30 Aug मोदी बोले: पीएम स्वनिधि योजना में 46% लाभार्थी महिलाएं, जानिए पूरा विवरण
✎ पीएम स्वनिधि योजना स्ट्रीट वेंडरों को कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिसमें महिला लाभार्थियों की भागीदारी उल्लेखनीय है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, सामाजिक न्याय | GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था, समावेशन
- Prelims: पीएम स्वनिधि योजना, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय, सूक्ष्म ऋण, आत्मनिर्भर भारत, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल लेनदेन
- Essay: भारत में महिला सशक्तिकरण: चुनौतियाँ और अवसर, समावेशी विकास के लिए सरकारी योजनाएँ
त्वरित पुनरावृत्ति: पीएम स्वनिधि योजना स्ट्रीट वेंडरों को कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिसमें महिला लाभार्थियों की भागीदारी उल्लेखनीय है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री ने हाल ही में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बताया कि पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) योजना के लाभार्थियों में 46% महिलाएँ हैं। यह आँकड़ा योजना की समावेशिता और महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने में इसकी सफलता को दर्शाता है।
पृष्ठभूमि
- भारत में स्ट्रीट वेंडर (Street Vendors) अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो लाखों लोगों को आजीविका प्रदान करते हैं।
- कोविड-19 महामारी के कारण इन विक्रेताओं की आजीविका पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ा था, जिससे उन्हें अपने व्यवसाय को फिर से शुरू करने के लिए पूंजी की आवश्यकता थी।
- पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली से छोटे स्ट्रीट वेंडरों के लिए ऋण प्राप्त करना अक्सर मुश्किल होता है, क्योंकि उनके पास आवश्यक संपार्श्विक (Collateral) या दस्तावेज़ नहीं होते हैं।
- सरकार ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत छोटे व्यवसायों और अनौपचारिक क्षेत्र को समर्थन देने के उद्देश्य से कई पहलें शुरू की हैं।
- महिलाएँ अक्सर छोटे व्यवसायों में संलग्न होती हैं, लेकिन उन्हें वित्तीय संसाधनों तक पहुँचने में अधिक बाधाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके आर्थिक सशक्तिकरण में बाधा आती है।
पीएम स्वनिधि योजना क्या है?
- पीएम स्वनिधि (प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि) योजना आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) द्वारा 1 जून, 2020 को शुरू की गई एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।
- इसका उद्देश्य स्ट्रीट वेंडरों को अपना व्यवसाय फिर से शुरू करने और उसे बढ़ाने के लिए कार्यशील पूंजी ऋण (Working Capital Loan) प्रदान करना है।
- यह योजना ₹10,000 तक का पहला कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करती है, जिसे एक वर्ष में मासिक किस्तों में चुकाया जा सकता है। समय पर या जल्दी चुकाने पर 7% प्रति वर्ष की ब्याज सब्सिडी (Interest Subsidy) प्रदान की जाती है।
- डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए, योजना के तहत डिजिटल लेनदेन करने वाले विक्रेताओं को ₹1,200 प्रति वर्ष तक का कैशबैक (Cashback) प्रोत्साहन भी मिलता है।
- पहले ऋण के समय पर पुनर्भुगतान पर, विक्रेता ₹20,000 और फिर ₹50,000 तक के दूसरे और तीसरे ऋण के लिए पात्र हो जाते हैं, जिससे उनके व्यवसाय के विस्तार में मदद मिलती है।
- इस योजना का लक्ष्य स्ट्रीट वेंडरों को औपचारिक शहरी अर्थव्यवस्था में एकीकृत करना और उन्हें वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) के दायरे में लाना है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| PM SVANidhi योजना | यह योजना रेहड़ी-पटरी वालों को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए ऋण प्रदान करती है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। |
| महिला लाभार्थियों का उच्च प्रतिशत | योजना के कुल लाभार्थियों में 46% महिलाएं हैं, जो महिला उद्यमिता और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती हैं। |
| नशा-मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान | युवाओं को नशीली दवाओं की लत से बचाने और एक स्वस्थ एवं उत्पादक समाज के निर्माण का लक्ष्य रखता है। |
| वोकल फॉर लोकल | स्थानीय उत्पादों की खरीद को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करता है और घरेलू उद्योगों को सशक्त बनाता है। |
| एवोकाडो की स्थानीय खेती | किसानों के लिए आय के नए स्रोत खोलता है और कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देता है। |
महत्व
आर्थिक महत्व
- PM SVANidhi योजना के तहत महिला लाभार्थियों की उच्च संख्या (35 लाख) छोटे व्यवसायों में महिलाओं की भागीदारी और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ाती है।
