10 Sep कर्नाटक ने बनाया एयरोस्पेस नीति 2026-31, 60,000 करोड़ के निवेश का लक्ष्य
✎ कर्नाटक एयरोस्पेस नीति 2026-2031 का लक्ष्य एयरोस्पेस, रक्षा, विमानन और अंतरिक्ष अनुसंधान एवं विकास में ₹60,000 करोड़ का निवेश आकर्षित करना है, जिसके लिए पूंजीगत सब्सिडी और अन्य वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS पेपर III — अर्थव्यवस्था: भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना, संसाधनों का संग्रहण, वृद्धि, विकास और रोजगार से संबंधित विषय। | GS पेपर III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण और नई प्रौद्योगिकी का विकास।
- Prelims: राज्य औद्योगिक नीतियाँ, एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र, पूंजीगत सब्सिडी, विनिर्माण प्रोत्साहन, स्टार्ट-अप नीति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) हब
- Essay: भारत में क्षेत्रीय असंतुलन और संतुलित औद्योगिक विकास की आवश्यकता।, तकनीकी नवाचार और आर्थिक संवृद्धि में राज्यों की भूमिका।
त्वरित पुनरावृत्ति: कर्नाटक एयरोस्पेस नीति 2026-2031 का लक्ष्य एयरोस्पेस, रक्षा, विमानन और अंतरिक्ष अनुसंधान एवं विकास में ₹60,000 करोड़ का निवेश आकर्षित करना है, जिसके लिए पूंजीगत सब्सिडी और अन्य वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।
यह खबर चर्चा में क्यों?
कर्नाटक मंत्रिमंडल ने हाल ही में कर्नाटक एयरोस्पेस नीति 2026-2031 को स्वीकृति दी है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य एयरोस्पेस, रक्षा, विमानन और अंतरिक्ष अनुसंधान एवं विकास क्षेत्रों में निजी निवेश को आकर्षित करना है, जिससे अगले पाँच वर्षों में लगभग ₹60,000 करोड़ का निवेश आने की उम्मीद है। इसके साथ ही, राज्य मंत्रिमंडल ने कपड़ा और परिधान नीति 2026-2031 और स्टार्टअप नीति 2026-2030 को भी मंजूरी दी है, जो राज्य में औद्योगिक और तकनीकी विकास को गति प्रदान करेंगी।
पृष्ठभूमि
- भारत में एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता (Self-Reliance) प्राप्त करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, और राज्य सरकारें इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
- कर्नाटक, विशेष रूप से बेंगलुरु, भारत का एक प्रमुख एयरोस्पेस और रक्षा केंद्र रहा है, जहाँ कई सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs) और निजी कंपनियाँ कार्यरत हैं।
- राज्य सरकारें निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजित करने के लिए विभिन्न औद्योगिक नीतियाँ और प्रोत्साहन योजनाएँ लागू करती हैं।
- पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) और अन्य वित्तीय सहायताएँ उद्योगों को स्थापित करने और विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ उच्च प्रारंभिक निवेश की आवश्यकता होती है।
- भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) पहल के तहत, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को भी अपनी नीतियों को संरेखित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
- तकनीकी नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को बढ़ावा देना आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण है, और राज्य सरकारें इस दिशा में भी सक्रिय हैं।
कर्नाटक एयरोस्पेस नीति 2026-2031 क्या है?
