01 Sep डिजिटल भारत निधि योजनाओं की समीक्षा: प्रमुख चुनौतियाँ और सुझाव
✎ डिजिटल भारत निधि (DBN) ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं तथा अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण सरकारी कोष है, जिसका उद्देश्य देश में डिजिटल समावेशन सुनिश्चित करना है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष | GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; सूचना प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टेक्नोलॉजी, बायो-टेक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषय; आधारभूत संरचना: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।
- Prelims: डिजिटल भारत निधि (DBN), सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (USOF), भारतनेट परियोजना, 4G संतृप्ति परियोजना, आकांक्षी जिले, दूरसंचार अवसंरचना
- Essay: डिजिटल समावेशन और ग्रामीण विकास, भारत में डिजिटल क्रांति की चुनौतियाँ और अवसर
त्वरित पुनरावृत्ति: डिजिटल भारत निधि (DBN) ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं तथा अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण सरकारी कोष है, जिसका उद्देश्य देश में डिजिटल समावेशन सुनिश्चित करना है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति ने डिजिटल भारत निधि (Digital Bharat Nidhi – DBN) के तहत योजनाओं/परियोजनाओं के प्रदर्शन की समीक्षा पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इस रिपोर्ट में भारतनेट (BharatNet) और सीमावर्ती तथा दूरस्थ क्षेत्रों में 4G मोबाइल परियोजनाओं सहित विभिन्न DBN-वित्तपोषित योजनाओं के कार्यान्वयन में हुई प्रगति और चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया है। समिति ने इन परियोजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए कई महत्वपूर्ण सिफारिशें भी की हैं, जो देश के सभी वंचित क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण हैं।
पृष्ठभूमि
- सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (Universal Service Obligation Fund – USOF) की स्थापना वर्ष 2002 में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु की गई थी।
- वर्ष 2024 में USOF का नाम बदलकर डिजिटल भारत निधि (DBN) कर दिया गया, जिसका उद्देश्य सभी वंचित क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं का समर्थन करना है।
- DBN का लक्ष्य दूरसंचार प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान एवं विकास (Research and Development – R&D) को भी बढ़ावा देना है।
- प्रमुख DBN-वित्तपोषित योजनाओं में भारतनेट परियोजना और सीमावर्ती तथा दूरस्थ क्षेत्रों में 4G मोबाइल परियोजनाएँ शामिल हैं।
- समिति ने भारतनेट के तहत सीमित प्रगति और उपयोग, सुरक्षा-संवेदनशील क्षेत्रों में कनेक्टिविटी परियोजनाओं में चुनौतियाँ, दूरस्थ और अछूते क्षेत्रों के लिए परियोजनाओं में सीमित कवरेज तथा सेवा गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की है।
डिजिटल भारत निधि (DBN) क्या है?
- डिजिटल भारत निधि (DBN) भारत सरकार द्वारा स्थापित एक कोष है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य देश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं तक पहुँच और उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
- यह पूर्ववर्ती सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (USOF) का नया नाम है, जिसे 2024 में डिजिटल समावेशन के व्यापक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पुनर्गठित किया गया था।
- DBN का मुख्य कार्य दूरसंचार सेवाओं के विस्तार और उन्नयन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहाँ वाणिज्यिक व्यवहार्यता कम होने के कारण निजी ऑपरेटर निवेश करने से हिचकिचाते हैं।
- यह कोष दूरसंचार प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान एवं विकास (R&D) को भी बढ़ावा देता है, जिससे स्वदेशी नवाचार और तकनीकी आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन मिलता है।
- DBN द्वारा वित्तपोषित प्रमुख परियोजनाओं में भारतनेट परियोजना शामिल है, जिसका उद्देश्य सभी ग्राम पंचायतों और गाँवों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करना है।
- यह नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, सीमावर्ती चौकियों और आकांक्षी जिलों जैसे सुरक्षा-संवेदनशील तथा वंचित क्षेत्रों में 4G मोबाइल कनेक्टिविटी के विस्तार का भी समर्थन करता है।
- DBN का वित्तपोषण दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से प्राप्त ‘सार्वभौमिक सेवा लेवी’ (Universal Service Levy) के माध्यम से होता है, जो उनके समायोजित सकल राजस्व (Adjusted Gross Revenue – AGR) का एक निश्चित प्रतिशत होता है।
- इसका प्रबंधन दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) द्वारा किया जाता है, जो परियोजनाओं के कार्यान्वयन और कोष के उपयोग की निगरानी करता है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| डिजिटल भारत निधि (Digital Bharat Nidhi) | ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना, अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना। |