- यह योजना रेहड़ी-पटरी वालों को पूंजी तक पहुंच प्रदान करके अनौपचारिक क्षेत्र को औपचारिक बनाने और वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा देने में मदद करती है।
- ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान घरेलू उत्पादन और खपत को प्रोत्साहित करके आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को गति देता है, जिससे आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य प्राप्त होता है।
सामाजिक महत्व
- नशा-मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान युवाओं को नशीली दवाओं के दुरुपयोग से बचाकर समाज के स्वास्थ्य और उत्पादकता में सुधार करता है।
- महिला उद्यमियों को सशक्त बनाना लैंगिक समानता (Gender Equality) और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में अधिक भूमिका निभाने में सक्षम बनाता है।
- स्थानीय सामग्री निर्माताओं को विभिन्न भाषाओं में नशामुक्ति पर सामग्री बनाने के लिए प्रोत्साहित करना जन जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक बुराइयों से लड़ने में मदद करता है।
शासन और नीति महत्व
- PM SVANidhi जैसी योजनाएं सरकार की समावेशी विकास (Inclusive Growth) की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जो समाज के वंचित वर्गों पर ध्यान केंद्रित करती हैं।
- ‘मन की बात’ जैसे मंचों का उपयोग महत्वपूर्ण सरकारी अभियानों और नीतियों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए किया जाता है, जिससे नागरिक भागीदारी को बढ़ावा मिलता है।
- कृषि विविधीकरण (Agricultural Diversification) और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एवोकाडो जैसी नई फसलों की खेती को बढ़ावा देना कृषि नीतियों का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
चुनौतियाँ
1. योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
- दूरदराज के क्षेत्रों और सबसे वंचित लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना एक चुनौती है।
- ऋण चुकाने की क्षमता और डिफ़ॉल्ट दरों का प्रबंधन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है ताकि योजना की स्थिरता बनी रहे।
यूपीएससी लिंक: शासन, सामाजिक न्याय
2. नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटना
- नशीली दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना और सीमा पार से होने वाली तस्करी को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती है।
- नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों के लिए पर्याप्त पुनर्वास और परामर्श सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक मुद्दे, आंतरिक सुरक्षा
3. वोकल फॉर लोकल का क्रियान्वयन
- स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता को वैश्विक मानकों तक बढ़ाना।
- उपभोक्ताओं के बीच ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों के प्रति विश्वास और प्राथमिकता को और मजबूत करना।
यूपीएससी लिंक: अर्थव्यवस्था, उद्योग
4. कृषि क्षेत्र में चुनौतियाँ
- नई फसलों जैसे एवोकाडो की खेती के लिए किसानों को तकनीकी जानकारी और बाजार पहुंच प्रदान करना।
- जलवायु परिवर्तन और कीटों के हमलों से फसलों को बचाना तथा किसानों की आय की स्थिरता सुनिश्चित करना।
यूपीएससी लिंक: कृषि, अर्थव्यवस्था
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| ऋण पुनर्भुगतान तनाव | PM SVANidhi और PM Mudra Yojana जैसी योजनाओं में पश्चिम एशिया युद्ध जैसे बाहरी कारकों के कारण पुनर्भुगतान में तनाव की संभावना। |
| नशीली दवाओं की लत | युवाओं में नशीली दवाओं का बढ़ता चलन, जो उनके भविष्य और देश के विकास को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। |
| स्थानीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा | वैश्विक बाजार में आयातित उत्पादों के मुकाबले स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और मूल्य प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना। |
| कृषि विविधीकरण का विस्तार | नई फसलों की खेती के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षण और बाजार लिंकेज की कमी। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- PM SVANidhi योजना
- PM Mudra Yojana
आगे की राह
- PM SVANidhi योजना के तहत महिला लाभार्थियों की संख्या को और बढ़ाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
- नशा-मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय स्वयंसेवकों को शामिल किया जाए।
- स्थानीय सामग्री निर्माताओं को नशामुक्ति और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे विषयों पर उच्च गुणवत्ता वाली, बहुभाषी सामग्री बनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु मंच और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
- स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और ब्रांडिंग में सुधार के लिए तकनीकी सहायता और विपणन रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
