरोध प्रदर्शन की रणनीति। दूसरे भाग में, लोक परीक्षा विधेयक के संदर्भ में गतिरोध के विशिष्ट पहलुओं पर चर्चा करें। तीसरे भाग में, गतिरोध को हल करने के लिए प्रभावी उपायों का सुझाव दें, जैसे कि अध्यक्ष की भूमिका, सर्वदलीय बैठकें, रचनात्मक बहस को बढ़ावा देना और विधायी प्रक्रिया में पारदर्शिता। निष्कर्ष में, संसदीय कार्यप्रणाली के महत्व और लोकतंत्र के सुचारू संचालन के लिए इसके निहितार्थों पर जोर दें।
स्रोत: Times of India
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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