| भारतनेट कार्यक्रम | देश की सभी ग्राम पंचायतों और गांवों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करना। |
| 4G मोबाइल परियोजनाएं | सीमावर्ती और दूरदराज के क्षेत्रों, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों और आकांक्षी जिलों में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना। |
| सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (Universal Service Obligation Fund) | 2002 में स्थापित, ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं के लिए वित्तीय सहायता का मूल उद्देश्य। |
| पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए व्यापक दूरसंचार विकास योजना | पूर्वोत्तर राज्यों में दूरसंचार बुनियादी ढांचे का विस्तार करना। |
महत्व
सामाजिक महत्व
- डिजिटल भारत निधि के तहत परियोजनाएं दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल विभाजन (Digital Divide) को कम करने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण हैं।
- बेहतर कनेक्टिविटी शिक्षा, स्वास्थ्य और ई-शासन (e-governance) सेवाओं तक पहुंच में सुधार करती है, जिससे नागरिकों के जीवन स्तर में वृद्धि होती है।
आर्थिक महत्व
- ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है, ई-कॉमर्स (e-commerce) और डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन मिलता है।
- दूरसंचार बुनियादी ढांचे का विस्तार नए रोजगार के अवसर पैदा करता है और स्थानीय व्यवसायों को समर्थन देता है।
रणनीतिक महत्व
- सीमावर्ती और सुरक्षा-संवेदनशील क्षेत्रों में 4G कनेक्टिविटी सुरक्षा बलों के लिए संचार को मजबूत करती है और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देती है।
- डिजिटल समावेशन से सरकार की योजनाओं और नीतियों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित होता है, जिससे सुशासन (Good Governance) को बढ़ावा मिलता है।
चुनौतियाँ
1. सीमित प्रगति और उपयोग
- भारतनेट कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायतों में कार्यात्मक कनेक्शन का कम प्रतिशत।
- निविदाओं को अंतिम रूप देने में देरी, कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ विवाद और भूमि अधिग्रहण में बाधाएं।
यूपीएससी लिंक: बुनियादी ढांचा, सरकारी नीतियां और हस्तक्षेप
2. सुरक्षा-संवेदनशील क्षेत्रों में कनेक्टिविटी चुनौतियाँ
- वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों और सीमा चौकियों पर टावरों को चालू करने में देरी।
- कठिन भूभाग, सुरक्षा बाधाएं और वन मंजूरी में विलंब।
यूपीएससी लिंक: आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन
3. दूरस्थ और अछूते क्षेत्रों में सेवा की गुणवत्ता
- 4G संतृप्ति परियोजना और आकांक्षी जिलों में टावरों को चालू करने में धीमी प्रगति।
- कवरेज अंतराल, कमजोर सिग्नल शक्ति और डुप्लिकेट बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दे।
यूपीएससी लिंक: बुनियादी ढांचा, सामाजिक क्षेत्र की सेवाएं
4. पूर्वोत्तर क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की तैनाती
- पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए व्यापक दूरसंचार विकास योजना के तहत टावरों की स्थापना में चुनौतियाँ।
- कठिन भूभाग, उग्रवाद के मुद्दे और सड़क विस्तार के कारण ऑप्टिकल फाइबर को बार-बार स्थानांतरित करने की आवश्यकता।
यूपीएससी लिंक: पूर्वोत्तर का विकास, क्षेत्रीय असमानताएं
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| भारतनेट में कम उपयोग | ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं तक पहुंच का अभाव, निवेश का पूर्ण लाभ न मिलना। |
| परियोजनाओं में देरी | लागत में वृद्धि, नागरिकों को सेवाओं से वंचित रखना, विकास लक्ष्यों में बाधा। |
| सेवा की खराब गुणवत्ता | कनेक्टिविटी के बावजूद प्रभावी उपयोग में कमी, डिजिटल समावेशन का लक्ष्य अधूरा। |
| समन्वय की कमी | विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच तालमेल का अभाव, जिससे परियोजनाओं में बाधाएं आती हैं। |
| भू-राजनीतिक/सुरक्षा संबंधी बाधाएँ | सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की तैनाती में अतिरिक्त चुनौतियाँ। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- डिजिटल भारत निधि (Digital Bharat Nidhi)
- भारतनेट कार्यक्रम (BharatNet Programme)
- 4G संतृप्ति परियोजना (4G Saturation Project)
- आकांक्षी जिले योजना (Aspirational Districts Scheme)
आगे की राह
- राज्य-वार प्रदर्शन ऑडिट (Performance Audit) आयोजित करना और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
- घरेलू कनेक्शन बढ़ाकर और अप्रयुक्त नेटवर्क क्षमता को लीज पर देकर उपयोगिता बढ़ाना।
- निविदा और अनुबंधों को समय पर अंतिम रूप देना तथा कार्यान्वयन एजेंसियों की क्षमता बढ़ाना।
- कार्यान्वयन एजेंसियों को लॉजिस्टिक (Logistical) और सुरक्षा सहायता प्रदान करना।
- विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच समन्वय तंत्र स्थापित करना ताकि मंजूरी में तेजी लाई जा सके।
