27 Jul लोकसभा में पेपर लीक रोकथाम विधेयक: जानिए क्या हैं नए प्रावधान
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity
**केन्द्र सरकार द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत किये गये कागज़-पत्र लीक विरोधी विधेयक के प्रमुख प्रावधान और इसकी परीक्षा दृष्टि**
हाल ही में केन्द्र सरकार ने लोकसभा में एक महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत किया है, जिसका उद्देश्य परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है। इस विधेयक में लीक मामलों में शामिल व्यक्तियों को दस वर्ष तक की सज़ा और पाँच करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा आयोजित कराने वाले अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरतने पर भी कठोर दंड का प्रस्ताव है। विधेयक में लीक सामग्री के प्रसार और उसके माध्यम से लाभ कमाने वालों के खिलाफ भी समान रूप से कार्रवाई का प्रावधान है। यह कदम देश में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने तथा युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
इस विधेयक का सीधा सम्बन्ध भारतीय संविधान के नीति-निदेशक तत्वों, विशेषकर अनुच्छेद 51(ए) के मूल कर्तव्यों से है, जिसमें नागरिकों को राष्ट्र की सम्पत्ति की सुरक्षा तथा सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी बनाये रखने की शिक्षा दी गयी है। इसके साथ ही, यह विधेयक शिक्षा के अधिकार (आरटीई अधिनियम, 2009) तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जो गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली पर बल देते हैं। विधेयक में प्रस्तावित कठोर दण्ड व्यवस्था से न केवल परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को भी बल मिलेगा।
यूपीएससी तथा राज्य पीसीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह विधेयक अत्यन्त प्रासंगिक है, क्योंकि इन परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने पिछले वर्षों में गम्भीर चिन्ता उत्पन्न की है। इस विधेयक के माध्यम से सरकार ने परीक्षा सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट की है, जो सीधे तौर पर इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थियों के हित
स्रोत: Business Standard
अभ्यास प्रश्न
Q1. हाल ही में लोकसभा में पेश किए गए ‘प्रतिरूप (पेपर लीक) रोकथाम विधेयक, 2024’ के अनुसार, पेपर लीक करने वाले व्यक्तियों को अधिकतम कितनी सजा का प्रावधान है?
- 5 साल तक की सजा
- 7 साल तक की सजा
- 10 साल तक की सजा
- आजीवन कारावास
उत्तर
10 साल तक की सजा — प्रतिरूप (पेपर लीक) रोकथाम विधेयक, 2024 के अनुसार, पेपर लीक करने वाले व्यक्तियों को अधिकतम 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। यह विधेयक पेपर लीक की रोकथाम के लिए कठोर दंड का प्रस्ताव करता है।
Q2. ‘प्रतिरूप (पेपर लीक) रोकथाम विधेयक, 2024’ में किन संस्थानों को शामिल किया गया है?
- केवल केंद्रीय बोर्ड (जैसे CBSE, JEE)
- राज्य बोर्ड और विश्वविद्यालय
- केवल विश्वविद्यालय
- केंद्र और राज्य दोनों स्तर के बोर्ड एवं विश्वविद्यालय
उत्तर
केंद्र और राज्य दोनों स्तर के बोर्ड एवं विश्वविद्यालय — इस विधेयक में केंद्र और राज्य दोनों स्तर के शिक्षा बोर्ड एवं विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य सभी स्तरों पर पेपर लीक की रोकथाम सुनिश्चित करना है।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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