27 Sep लद्दाख में 20 नयी चोटियों पर पहली बार चढ़ाई: रक्षा मंत्री ने किया अभियान का स्वागत
✎ लद्दाख में 6,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली 20 अछूती चोटियों पर NIMAS के पर्वतारोहण अभियान ने भारत में साहसिक खेलों और अन्वेषण को बढ़ावा दिया है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper III — आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन | GS Paper I — भूगोल (भौतिक भूगोल) | GS Paper III — पर्यावरण और पारिस्थितिकी (पर्यावरण संरक्षण)
- Prelims: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (NIMAS), लद्दाख रेंज, पर्वतारोहण अभियान, साहसिक खेल, रक्षा मंत्रालय, चमसेर-लुंगसेर, ग्यामा नाला, चोकूला
- Essay: साहसिक खेल और युवा सशक्तिकरण: एक राष्ट्र का निर्माण, भारत में पर्यटन की संभावनाएं: पर्वतारोहण का योगदान
त्वरित पुनरावृत्ति: लद्दाख में 6,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली 20 अछूती चोटियों पर NIMAS के पर्वतारोहण अभियान ने भारत में साहसिक खेलों और अन्वेषण को बढ़ावा दिया है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
रक्षा मंत्री ने ‘फर्स्ट एसेंट माउंटेनियरिंग एक्सपीडिशन’ का स्वागत किया, जिसने लद्दाख में 6,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली 20 अछूती चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह अभियान दिरंग स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (NIMAS) की एक टीम द्वारा कर्नल रणवीर सिंह जमवाल के नेतृत्व में 23 दिनों के भीतर पूरा किया गया। इस उपलब्धि को भारत में पर्वतारोहण और साहसिक खेलों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि
- भारत में पर्वतारोहण का एक समृद्ध इतिहास रहा है, जिसमें हिमालय और अन्य पर्वत श्रृंखलाएं साहसिक गतिविधियों के लिए अद्वितीय अवसर प्रदान करती हैं।
- सरकार साहसिक खेलों और पर्वतारोहण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न संस्थानों और अभियानों का समर्थन करती रही है, जिसका उद्देश्य युवाओं में साहस, दृढ़ संकल्प और टीम भावना को विकसित करना है।
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (NIMAS) जैसे संस्थान पर्वतारोहण और साहसिक खेलों में प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- लद्दाख क्षेत्र अपनी दुर्गम चोटियों और चुनौतीपूर्ण भूभाग के लिए जाना जाता है, जो इसे अनुभवी पर्वतारोहियों के लिए एक आदर्श गंतव्य बनाता है।
- इस तरह के अभियान न केवल देश की पर्वतारोहण क्षमताओं को प्रदर्शित करते हैं, बल्कि वैश्विक पर्वतारोहण मानचित्र पर भारत की स्थिति को भी मजबूत करते हैं।
- यह अभियान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अन्वेषण की भावना को बढ़ावा देने और युवा पर्वतारोहियों की भावी पीढ़ियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (NIMAS) क्या है?
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (NIMAS) भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्थान है।
- यह संस्थान अरुणाचल प्रदेश के दिरंग में स्थित है और इसका मुख्य उद्देश्य पर्वतारोहण, साहसिक खेल और संबंधित गतिविधियों में प्रशिक्षण प्रदान करना है।
- NIMAS का लक्ष्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और शारीरिक सहनशक्ति को विकसित करना है।
- यह विभिन्न स्तरों के पर्वतारोहण पाठ्यक्रम, साहसिक खेल प्रशिक्षण और बचाव अभियान से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है।
- संस्थान का उद्देश्य भारत को साहसिक खेलों और पर्वतारोहण के क्षेत्र में एक अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित करना भी है।
- NIMAS भारतीय सशस्त्र बलों और नागरिक दोनों के लिए प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिससे साहसिक गतिविधियों में भागीदारी को बढ़ावा मिलता है।
- यह संस्थान उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खोज और बचाव अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| लद्दाख में 20 अछूती चोटियों पर चढ़ाई | यह पर्वतारोहण के क्षेत्र में भारत की उत्कृष्टता और साहसिक खेलों में देश के नेतृत्व का उदाहरण है। |
| 6,000 मीटर से अधिक ऊंचाई | यह अभियान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पर्वतारोहण की तकनीकी विशेषज्ञता और सहनशक्ति को प्रदर्शित करता है। |
| नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (NIMAS) द्वारा अभियान | यह संस्थान के प्रशिक्षण मानकों और पर्वतारोहियों की क्षमता को दर्शाता है। |
| 23 दिनों में चढ़ाई पूरी करना | यह टीम की उत्कृष्ट योजना, दृढ़ संकल्प और टीम भावना का प्रमाण है। |
| युवा पर्वतारोहियों को प्रेरणा | यह उपलब्धि देशभर के युवा पर्वतारोहियों को रोमांच और अन्वेषण के नए अवसरों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। |
महत्व
साहसिक पर्यटन और खेल
- यह अभियान भारत को वैश्विक पर्वतारोहण मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करता है, जिससे साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
- यह देश में साहसिक खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाता है और युवाओं को ऐसी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करता है।
राष्ट्रीय गौरव और क्षमता
- यह भारत की पर्वतारोहण क्षमताओं को प्रदर्शित करता है और देश के लिए गौरव का क्षण है।
- यह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारतीय पर्वतारोहियों की तकनीकी विशेषज्ञता और शारीरिक सहनशक्ति को उजागर करता है।
सीमा सुरक्षा और सामरिक महत्व
- लद्दाख जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसी गतिविधियों से इन क्षेत्रों की भौगोलिक जानकारी बढ़ती है, जिसका सामरिक महत्व भी हो सकता है।
- यह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैन्य कर्मियों के प्रशिक्षण और अनुकूलन के लिए भी अप्रत्यक्ष रूप से सहायक हो सकता है।
चुनौतियाँ
1. ऊंचाई वाले क्षेत्रों की चुनौतियाँ
- ऑक्सीजन की कमी, अत्यधिक ठंड और अप्रत्याशित मौसम पर्वतारोहियों के लिए गंभीर शारीरिक और मानसिक चुनौतियाँ पेश करते हैं।
- ऊंचाई पर होने वाले रोगों जैसे एक्यूट माउंटेन सिकनेस (AMS), हाई एल्टीट्यूड सेरेब्रल एडिमा (HACE) और हाई एल्टीट्यूड पल्मोनरी एडिमा (HAPE) का खतरा बना रहता है।
यूपीएससी लिंक: भूगोल: भारत का भौतिक भूगोल
2. तकनीकी और लॉजिस्टिक बाधाएँ
- अछूती चोटियों पर चढ़ाई के लिए विशेष तकनीकी उपकरण, रस्सी के काम में विशेषज्ञता और मार्ग खोजने की क्षमता की आवश्यकता होती है।
- दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्य सामग्री, चिकित्सा आपूर्ति और बचाव उपकरणों का परिवहन एक बड़ी लॉजिस्टिक चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: आपदा प्रबंधन: पर्वतीय आपदाएँ
3. पर्यावरणीय प्रभाव
- पर्वतारोहण अभियानों से संवेदनशील पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र पर कचरा, प्रदूषण और वनस्पति को नुकसान पहुँचने का जोखिम रहता है।
- ग्लोबल वार्मिंग के कारण ग्लेशियरों का पिघलना और भूस्खलन का खतरा पर्वतारोहण को और अधिक जोखिम भरा बना देता है।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण: पर्वतीय पारिस्थितिकी
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| पर्यावरणीय संवेदनशीलता | पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र पर मानव गतिविधियों का नकारात्मक प्रभाव। |
| सुरक्षा जोखिम | ऊंचाई, मौसम और तकनीकी चुनौतियों के कारण पर्वतारोहियों के जीवन को खतरा। |
| बुनियादी ढाँचे का अभाव | दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में बचाव और चिकित्सा सुविधाओं की कमी। |
| प्रशिक्षण और विशेषज्ञता | उच्च-स्तरीय पर्वतारोहण के लिए पर्याप्त प्रशिक्षित पेशेवरों की आवश्यकता। |
आगे की राह
- पर्वतारोहण और साहसिक खेलों के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय नीति विकसित करना।
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (NIMAS) जैसे संस्थानों को सुदृढ़ करना और उनके प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार करना।
- पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशानिर्देश और निगरानी तंत्र स्थापित करना।
- साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित और टिकाऊ प्रथाओं को प्रोत्साहित करना।
- ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बचाव और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाना।
- युवाओं को साहसिक खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करने हेतु जागरूकता अभियान चलाना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
