विशेष अभियान 6: रेलवे में लंबित मामलों के निपटान और स्वच्छता को संस्थागत रूप देने की तैयारी शुरू, जानिए पूरी योजना

रेलवे से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे और स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए विशेष अभियान 6 की तैयारियां जारी — diagram

विशेष अभियान 6: रेलवे में लंबित मामलों के निपटान और स्वच्छता को संस्थागत रूप देने की तैयारी शुरू, जानिए पूरी योजना

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विशेष अभियान 6

✎ विशेष अभियान 6 (SCDPM 6) केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों के निपटान और स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए एक राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार करना है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, नागरिक चार्टर  |  GS Paper III — आधारभूत संरचना: रेलवे, सुशासन  |  GS Paper IV — लोक प्रशासन में नैतिकता, जवाबदेही
  • Prelims: विशेष अभियान 6 (SCDPM 6), प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG), ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022, सामान्य वित्तीय नियम (GFR), रेल जन संवाद
  • Essay: सुशासन और नागरिक केंद्रित प्रशासन, स्वच्छता: एक राष्ट्रीय प्राथमिकता

त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 6 (SCDPM 6) केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों के निपटान और स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए एक राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार करना है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

केंद्र सरकार ने सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों को कम करने के लिए विशेष अभियान 6 की शुरुआत की है। रेल मंत्रालय इस अभियान के सफल कार्यान्वयन के लिए पूरी तरह से तैयार है, जिसमें ई-कचरा, स्क्रैप और लंबित मामलों के निपटान तथा स्थान प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जाएगा।

पृष्ठभूमि

  • विशेष अभियान 6 (SCDPM 6) केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों के निपटान और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी अभियान है।
  • यह अभियान दो चरणों में संचालित होगा: पहला चरण (15-30 सितंबर, 2026) लक्ष्यों के निर्धारण के लिए है, जबकि मुख्य कार्यान्वयन चरण 2 से 31 अक्टूबर, 2026 तक चलेगा।
  • प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) इस अभियान के लिए नोडल एजेंसी है और इसने सभी क्षेत्रीय इकाइयों को विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं।
  • रेल मंत्रालय ने पिछले अभियान 5.0 में सार्वजनिक शिकायतों और अन्य लंबित मामलों के समाधान में शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर महत्वपूर्ण प्रगति दिखाई थी, जिसमें 6.06 लाख वर्ग फुट स्थान का उपयोग और 570 करोड़ रुपए का राजस्व सृजन शामिल था।
  • इस अभियान में ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुसार ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
  • सामान्य वित्तीय नियमों (GFR) के तहत स्क्रैप निपटान, कार्यालय परिसर का सौंदर्यीकरण, प्रक्रिया/नियमों का सरलीकरण और लंबित मामलों का निपटान भी अभियान के प्रमुख फोकस क्षेत्र हैं।

विशेष अभियान 6 (SCDPM 6) क्या है?

  • यह केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने और स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए चलाया गया एक विशेष अभियान है।
  • इसका उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता में सुधार करना, सार्वजनिक सेवाओं को सुव्यवस्थित करना और कार्यस्थलों को स्वच्छ बनाना है।
  • अभियान में ई-कचरा प्रबंधन, स्क्रैप निपटान, स्थान प्रबंधन, फाइल निपटान और कार्यालय परिसर के सौंदर्यीकरण जैसे पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
  • रेल मंत्रालय ने इस अभियान के समन्वय के लिए 150 से अधिक नोडल अधिकारियों को नामित किया है, जो दैनिक आधार पर प्रगति की निगरानी करेंगे।
  • अभियान के दौरान ‘रेल जन संवाद’ का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य जन सहभागिता को बढ़ाना और नागरिकों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करना है।
  • यह अभियान सुशासन (Good Governance) और नागरिक केंद्रित प्रशासन (Citizen-Centric Administration) के सिद्धांतों को बढ़ावा देता है।
  • DARPG केंद्रीय SCDPM निगरानी पोर्टल के माध्यम से वास्तविक समय में अभियान की गतिविधियों की निगरानी करता है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
विशेष अभियान 6 (SCDPM 6) सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने और स्वच्छता को संस्थागत रूप देने हेतु केंद्र सरकार का एक राष्ट्रव्यापी अभियान।
दो-चरणीय कार्यान्वयन पहला चरण (15-30 सितंबर, 2026) लक्ष्यों के निर्धारण के लिए, जबकि दूसरा चरण (2-31 अक्टूबर, 2026) मुख्य कार्यान्वयन के लिए है।
रेल मंत्रालय की भागीदारी रेल मंत्रालय की सभी क्षेत्रीय इकाइयाँ, संबद्ध कार्यालय, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और स्वायत्त निकाय इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
नोडल अधिकारियों की नियुक्ति अभियान की गतिविधियों की निगरानी और समन्वय के लिए भारतीय रेलवे में 150 से अधिक नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।
फोकस क्षेत्र ई-कचरा प्रबंधन, स्क्रैप निपटान, कार्यालय परिसर का सौंदर्यीकरण, प्रक्रियाओं का सरलीकरण और लंबित मामलों का निपटान।
जन सहभागिता नागरिकों के साथ सार्थक संवाद को बढ़ावा देने के लिए ‘रेल जन संवाद’ का आयोजन किया जाएगा।

