22 Jul ओडिशा में पीएम मत्स्य संपदा योजना: ब्लू इकॉनमी को मिलेगा बढ़ावा, ₹1301 करोड़ स्वीकृत
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper III — अर्थव्यवस्था | GS Paper III — पर्यावरण और पारिस्थितिकी
- Prelims: ब्लू इकॉनमी, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY), एक्वा पार्क, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), मत्स्य पालन, जलीय कृषि
- Essay: भारत में सतत विकास के लिए ब्लू इकॉनमी की क्षमता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उत्थान में सरकारी योजनाओं की भूमिका
त्वरित पुनरावृत्ति: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) भारत में ब्लू इकॉनमी को बढ़ावा देने और मत्स्य पालन क्षेत्र में सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक पहल है, जिसमें बुनियादी ढांचे के विकास और वित्तीय सहायता पर विशेष ध्यान दिया गया है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में ओडिशा में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत ब्लू इकॉनमी (Blue Economy) को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों और स्वीकृत परियोजनाओं की जानकारी दी। इसमें राज्य में मत्स्य विकास के लिए ₹1,301.18 करोड़ की स्वीकृति, एक समन्वित एक्वा पार्क की स्थापना और आधुनिक थोक मछली बाजार का निर्माण शामिल है, साथ ही मछुआरों और मत्स्य किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सुविधा के विस्तार पर भी प्रकाश डाला गया।
पृष्ठभूमि
- भारत सरकार मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 2020-21 से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू कर रही है।
- इस योजना का उद्देश्य मत्स्य पालन क्षेत्र में सतत और जिम्मेदार विकास को बढ़ावा देना है, जिससे ‘ब्लू क्रांति’ लाई जा सके।
- ओडिशा जैसे तटीय राज्यों के लिए मत्स्य पालन एक महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधि है, जो आजीविका और खाद्य सुरक्षा में योगदान करती है।
- ब्लू इकॉनमी समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग पर आधारित एक आर्थिक मॉडल है, जिसमें मत्स्य पालन, जलीय कृषि, समुद्री पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना, जो पहले कृषि तक सीमित थी, को अब मत्स्य पालन और पशुपालन गतिविधियों के लिए भी विस्तारित किया गया है ताकि कार्यशील पूंजी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
- मत्स्य विभाग, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएँ विभाग (DFS) के साथ मिलकर KCC के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए काम कर रहा है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) क्या है?
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) भारत सरकार द्वारा मत्स्य पालन क्षेत्र में सतत विकास के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है।
- इसका लक्ष्य 2024-25 तक मत्स्य उत्पादन में अतिरिक्त 70 लाख टन की वृद्धि करना, मत्स्य निर्यात आय को ₹1 लाख करोड़ तक बढ़ाना और मछुआरों तथा मत्स्य किसानों की आय को दोगुना करना है।
- यह योजना मत्स्य पालन मूल्य श्रृंखला के हर पहलू को कवर करती है, जिसमें उत्पादन, उत्पादकता, गुणवत्ता, प्रौद्योगिकी, कटाई के बाद का प्रबंधन और विपणन शामिल है।
- PMMSY के तहत, एकीकृत एक्वा पार्क, आधुनिक थोक मछली बाजार, हैचरी सुविधाएँ, प्रसंस्करण इकाइयाँ और अनुसंधान सुविधाएँ स्थापित की जा रही हैं।
- यह योजना नवीकरणीय ऊर्जा और वर्षा जल संचयन जैसी स्थिरता विशेषताओं को भी बढ़ावा देती है ताकि पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हो सके।
- यह मछुआरों और मत्स्य किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सुविधा प्रदान करके वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा देती है, जिससे उन्हें रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध होता है।
- राज्य सरकारें KCC ऋणों पर अतिरिक्त ब्याज सबवेंशन प्रदान करती हैं, जिससे ₹1 लाख तक के ऋण ब्याज-मुक्त हो जाते हैं और ₹1 लाख से ₹3 लाख तक के ऋणों पर प्रभावी ब्याज दर 2% रह जाती है।
- योजना का क्रियान्वयन मत्स्य विभाग, मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| समन्वित एक्वा पार्क, संभलपुर | मत्स्य पालन और जलीय कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने हेतु एकीकृत बुनियादी ढाँचा प्रदान करना, जिसमें हैचरी, प्रसंस्करण इकाइयाँ और अनुसंधान सुविधाएँ शामिल हैं। |
| आधुनिक थोक मछली बाजार, भुवनेश्वर | मछली के विपणन के लिए अत्याधुनिक सुविधाएँ, नवीकरणीय ऊर्जा और वर्षा जल संचयन जैसी स्थिरता विशेषताओं के साथ, पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करना। |
| किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सुविधा का विस्तार | मछुआरों और मत्स्य किसानों को मत्स्य पालन संबंधी गतिविधियों के लिए समय पर और सुलभ कार्यशील पूंजी सुनिश्चित करना। |
| ब्याज सबवेंशन (ब्याज छूट) योजना | ₹1 लाख तक के KCC ऋणों को ब्याज-मुक्त बनाना और ₹1 लाख से ₹3 लाख तक के ऋणों पर प्रभावी ब्याज दर को कम करना, जिससे लाभार्थियों के लिए ऋण की सुलभता में सुधार। |
| जागरूकता कार्यक्रम | मत्स्य और प्राणी संपदा मेलों तथा बैठकों के माध्यम से मछुआरों और मत्स्य किसानों के बीच KCC लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाना। |
महत्व
आर्थिक महत्व
- मत्स्य पालन क्षेत्र में निवेश से रोजगार के अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
- आधुनिक बुनियादी ढाँचा और ऋण सुविधाएँ मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करेंगी, जिससे मछुआरों की आय में सुधार होगा।
- मूल्य श्रृंखला के सुदृढीकरण से उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और निर्यात क्षमता बढ़ेगी।
पर्यावरणीय महत्व
- एक्वा पार्क और मछली बाजार में नवीकरणीय ऊर्जा और वर्षा जल संचयन जैसी स्थिरता सुविधाएँ पर्यावरणीय प्रभाव को कम करेंगी।
- अपशिष्ट जल उपचार संयंत्रों का निर्माण जलीय पारिस्थितिकी प्रणालियों की सुरक्षा में सहायक होगा।
सामाजिक महत्व
- KCC सुविधा और ब्याज सबवेंशन से मछुआरों और मत्स्य किसानों को वित्तीय समावेशन प्राप्त होगा, जिससे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- जागरूकता कार्यक्रम लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में मदद करेंगे, जिससे उनका सशक्तिकरण होगा।
शासनिक महत्व
- केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है।
- योजनाओं के तहत स्वीकृत परियोजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुशासन का प्रतीक है।
चुनौतियाँ
1. भूमि अधिग्रहण और परियोजना क्रियान्वयन
- एक्वा पार्क और मछली बाजार जैसी बड़ी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया हो सकती है।
- परियोजनाओं के विभिन्न चरणों में निर्माण कार्य और समन्वय में देरी से लागत में वृद्धि और समय-सीमा का उल्लंघन हो सकता है।
यूपीएससी लिंक: शासन, विकास प्रक्रियाएँ, बुनियादी ढाँचा
2. वित्तीय समावेशन और ऋण सुलभता
- KCC सुविधा के बावजूद, दूरदराज के क्षेत्रों में मछुआरों और मत्स्य किसानों तक इसकी पहुँच सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
- ऋण वापसी की क्षमता और वित्तीय साक्षरता की कमी लाभार्थियों के लिए ऋण प्राप्त करने और उसका सदुपयोग करने में बाधा बन सकती है।
यूपीएससी लिंक: समावेशी विकास, वित्तीय समावेशन
3. बाजार और मूल्य श्रृंखला प्रबंधन
- आधुनिक मछली बाजारों के निर्माण के बावजूद, बिचौलियों की भूमिका को कम करना और मछुआरों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाना एक चुनौती है।
- प्रसंस्करण और भंडारण सुविधाओं की कमी से उत्पादों की बर्बादी हो सकती है और मूल्य श्रृंखला में दक्षता प्रभावित हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: कृषि विपणन, खाद्य प्रसंस्करण
4. पर्यावरणीय स्थिरता
- मत्स्य पालन और जलीय कृषि गतिविधियों का पर्यावरणीय प्रभाव, जैसे जल प्रदूषण और जैव विविधता का नुकसान, एक चिंता का विषय है।
- जलवायु परिवर्तन के कारण मछली स्टॉक और जलीय पारिस्थितिकी प्रणालियों पर पड़ने वाले प्रभावों का प्रबंधन करना आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| परियोजना क्रियान्वयन में देरी | भूमि अधिग्रहण, अनुमोदन और निर्माण में विलंब से लागत में वृद्धि और अपेक्षित लाभों में देरी। |
| KCC की सीमित पहुँच | दूरदराज के क्षेत्रों में मछुआरों और मत्स्य किसानों तक ऋण सुविधाओं का पर्याप्त विस्तार न होना। |
| बाजार लिंकेज का अभाव | मछुआरों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी बाजार संपर्क और बिचौलियों पर निर्भरता कम करना। |
| पर्यावरणीय प्रभाव | मत्स्य पालन गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण और जलीय पारिस्थितिकी प्रणालियों पर दबाव का प्रबंधन। |
| क्षमता निर्माण की आवश्यकता | आधुनिक तकनीकों और वित्तीय प्रबंधन के बारे में मछुआरों और मत्स्य किसानों को प्रशिक्षित करना। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY)
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना
आगे की राह
- परियोजना क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और एकल खिड़की निकासी प्रणाली (Single Window Clearance System) लागू करना।
- KCC सुविधा की पहुँच बढ़ाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करना और ग्रामीण बैंकों तथा स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups) के माध्यम से जागरूकता और वितरण को बढ़ावा देना।