- क्षेत्र-स्तरीय कार्यान्वयन को मजबूत करना और ऑडिट (Audit) निष्कर्षों पर त्वरित कार्रवाई करना।
- दूरसंचार अवसंरचना के लिए वन और भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
डिजिटल भारत निधि · सार्वभौमिक सेवा दायित्व कोष · भारतनेट परियोजना · दूरसंचार अवसंरचना · डिजिटल कनेक्टिविटी · ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्र · 4G संतृप्ति परियोजना · आकांक्षी जिले · समग्र दूरसंचार विकास योजना · संसदीय स्थायी समिति
अवधारणा प्रवाह
सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि की स्थापना (2002) → डिजिटल भारत निधि के रूप में नामकरण (2024) → डिजिटल भारत निधि द्वारा विभिन्न परियोजनाओं को वित्तपोषण → संसदीय समिति द्वारा परियोजनाओं के प्रदर्शन की समीक्षा → कार्यान्वयन में चुनौतियाँ और कमियाँ उजागर → समिति द्वारा सुधारों और सिफारिशों का प्रस्ताव → डिजिटल समावेशन और सुशासन की दिशा में प्रयास
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. डिजिटल भारत निधि (DBN) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसे वर्ष 2002 में सार्वभौमिक सेवा दायित्व कोष (Universal Service Obligation Fund – USOF) के रूप में स्थापित किया गया था।
2. इसका मुख्य उद्देश्य केवल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
3. यह दूरसंचार प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान और विकास (R&D) का भी समर्थन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि DBN को 2002 में USOF के रूप में स्थापित किया गया था और 2024 में इसका नाम बदलकर DBN कर दिया गया। कथन 2 गलत है क्योंकि DBN का उद्देश्य सभी सेवा-वंचित क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं का समर्थन करना है, न कि केवल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में। कथन 3 सही है क्योंकि DBN दूरसंचार प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान और विकास का भी समर्थन करता है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सी परियोजनाएँ डिजिटल भारत निधि (DBN) द्वारा वित्तपोषित प्रमुख योजनाओं में शामिल हैं?
1. भारतनेट परियोजना
2. सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्रों में 4G मोबाइल परियोजनाएँ
3. आकांक्षी जिलों में 4G कनेक्टिविटी योजना
सही विकल्प का चयन कीजिए:
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: 1, 2 और 3 — भारतनेट परियोजना और सीमावर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्रों में 4G मोबाइल परियोजनाएँ DBN द्वारा वित्तपोषित प्रमुख योजनाओं में शामिल हैं। आकांक्षी जिलों में 4G कनेक्टिविटी योजना भी DBN द्वारा समर्थित है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ डिजिटल भारत निधि (DBN) के उद्देश्यों और प्रमुख योजनाओं पर चर्चा कीजिए। संसदीय स्थायी समिति द्वारा उजागर की गई चुनौतियों और उसके द्वारा दिए गए सुझावों का भी विश्लेषण कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: डिजिटल भारत निधि (DBN) का संक्षिप्त परिचय, इसकी स्थापना (सार्वभौमिक सेवा दायित्व कोष के रूप में) और नाम परिवर्तन (2024 में) का उल्लेख।
2. DBN के उद्देश्य: सेवा-वंचित क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं का समर्थन और दूरसंचार प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना।
3. प्रमुख योजनाएँ: भारतनेट परियोजना, सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्रों में 4G मोबाइल परियोजनाएँ, 4G संतृप्ति परियोजना, आकांक्षी जिलों में 4G कनेक्टिविटी योजना, पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए समग्र दूरसंचार विकास योजना का उल्लेख।
4. संसदीय स्थायी समिति की प्रमुख टिप्पणियाँ और चुनौतियाँ:
क. भारतनेट में सीमित प्रगति और उपयोग (30% ग्राम पंचायतों में कार्यात्मक कनेक्शन, निविदाओं में देरी, भूमि अधिग्रहण)।
ख. सुरक्षा-संवेदनशील क्षेत्रों में कनेक्टिविटी परियोजनाओं में चुनौतियाँ (वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र, सीमा चौकियाँ, कठिन भूभाग, सुरक्षा बाधाएँ, वन मंजूरी)।
ग. दूरस्थ और अछूते क्षेत्रों में सीमित कवरेज और सेवा गुणवत्ता (4G संतृप्ति, आकांक्षी जिले, कवरेज अंतराल, कमजोर सिग्नल)।
घ. पूर्वोत्तर क्षेत्रों में दूरसंचार अवसंरचना परिनियोजन में चुनौतियाँ (कठिन भूभाग, उग्रवाद, खराब सेवा गुणवत्ता)।
5. समिति की प्रमुख सिफारिशें:
क. राज्य-वार प्रदर्शन ऑडिट, उपयोग बढ़ाना (घरेलू कनेक्शन, अप्रयुक्त क्षमता का पट्टा)।
ख. कार्यान्वयन एजेंसियों को लॉजिस्टिक और सुरक्षा सहायता, मंत्रालयों/एजेंसियों के बीच समन्वय।
ग. क्षेत्र-स्तरीय कार्यान्वयन को मजबूत करना, ऑडिट निष्कर्षों पर कार्रवाई।
घ. समय पर निविदा और अनुबंध को अंतिम रूप देना।
6. निष्कर्ष: डिजिटल समावेश और कनेक्टिविटी के महत्व पर बल देते हुए DBN के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समिति की सिफारिशों के प्रभावी कार्यान्वयन की आवश्यकता पर प्रकाश।
स्रोत: PRS Legislative Research
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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