महत्व

शासन और प्रशासन

  • यह अभियान सरकारी कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने पर केंद्रित है, जिससे नागरिकों को बेहतर सेवाएँ मिल सकेंगी।
  • लंबित मामलों का निपटारा और प्रक्रियाओं का सरलीकरण ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के सिद्धांत को मजबूत करता है।
  • स्वच्छता को संस्थागत रूप देना कार्यस्थलों पर सकारात्मक माहौल बनाता है और कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाता है।

आर्थिक महत्व

  • स्क्रैप और ई-कचरे के निपटान से राजस्व सृजन होता है, जैसा कि पिछले अभियान में 570 करोड़ रुपये के राजस्व से स्पष्ट है।
  • स्थान प्रबंधन और अनुपयोगी स्थान का उपयोग सरकारी संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित करता है, जिससे लागत में कमी आती है।

पर्यावरण और सामाजिक प्रभाव

  • ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 का पालन पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
  • स्वच्छता अभियान सार्वजनिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल के वातावरण में सुधार करता है।
  • ‘रेल जन संवाद’ जैसे कार्यक्रम जन सहभागिता को बढ़ावा देते हैं और सरकार तथा नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ाते हैं।

चुनौतियाँ

1. कार्यान्वयन में एकरूपता का अभाव

  • विभिन्न क्षेत्रीय इकाइयों और कार्यालयों में अभियान के लक्ष्यों को प्राप्त करने की क्षमता अलग-अलग हो सकती है।
  • जमीनी स्तर पर कर्मचारियों को प्रेरित करना और उन्हें अभियान के उद्देश्यों के प्रति संवेदनशील बनाना एक चुनौती हो सकती है।

2. लंबित मामलों की पहचान और वर्गीकरण

  • विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों की सटीक पहचान और उनके निपटान के लिए उचित प्राथमिकता निर्धारित करना जटिल हो सकता है।
  • पुराने और जटिल मामलों के निपटान में अधिक समय और संसाधनों की आवश्यकता हो सकती है।

3. ई-कचरा और स्क्रैप निपटान की चुनौतियाँ

  • ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुसार ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान के लिए विशेष बुनियादी ढाँचे और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।
  • स्क्रैप सामग्री के उचित मूल्यांकन और निपटान में पारदर्शिता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

4. तकनीकी एकीकरण और निगरानी

  • वास्तविक समय में प्रगति की निगरानी के लिए केंद्रीय SCSPM निगरानी पोर्टल में डेटा प्रविष्टि और उसके विश्लेषण में तकनीकी बाधाएँ आ सकती हैं।
  • विभिन्न इकाइयों से डेटा एकत्र करने और उसे समेकित करने में सटीकता सुनिश्चित करना।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
मानव संसाधन की कमी अभियान के लिए अतिरिक्त कार्यबल की आवश्यकता हो सकती है, जो मौजूदा कर्मचारियों पर बोझ बढ़ा सकता है।
तकनीकी बुनियादी ढाँचा दूरस्थ या छोटे कार्यालयों में ई-कचरा प्रबंधन और डिजिटल निगरानी के लिए पर्याप्त तकनीकी सुविधाएँ उपलब्ध न होना।
स्थायी परिवर्तन का अभाव अभियान समाप्त होने के बाद स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटान की गति को बनाए रखना।
निगरानी और जवाबदेही नोडल अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत डेटा की सत्यता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
जन सहभागिता की सीमाएँ ‘रेल जन संवाद’ में सभी नागरिकों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना और उनकी चिंताओं का समाधान करना।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • विशेष अभियान 6 (SCDPM 6)
  • ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022

आगे की राह

  • अभियान के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी स्तरों पर कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण और संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ।
  • लंबित मामलों के निपटान के लिए एक मानकीकृत प्रक्रिया विकसित की जाए, जिसमें प्राथमिकता और समय-सीमा स्पष्ट रूप से परिभाषित हों।
  • ई-कचरा और स्क्रैप निपटान के लिए आधुनिक तकनीकों और प्रमाणित एजेंसियों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
  • केंद्रीय निगरानी पोर्टल को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया जाए तथा डेटा प्रविष्टि और विश्लेषण में सटीकता सुनिश्चित करने के लिए तंत्र विकसित किए जाएँ।
  • अभियान के बाद भी स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटान की प्रक्रिया को जारी रखने के लिए स्थायी तंत्र स्थापित किए जाएँ।
  • ‘रेल जन संवाद’ जैसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित किया जाए और नागरिकों की प्रतिक्रिया को नीति निर्माण में शामिल किया जाए।
  • अभियान की सफलता का मूल्यांकन करने के लिए एक स्वतंत्र ऑडिट तंत्र स्थापित किया जाए, ताकि भविष्य के अभियानों में सुधार किया जा सके।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