- यह नीति कर्नाटक राज्य में एयरोस्पेस, रक्षा, विमानन और अंतरिक्ष अनुसंधान एवं विकास क्षेत्रों पर केंद्रित है।
- इसका लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में लगभग ₹60,000 करोड़ का निवेश आकर्षित करना है।
- नीति निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए पूंजीगत सब्सिडी प्रदान करती है।
- पूंजीगत सब्सिडी को ज़ोन 1 में 30% और ज़ोन 3 में 25% निर्धारित किया गया है, जो पिछली नीति की तुलना में काफी अधिक है।
- सरकार वित्तीय सहायता और सब्सिडी पर लगभग ₹4,000 करोड़ खर्च करेगी।
- निवेश के लिए 33 फोकस तालुकों की पहचान की गई है, जहाँ क्रेडिट-लिंक्ड पूंजीगत सब्सिडी और बिजली सब्सिडी जैसी सहायता प्रदान की जाएगी।
- नीति का उद्देश्य राज्य को एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना है, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक संवृद्धि को बढ़ावा मिले।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| कर्नाटक एयरोस्पेस नीति 2026-2031 | एयरोस्पेस, रक्षा, विमानन और अंतरिक्ष अनुसंधान एवं विकास पर केंद्रित। अगले पाँच वर्षों में लगभग ₹60,000 करोड़ के निवेश की उम्मीद। |
| पूंजीगत सब्सिडी | निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए ज़ोन 1 में 30% और ज़ोन 3 में 25% की पूंजीगत सब्सिडी। गैर-केंद्रित क्षेत्रों में पिछली नीति के 1.75%-2.25% से बढ़कर 25%। |
| कपड़ा और परिधान नीति 2026-2031 | पहली बार रेशम उद्योगों को शामिल किया गया। लगभग ₹20,000 करोड़ के निवेश की उम्मीद। |
| स्टार्ट-अप नीति 2026-2030 | “सरकार-प्रथम पहल” पर केंद्रित। सरकार द्वारा प्रौद्योगिकियों को तेजी से अपनाने और नवाचार-नेतृत्व वाली सार्वजनिक खरीद को शामिल करने पर जोर। |
| ड्रोन-आधारित परीक्षण सुविधा | चिकबल्लापुर में भारत की पहली ड्रोन-आधारित परीक्षण सुविधा, लागत ₹42.83 करोड़। |
| AI हब | बेंगलुरु में ₹35 करोड़ का AI हब, जो AI विश्वविद्यालय के अग्रदूत के रूप में कार्य करेगा। बीज सहायता, इनक्यूबेशन, इंटर्नशिप, मेंटरशिप और मॉड्यूलर सिस्टम प्रदान करेगा। |
महत्व
आर्थिक संवृद्धि और निवेश
- एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्रों में ₹60,000 करोड़ और कपड़ा क्षेत्र में ₹20,000 करोड़ के अनुमानित निवेश से राज्य की आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को बढ़ावा मिलेगा।
- पूंजीगत सब्सिडी और अन्य वित्तीय सहायता से निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे रोज़गार सृजन और औद्योगिक विकास होगा।
तकनीकी नवाचार और अनुसंधान
- एयरोस्पेस, रक्षा, विमानन और अंतरिक्ष अनुसंधान एवं विकास पर ध्यान केंद्रित करने से तकनीकी नवाचार (Technological Innovation) को बढ़ावा मिलेगा।
- AI हब और ड्रोन-आधारित परीक्षण सुविधा जैसे पहलें राज्य को उच्च-तकनीकी उद्योगों में अग्रणी बनाएंगी और अनुसंधान एवं विकास (Research & Development) क्षमताओं को मजबूत करेंगी।
औद्योगिक विविधीकरण और क्षेत्रीय विकास
- कपड़ा और रेशम उद्योगों को शामिल करने से राज्य के औद्योगिक आधार का विविधीकरण (Diversification) होगा, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में संतुलनपूर्ण विकास सुनिश्चित होगा।
- 33 केंद्रित तालुकों की पहचान और उनमें निवेश के माध्यम से क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने और संतुलित विकास को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।
रोज़गार सृजन
- विभिन्न नीतियों के तहत अनुमानित भारी निवेश से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोज़गार के अवसर पैदा होंगे, जिससे बेरोज़गारी दर में कमी आएगी।