- मत्स्य पालन क्षेत्र में मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए प्रसंस्करण, भंडारण और कोल्ड चेन बुनियादी ढांचे में निवेश को प्रोत्साहित करना।
- मछुआरों को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों, वित्तीय प्रबंधन और बाजार लिंकेज के बारे में प्रशिक्षित करने के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करना।
- नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) के सतत विकास को सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (Environmental Impact Assessment) और नियामक ढाँचे को मजबूत करना।
- केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को और बेहतर बनाना ताकि योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
- मत्स्य पालन क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देना, विशेष रूप से जलवायु-लचीली जलीय कृषि प्रथाओं और नई प्रजातियों के विकास में।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
ब्लू इकॉनमी · प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना · एक्वा पार्क · किसान क्रेडिट कार्ड · मत्स्य पालन · जलीय कृषि · मूल्य श्रृंखला · सतत विकास · राज्यों की भूमिका · केंद्रीय सहायता
अवधारणा प्रवाह
PMMSY के तहत ओडिशा को धन स्वीकृति → एक्वा पार्क और मछली बाजार जैसे बुनियादी ढांचे का विकास → मछुआरों को KCC और ब्याज सबवेंशन का लाभ → मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि → मछुआरों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण → ओडिशा की नीली अर्थव्यवस्था का सतत विकास
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह योजना केवल तटीय राज्यों में मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास पर केंद्रित है।
2. इस योजना के तहत समन्वित एक्वा पार्क और आधुनिक थोक मछली बाजारों की स्थापना का प्रावधान है।
3. मछुआरों और मत्स्य किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सुविधा का विस्तार PMMSY के घटकों में से एक है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 गलत है क्योंकि PMMSY सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है, न कि केवल तटीय राज्यों में। कथन 2 सही है क्योंकि योजना में एक्वा पार्क और आधुनिक मछली बाजारों की स्थापना शामिल है। कथन 3 भी सही है क्योंकि KCC सुविधा का विस्तार PMMSY के तहत एक महत्वपूर्ण घटक है।
Q2. भारत में ब्लू इकॉनमी (Blue Economy) के महत्व के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग पर आधारित आर्थिक विकास को संदर्भित करता है।
2. इसमें मत्स्य पालन, समुद्री पर्यटन और नवीकरणीय समुद्री ऊर्जा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
3. भारत की लंबी तटरेखा और विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) ब्लू इकॉनमी के विकास के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: 1, 2 और 3 — ब्लू इकॉनमी समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य को बनाए रखते हुए समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग के माध्यम से आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की अवधारणा है। इसमें मत्स्य पालन, समुद्री पर्यटन, शिपिंग, बंदरगाह विकास, समुद्री ऊर्जा आदि जैसे विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं। भारत की विशाल तटरेखा और EEZ इसके विकास के लिए अपार संभावनाएं प्रदान करते हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) भारत में मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र विकास और ब्लू इकॉनमी को बढ़ावा देने में किस प्रकार सहायक है? ओडिशा के संदर्भ में इसके प्रमुख हस्तक्षेपों और प्रभावों का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)
रूपरेखा: उत्तर की शुरुआत PMMSY का संक्षिप्त परिचय देकर करें और बताएं कि यह मत्स्य पालन क्षेत्र के सतत विकास के लिए एक व्यापक योजना है। इसके बाद, ब्लू इकॉनमी को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका पर चर्चा करें, जिसमें मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना, बुनियादी ढांचे का विकास और मछुआरों की आय बढ़ाना शामिल हो। ओडिशा में योजना के तहत स्वीकृत परियोजनाओं, जैसे एक्वा पार्क और आधुनिक मछली बाजार, का उल्लेख करें और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सुविधा के विस्तार के प्रभावों पर प्रकाश डालें। अंत में, योजना के समग्र महत्व और भविष्य की संभावनाओं पर निष्कर्ष प्रस्तुत करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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