विशेष अभियान · स्वच्छता अभियान · लंबित मामलों का निपटान · ई-कचरा प्रबंधन · स्क्रैप निपटान · प्रशासनिक सुधार · लोक शिकायत निवारण · रेल जन संवाद · सरकारी दक्षता · डिजिटल निगरानी

अवधारणा प्रवाह

केंद्र सरकार द्वारा विशेष अभियान 6 की शुरुआत  →  रेल मंत्रालय द्वारा अभियान में सक्रिय भागीदारी  →  ई-कचरा, स्क्रैप और लंबित मामलों के निपटान पर जोर  →  नोडल अधिकारियों द्वारा दैनिक प्रगति की निगरानी  →  DARPG के केंद्रीय पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि  →  वास्तविक समय में निगरानी और उच्च स्तरीय समीक्षा  →  सरकारी कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता में वृद्धि

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. विशेष अभियान 6 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह अभियान केवल रेल मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा है।
2. इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करना और स्वच्छता को संस्थागत रूप देना है।
3. ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 के तहत ई-कचरे का प्रभावी निपटान इस अभियान का एक प्रमुख फोकस क्षेत्र है।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 गलत है क्योंकि यह केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया एक व्यापक अभियान है, जिसमें रेल मंत्रालय एक भागीदार है। कथन 2 सही है क्योंकि ये अभियान के मुख्य उद्देश्य हैं। कथन 3 सही है क्योंकि ई-कचरा निपटान इस अभियान के फोकस क्षेत्रों में से एक है।

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से ‘विशेष अभियान 6’ के उद्देश्यों में शामिल है/हैं?
1. सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों का निपटान।
2. स्वच्छता को संस्थागत रूप देना।
3. ई-कचरा और स्क्रैप का प्रभावी निपटान।
4. सार्वजनिक शिकायतों का निवारण।
सही विकल्प चुनिए:

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2, 3 और 4
  3. केवल 1, 3 और 4
  4. 1, 2, 3 और 4

उत्तर: 1, 2, 3 और 4 — विशेष अभियान 6 का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों का निपटान, स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, ई-कचरा और स्क्रैप का प्रभावी निपटान तथा सार्वजनिक शिकायतों का निवारण करना है। ये सभी बिंदु अभियान के लक्ष्यों का हिस्सा हैं।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘विशेष अभियान’ जैसे पहलें सरकारी दक्षता और लोक शिकायत निवारण में किस प्रकार सहायक सिद्ध होती हैं? ‘विशेष अभियान 6’ के संदर्भ में इसके प्रमुख घटकों और संभावित प्रभावों का विश्लेषण कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: ‘विशेष अभियान’ की अवधारणा और इसके व्यापक उद्देश्य (सरकारी दक्षता, लंबित मामलों का निपटान, स्वच्छता) का संक्षिप्त परिचय।
2. सरकारी दक्षता में सहायता: इन अभियानों से प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण, निर्णय लेने में तेजी, संसाधनों का बेहतर उपयोग और कार्य संस्कृति में सुधार कैसे होता है, इस पर प्रकाश डालें।
3. लोक शिकायत निवारण में भूमिका: सार्वजनिक शिकायतों के त्वरित समाधान, पारदर्शिता में वृद्धि और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने में इन अभियानों के महत्व को समझाएं।
4. ‘विशेष अभियान 6’ के प्रमुख घटक: ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 के तहत ई-कचरा निपटान, सामान्य वित्तीय नियमों (GFR) के तहत स्क्रैप निपटान, कार्यालय परिसर का सौंदर्यीकरण, प्रक्रिया/नियमों का सरलीकरण और ‘रेल जन संवाद’ जैसे विशिष्ट बिंदुओं का उल्लेख करें।
5. संभावित प्रभाव: अभियान से अपेक्षित परिणाम जैसे राजस्व सृजन (पिछले अभियानों के उदाहरण), स्थान का उपयोग, पर्यावरण संरक्षण (ई-कचरा), और नागरिक सहभागिता में वृद्धि पर चर्चा करें।
6. चुनौतियाँ और सुझाव: इन अभियानों की निरंतरता, निगरानी की प्रभावशीलता और जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करने की चुनौतियों पर संक्षिप्त चर्चा।
7. निष्कर्ष: शासन में सुधार और जवाबदेही बढ़ाने में ऐसे अभियानों के दीर्घकालिक महत्व पर बल।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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