- एवोकाडो जैसी नई फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को उन्नत बीज, प्रशिक्षण और बाजार से सीधा जुड़ाव प्रदान किया जाए।
- वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के लिए डिजिटल भुगतान और बैंकिंग सेवाओं तक रेहड़ी-पटरी वालों की पहुंच को और सुगम बनाया जाए।
- योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली को मजबूत किया जाए ताकि वास्तविक लाभार्थियों तक लाभ पहुंच सके।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
पीएम स्वनिधि योजना · महिला सशक्तिकरण · सूक्ष्म-उद्यमिता · वित्तीय समावेशन · आत्मनिर्भर भारत · स्थानीय के लिए मुखर · नशा मुक्त युवा · सामाजिक-आर्थिक विकास · शहरी स्ट्रीट वेंडर · क्रेडिट तक पहुंच
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 38’, ‘note’: ‘राज्य लोक कल्याण को बढ़ावा देगा’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 39’, ‘note’: ‘आजीविका के पर्याप्त साधन का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 46’, ‘note’: ‘कमजोर वर्गों के आर्थिक हितों को बढ़ावा’}
अवधारणा प्रवाह
PM SVANidhi योजना का क्रियान्वयन → रेहड़ी-पटरी वालों, विशेषकर महिलाओं को ऋण की उपलब्धता → छोटे व्यवसायों का विस्तार और आर्थिक सशक्तिकरण → वित्तीय समावेशन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा → आर्थिक संवृद्धि और सामाजिक विकास में योगदान
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. पीएम स्वनिधि योजना का उद्देश्य शहरी स्ट्रीट वेंडरों को कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करना है।
2. इस योजना के तहत महिला लाभार्थियों का प्रतिशत 50% से अधिक है।
3. यह योजना केवल फल और सब्जी विक्रेताओं के लिए है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल एक — कथन 1 सही है क्योंकि पीएम स्वनिधि योजना शहरी स्ट्रीट वेंडरों को कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करती है। कथन 2 गलत है क्योंकि खबर के अनुसार महिला लाभार्थियों का प्रतिशत 46% है, जो 50% से कम है। कथन 3 गलत है क्योंकि यह योजना सभी प्रकार के स्ट्रीट वेंडरों के लिए है, न कि केवल फल और सब्जी विक्रेताओं के लिए।
Q2. पीएम स्वनिधि योजना के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के स्ट्रीट वेंडरों के लिए है।
- यह आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जाती है।
- इसके तहत केवल 10,000 रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है।
- इसका मुख्य उद्देश्य बड़े व्यवसायों को बढ़ावा देना है।
उत्तर: यह आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जाती है। — पीएम स्वनिधि योजना आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) द्वारा कार्यान्वित की जाती है। यह शहरी स्ट्रीट वेंडरों के लिए है, न कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए। इसमें 10,000 रुपये से शुरू होकर बाद के चरणों में अधिक ऋण का प्रावधान है, और इसका उद्देश्य छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाना है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ पीएम स्वनिधि योजना ने शहरी स्ट्रीट वेंडरों के वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) और महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) में किस प्रकार योगदान दिया है? योजना की प्रमुख विशेषताओं और सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का विश्लेषण कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: पीएम स्वनिधि योजना का संक्षिप्त परिचय (कब शुरू हुई, उद्देश्य)।
2. वित्तीय समावेशन में योगदान:
– औपचारिक ऋण तक पहुंच का अभाव और योजना का महत्व।
– कम ब्याज दरों पर संपार्श्विक-मुक्त ऋण (Collateral-free loan) का प्रावधान।
– डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा और कैशबैक प्रोत्साहन।
– क्रेडिट स्कोर निर्माण में सहायता।
3. महिला सशक्तिकरण में योगदान:
– महिला लाभार्थियों का उच्च प्रतिशत (46%) और इसका महत्व।
– महिलाओं को अपने छोटे व्यवसायों का विस्तार करने में मदद।
– आर्थिक स्वतंत्रता और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि।
– सामाजिक स्थिति में सुधार।
4. प्रमुख विशेषताएँ:
– 10,000 रुपये से शुरू होने वाले कार्यशील पूंजी ऋण।
– समय पर पुनर्भुगतान पर ब्याज सब्सिडी।
– डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए कैशबैक।
– क्षमता निर्माण और कौशल विकास।
– दूसरे और तीसरे ऋण के लिए क्रमशः 20,000 और 50,000 रुपये तक की वृद्धि।
5. सामाजिक-आर्थिक प्रभाव:
– आजीविका सुरक्षा और आय में वृद्धि।
– अनौपचारिक क्षेत्र को औपचारिक बनाना।
– शहरी गरीबों के जीवन स्तर में सुधार।
– आत्मनिर्भरता को बढ़ावा।
6. निष्कर्ष: योजना की सफलता और भविष्य की संभावनाओं पर संतुलित दृष्टिकोण।
स्रोत: Mint
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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