साहसिक पर्यटन · पर्वतारोहण अभियान · राष्ट्रीय पर्वतारोहण और साहसिक खेल संस्थान (NIMAS) · लद्दाख क्षेत्र · उच्च ऊंचाई वाले खेल · युवा प्रेरणा · भारत में पर्यटन · रक्षा मंत्रालय की पहल · क्षमता निर्माण · साहसिक खेल नीति
अवधारणा प्रवाह
NIMAS टीम द्वारा लद्दाख में 20 अछूती चोटियों पर चढ़ाई → रक्षा मंत्री द्वारा अभियान का स्वागत और पर्वतारोहियों की सराहना → पर्वतारोहण के क्षेत्र में भारत की उत्कृष्टता का प्रदर्शन → साहसिक खेलों और अन्वेषण की भावना को बढ़ावा → युवा पर्वतारोहियों को प्रेरणा और नए मानक स्थापित करना → वैश्विक पर्वतारोहण मानचित्र पर भारत की उपस्थिति को सशक्त करना
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (NIMAS) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. NIMAS रक्षा मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है।
2. इसका उद्देश्य पर्वतारोहण और साहसिक खेलों में प्रशिक्षण प्रदान करना है।
3. यह संस्थान भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि NIMAS रक्षा मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय है। कथन 2 भी सही है क्योंकि इसका मुख्य उद्देश्य पर्वतारोहण और साहसिक खेलों को बढ़ावा देना और उनमें प्रशिक्षण प्रदान करना है। कथन 3 भी सही है क्योंकि यह अरुणाचल प्रदेश के दिरंग में स्थित है, जो भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में आता है।
Q2. हाल ही में लद्दाख में 6,000 मीटर से अधिक ऊंची अछूती चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करने वाले पर्वतारोहण अभियान का नेतृत्व किसने किया?
- कर्नल रणवीर सिंह जमवाल
- राजेश कुमार सिंह
- राजनाथ सिंह
- कर्नल प्रेमचंद
उत्तर: कर्नल रणवीर सिंह जमवाल — प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, लद्दाख में 6,000 मीटर से अधिक ऊंची 20 अछूती चोटियों पर चढ़ाई करने वाले अभियान का नेतृत्व कर्नल रणवीर सिंह जमवाल ने किया था।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ भारत में साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) की क्षमता का विश्लेषण कीजिए। इस संदर्भ में, पर्वतारोहण जैसे साहसिक अभियानों को बढ़ावा देने में सरकारी पहलों की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: उत्तर में साहसिक पर्यटन की अवधारणा, भारत में इसकी वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डालें। भारत के विविध भौगोलिक परिदृश्य (हिमालय, तटीय क्षेत्र, रेगिस्तान) का उल्लेख करें जो साहसिक पर्यटन के लिए अवसर प्रदान करते हैं। सरकारी पहलों जैसे राष्ट्रीय पर्वतारोहण और साहसिक खेल संस्थान (NIMAS), पर्यटन मंत्रालय की योजनाएँ (जैसे स्वदेश दर्शन), और रक्षा मंत्रालय द्वारा समर्थित अभियानों का उल्लेख करें। इन पहलों के माध्यम से रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, युवाओं को प्रेरणा देने और भारत की वैश्विक पहचान बनाने में उनकी भूमिका का मूल्यांकन करें। चुनौतियों (सुरक्षा, आधारभूत संरचना, पर्यावरण संरक्षण) और आगे की राह पर भी संक्षिप्त चर्चा करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
Jammu & Kashmir PCS (JKPSC (KAS)) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: हाल ही में रक्षा मंत्री द्वारा लद्दाख में आयोजित पर्वतारोहण अभियान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह अभियान 23 दिनों के भीतर 6,000 मीटर से अधिक ऊंची 20 ऐतिहासिक चोटियों पर चढ़ाई पूरी करने वाला था। 2. अभियान का आयोजन भारतीय सेना द्वारा किया गया था। 3. अभियान का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के मनोबल को बढ़ाना था। उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: 1, 2 और 3 — कथन 1, 2 और 3 सभी सही हैं। अभियान 23 दिनों में 6,000 मीटर से अधिक ऊंची 20 चोटियों पर चढ़ाई पूरी करने वाला था, जिसका आयोजन भारतीय सेना द्वारा किया गया था और इसका उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के मनोबल को बढ़ाना था।
Mains: लद्दाख क्षेत्र में आयोजित हालिया पर्वतारोहण अभियान के महत्व और इसके संभावित प्रभावों पर प्रकाश डालिए। साथ ही, बताइए कि ऐसे अभियानों से सीमा क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के मनोबल और राष्ट्रीय सुरक्षा पर क्या प्रभाव पड़ता है?
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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