- तकनीकी और विनिर्माण क्षेत्रों में नए रोज़गारों के सृजन से कुशल कार्यबल की मांग बढ़ेगी और कौशल विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
चुनौतियाँ
1. बुनियादी ढाँचा और भूमि अधिग्रहण
- बड़े पैमाने पर औद्योगिक परियोजनाओं के लिए पर्याप्त और उपयुक्त बुनियादी ढाँचे (Infrastructure) का विकास एक चुनौती हो सकता है।
- उद्योगों की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) में सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दे उत्पन्न हो सकते हैं।
यूपीएससी लिंक: आर्थिक विकास, बुनियादी ढाँचा
2. कुशल कार्यबल की उपलब्धता
- एयरोस्पेस, रक्षा और AI जैसे उच्च-तकनीकी क्षेत्रों के लिए विशिष्ट कुशल कार्यबल (Skilled Workforce) की आवश्यकता होती है, जिसकी उपलब्धता सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
- शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना आवश्यक होगा।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन, कौशल विकास
3. निवेश का प्रभावी उपयोग
- ₹60,000 करोड़ और ₹20,000 करोड़ जैसे बड़े निवेश का प्रभावी और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
- सब्सिडी और वित्तीय सहायता के वितरण में भ्रष्टाचार और अक्षमता को रोकना एक चुनौती हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: शासन, सार्वजनिक वित्त
4. प्रतिस्पर्धा और बाज़ार की गतिशीलता
- एयरोस्पेस और रक्षा जैसे क्षेत्रों में वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा (Competition) का सामना करना पड़ सकता है।
- बाज़ार की बदलती गतिशीलता (Market Dynamics) और तकनीकी प्रगति के साथ तालमेल बिठाना आवश्यक होगा।
यूपीएससी लिंक: औद्योगिक नीतियाँ, वैश्विक अर्थव्यवस्था
5. पर्यावरणीय स्थिरता
- औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरणीय स्थिरता (Environmental Sustainability) सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
- प्रदूषण नियंत्रण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रभावी उपाय अपनाना आवश्यक होगा।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण, सतत विकास
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| नीतिगत कार्यान्वयन | घोषित नीतियों को प्रभावी ढंग से और समय पर लागू करना एक चुनौती हो सकती है। |
| अंतर-विभागीय समन्वय | विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी से परियोजनाओं में देरी हो सकती है। |
| छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) का एकीकरण | बड़े उद्योगों के साथ छोटे और मध्यम उद्यमों को एकीकृत करना और उन्हें अवसर प्रदान करना। |
| तकनीकी उन्नयन | तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य में उद्योगों को लगातार उन्नत रखना। |
| नियामक बाधाएँ | निवेशकों के लिए नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाना और नौकरशाही बाधाओं को कम करना। |
आगे की राह
- बुनियादी ढाँचे के विकास में तेजी लाना, विशेष रूप से औद्योगिक गलियारों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (Special Economic Zones) में।
- उच्च-तकनीकी क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रमों और व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देना।
- निवेश प्रोत्साहन नीतियों को और अधिक आकर्षक बनाना तथा नियामक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाना।
- अनुसंधान एवं विकास में निवेश बढ़ाना और अकादमिक संस्थानों तथा उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करना।
- पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (Environmental Impact Assessment) को मजबूत करना और सतत औद्योगिक विकास के लिए हरित प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना।
- छोटे और मध्यम उद्यमों को बड़े उद्योगों की आपूर्ति श्रृंखला में एकीकृत करने के लिए विशेष प्रोत्साहन और सहायता प्रदान करना।
- अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देना ताकि नवीनतम प्रौद्योगिकियों और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाया जा सके।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
कर्नाटक एयरोस्पेस नीति · रक्षा विनिर्माण · अंतरिक्ष अनुसंधान · औद्योगिक विकास · पूंजीगत सब्सिडी · स्टार्ट-अप नीति · कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) हब · ड्रोन-आधारित परीक्षण सुविधा · क्षेत्रीय असंतुलन · निवेश प्रोत्साहन · रोजगार सृजन · विनिर्माण क्षेत्र
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 19 (1) (g)’, ‘note’: ‘कोई भी पेशा, व्यापार करने का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 246’, ‘note’: ‘संघ और राज्य के बीच विधायी संबंध’}
- {‘article’: ‘सातवीं अनुसूची’, ‘note’: ‘संघ, राज्य और समवर्ती सूची’}
अवधारणा प्रवाह
राज्य सरकार द्वारा नई औद्योगिक नीतियों की घोषणा → पूंजीगत सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन → निजी क्षेत्र द्वारा निवेश में वृद्धि → औद्योगिक विकास और तकनीकी नवाचार → रोज़गार सृजन और आर्थिक संवृद्धि → राज्य के राजस्व में वृद्धि और मानव विकास
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कर्नाटक एयरोस्पेस नीति 2026-2031 का उद्देश्य अगले पाँच वर्षों में लगभग ₹60,000 करोड़ का निवेश आकर्षित करना है।
2. इस नीति के तहत, फोकस क्षेत्रों में पूंजीगत सब्सिडी को 30% तक निर्धारित किया गया है।
3. कर्नाटक सरकार ने भारत की पहली ड्रोन-आधारित परीक्षण सुविधा चिकबल्लापुर में स्थापित करने का निर्णय लिया है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है। कर्नाटक एयरोस्पेस नीति 2026-2031 का लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में लगभग ₹60,000 करोड़ का निवेश आकर्षित करना है। कथन 2 सही है। नीति के तहत, ज़ोन 1 में पूंजीगत सब्सिडी 30% और ज़ोन 3 में 25% निर्धारित की गई है, जो पिछली नीति की तुलना में काफी अधिक है। कथन 3 सही है। कर्नाटक कैबिनेट ने चिकबल्लापुर में भारत की पहली ड्रोन-आधारित परीक्षण सुविधा स्थापित करने को मंजूरी दी है।
Q2. कर्नाटक सरकार द्वारा अनुमोदित नई नीतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. कर्नाटक एयरोस्पेस नीति: रक्षा विनिर्माण और अंतरिक्ष अनुसंधान
2. वस्त्र और परिधान नीति: रेशम उद्योग को शामिल करना
3. स्टार्ट-अप नीति: ‘सरकार-प्रथम पहल’ पर ध्यान केंद्रित करना
उपर्युक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — युग्म 1 सही सुमेलित है। कर्नाटक एयरोस्पेस नीति एयरोस्पेस, रक्षा, विमानन और अंतरिक्ष अनुसंधान एवं विकास पर केंद्रित है। युग्म 2 सही सुमेलित है। नई वस्त्र और परिधान नीति में पहली बार रेशम उद्योगों को शामिल किया गया है। युग्म 3 सही सुमेलित है। स्टार्ट-अप नीति 2026-2030 को ‘सरकार-प्रथम पहल’ (government-first initiative) पर ध्यान केंद्रित करते हुए अनुमोदित किया गया है, जिसमें सरकार द्वारा प्रौद्योगिकियों को तेजी से अपनाने और नवाचार-नेतृत्व वाली सार्वजनिक खरीद शामिल है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन-सा कर्नाटक एयरोस्पेस नीति 2026-2031 का प्राथमिक उद्देश्य नहीं है?
- एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देना।
- राज्य में अंतरिक्ष अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहित करना।
- कृषि क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करना।
- पूंजीगत सब्सिडी और अन्य वित्तीय सहायता प्रदान करके विनिर्माण को बढ़ावा देना।
उत्तर: कृषि क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करना। — कर्नाटक एयरोस्पेस नीति का प्राथमिक ध्यान एयरोस्पेस, रक्षा, विमानन और अंतरिक्ष अनुसंधान एवं विकास पर है। कृषि क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को आकर्षित करना इस नीति का प्रत्यक्ष उद्देश्य नहीं है, हालांकि यह राज्य के समग्र आर्थिक विकास का एक हिस्सा हो सकता है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ कर्नाटक की नई एयरोस्पेस नीति 2026-2031 के प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा कीजिए। यह नीति राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को किस प्रकार बढ़ावा दे सकती है? (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** कर्नाटक एयरोस्पेस नीति 2026-2031 का संक्षिप्त परिचय, इसके मुख्य उद्देश्य और अपेक्षित निवेश का उल्लेख।
2. **प्रमुख प्रावधान:**
* **फोकस क्षेत्र:** एयरोस्पेस, रक्षा, विमानन और अंतरिक्ष अनुसंधान एवं विकास।
* **निवेश लक्ष्य:** अगले पाँच वर्षों में ₹60,000 करोड़ का निवेश।
* **पूंजीगत सब्सिडी:** ज़ोन 1 में 30% और ज़ोन 3 में 25% तक की बढ़ी हुई पूंजीगत सब्सिडी।
* **वित्तीय सहायता:** क्रेडिट-लिंक्ड पूंजीगत सब्सिडी, बिजली सब्सिडी और अन्य वित्तीय सहायता के लिए ₹4,000 करोड़ का आवंटन।
* **फोकस तालुकों की पहचान:** निवेश के लिए 33 फोकस तालुकों की पहचान।
* **अन्य संबंधित पहलें:** ड्रोन-आधारित परीक्षण सुविधा, AI हब, स्टार्ट-अप नीति का अनुमोदन।
3. **औद्योगिक विकास को बढ़ावा:**
* **निवेश प्रोत्साहन:** बढ़ी हुई सब्सिडी और वित्तीय सहायता निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित करेगी।
* **विनिर्माण क्षमता:** रक्षा और एयरोस्पेस विनिर्माण में आत्मनिर्भरता और निर्यात क्षमता में वृद्धि।
* **तकनीकी नवाचार:** AI हब और ड्रोन परीक्षण सुविधा जैसे पहलें अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देंगी।
* **बुनियादी ढाँचा विकास:** औद्योगिक क्षेत्रों और संबंधित बुनियादी ढाँचे का विकास।
* **मूल्य श्रृंखला एकीकरण:** स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं और सहायक उद्योगों का विकास।
4. **रोजगार सृजन:**
* **प्रत्यक्ष रोजगार:** विनिर्माण इकाइयों, अनुसंधान केंद्रों और संबंधित सेवाओं में प्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन।
* **अप्रत्यक्ष रोजगार:** सहायक उद्योगों, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर।
* **कौशल विकास:** उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में कुशल कार्यबल की मांग से कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा।
* **उद्यमिता:** स्टार्ट-अप नीति के माध्यम से नए उद्यमों और स्वरोजगार को प्रोत्साहन।
5. **चुनौतियाँ और आगे की राह:** कार्यान्वयन में चुनौतियाँ, क्षेत्रीय असंतुलन को कम करना, सतत विकास सुनिश्चित करना।
6. **निष्कर्ष:** नीति के महत्व और कर्नाटक के लिए इसके दूरगामी प्रभावों का सारांश।
स्रोत: The Hindu
Karnataka PCS (KPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: कर्नाटक राज्य सरकार द्वारा हाल ही में अनुमोदित ‘एयरोस्पेस नीति 2024’ के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में 5 वर्षों में लगभग ₹60,000 करोड़ के निवेश को आकर्षित करना है। 2. नीति का लक्ष्य राज्य में एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देना है। 3. नीति के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा एयरोस्पेस पार्क स्थापित करने की योजना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: 1, 2 और 3 — एयरोस्पेस नीति 2024 के अनुसार, राज्य में 5 वर्षों में ₹60,000 करोड़ के निवेश को आकर्षित करने, एयरोस्पेस एवं रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने तथा एयरोस्पेस पार्क स्थापित करने की योजना है।
Mains: कर्नाटक राज्य के ‘एयरोस्पेस नीति 2024’ के प्रमुख उद्देश्यों एवं अपेक्षित प्रभावों का विश्लेषण करते हुए, राज्य के औद्योगिक विकास में इस नीति की भूमिका पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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