यूपीएससी परीक्षा दृष्टिकोण: आवासन मंत्रालय का विशेष अभियान 6 में योगदान

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय 2 अक्टूबर, 2026 से 31 अक्टूबर, 2026 तक विशेष अभियान 6 में सक्रियता से हिस्सा लेगा — labelled illustration

यूपीएससी परीक्षा दृष्टिकोण: आवासन मंत्रालय का विशेष अभियान 6 में योगदान

✎ विशेष अभियान 6 का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाना और लंबित मामलों का निपटान करना है, जिसमें इस वर्ष ई-कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पहलू  |  GS Paper III — पर्यावरण और पारिस्थितिकी
  • Prelims: विशेष अभियान 6, ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022, स्वच्छ भारत अभियान, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, CPGRAMS, ई-कचरा
  • Essay: सुशासन और नागरिक-केंद्रित प्रशासन में स्वच्छता और जवाबदेही की भूमिका, सतत विकास के लिए ई-कचरा प्रबंधन का महत्व

त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 6 का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाना और लंबित मामलों का निपटान करना है, जिसमें इस वर्ष ई-कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) अपने संबद्ध और अधीनस्थ कार्यालयों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के साथ मिलकर 2 अक्टूबर, 2026 से 31 अक्टूबर, 2026 तक ‘विशेष अभियान 6’ में सक्रिय रूप से भाग लेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना और लंबित मामलों को कम करना है, जिसमें इस वर्ष ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान पर विशेष जोर दिया जाएगा।

पृष्ठभूमि

  • भारत सरकार द्वारा सरकारी कार्यालयों में दक्षता, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं।
  • स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Abhiyan) के तहत देशव्यापी स्वच्छता प्रयासों को गति मिली है, जिसमें सरकारी कार्यालयों की स्वच्छता भी एक महत्वपूर्ण घटक है।
  • ई-कचरा (E-waste) आधुनिक समाज की एक बढ़ती हुई चुनौती है, जिसके सुरक्षित प्रबंधन के लिए ‘ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022’ जैसे नियामक ढाँचे बनाए गए हैं।
  • लंबित मामलों का निपटान सुशासन (Good Governance) का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जो सरकारी कामकाज में तेजी लाता है और नागरिकों के अनुभव को बेहतर बनाता है।
  • केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) और NBCC जैसे संगठन सरकारी बुनियादी ढाँचे और भवनों के रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के प्रयासों को बल मिलता है।
  • जन शिकायतें और अपीलें (Public Grievances and Appeals) सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता का संकेतक होती हैं, और उनके समय पर निपटान से जनता का सरकार पर विश्वास बढ़ता है।
  • विशेष अभियान 6 का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा: तैयारी चरण (15-30 सितंबर, 2026) और कार्यान्वयन चरण (2-31 अक्टूबर, 2026)।

विशेष अभियान 6 और इसके प्रमुख उद्देश्य

  • विशेष अभियान 6 भारत सरकार द्वारा सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और दक्षता को बढ़ावा देने के लिए चलाया जाने वाला एक राष्ट्रव्यापी अभियान है।
  • इसका प्राथमिक उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को एक संस्थागत प्रक्रिया बनाना और लंबित मामलों के त्वरित निपटान को सुनिश्चित करना है।
  • इस वर्ष के अभियान का एक विशेष फोकस ‘ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान’ है, जिसमें ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
  • अभियान में सांसदों के संदर्भों, राज्य सरकारों से प्राप्त संदर्भों, अंतर-मंत्रालयी पत्राचार, संसदीय आश्वासनों, प्रधानमंत्री कार्यालय के संदर्भों, जन शिकायतों और जन शिकायत अपीलों (CPGRAMS) से संबंधित लंबित मामलों का समय पर निपटारा शामिल है।
  • यह अभियान स्वच्छ भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है और इसका लक्ष्य सरकारी कार्यालयों में जनता के अनुभव को बेहतर बनाना है, विशेष रूप से सेवा प्रदान करने वाले क्षेत्रीय/बाहरी कार्यालयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
  • आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय अपने संबद्ध/अधीनस्थ कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के सहयोग से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।
  • केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) और NBCC जैसे संगठनों ने बाहरी स्वच्छता अभियानों, भवनों के सौंदर्यीकरण और ई-कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूकता के लिए पूर्ण सहयोग की पुष्टि की है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
विशेष अभियान 6 सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटान को संस्थागत बनाना।
ई-कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर पर्यावरण संरक्षण और ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 का अनुपालन सुनिश्चित करना।
दो चरण तैयारी चरण (15-30 सितंबर 2026) और कार्यान्वयन चरण (2-31 अक्टूबर 2026) के माध्यम से व्यवस्थित दृष्टिकोण।
लंबित मामलों का निपटान सांसदों के संदर्भों, जन शिकायतों और अंतर-मंत्रालयी पत्राचार सहित विभिन्न लंबित मामलों का समय पर समाधान।
सेवा प्रदान करने वाले क्षेत्रीय/बाहरी कार्यालयों पर ध्यान जनता के अनुभव को बेहतर बनाने और स्वच्छ भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में मदद।

महत्व

प्रशासनिक महत्व

  • यह अभियान सरकारी कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ावा देता है, जिससे लंबित मामलों का समय पर निपटारा सुनिश्चित होता है।
  • यह नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह जन शिकायतों और अपीलों के समाधान पर ध्यान केंद्रित करता है।

पर्यावरणीय महत्व

  • ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के सख्त अनुपालन के साथ ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान पर विशेष जोर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देता है।
  • यह पहल सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) को प्राप्त करने में सहायक है, विशेष रूप से जिम्मेदार उपभोग और उत्पादन से संबंधित लक्ष्यों में।

सामाजिक महत्व

  • सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाने और जनता के अनुभव को बेहतर बनाने से नागरिकों में विश्वास और संतुष्टि बढ़ती है।
  • यह स्वच्छ भारत अभियान के व्यापक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है, जिससे एक स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण होता है।

चुनौतियाँ

1. ई-कचरा प्रबंधन की जटिलता

  • ई-कचरे में विभिन्न प्रकार के खतरनाक पदार्थ होते हैं, जिनके सुरक्षित संग्रह, पृथक्करण और निपटान के लिए विशेष तकनीकों और बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है।
  • अनौपचारिक क्षेत्र में ई-कचरा प्रबंधन की व्यापकता औपचारिक चैनलों के माध्यम से प्रभावी निपटान में बाधा डालती है।

2. लंबित मामलों का बैकलॉग

  • सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों की बड़ी संख्या, विशेष रूप से जन शिकायतों और अंतर-मंत्रालयी पत्राचार से संबंधित, उनके त्वरित निपटान में चुनौती पेश करती है।
  • कर्मचारियों की कमी, अपर्याप्त प्रशिक्षण और पुरानी प्रक्रियाएं मामलों के निपटान में देरी का कारण बन सकती हैं।

3. जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन

  • ई-कचरे के उचित निपटान और कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए कर्मचारियों और जनता के बीच जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन लाना एक सतत चुनौती है।
  • प्रारंभिक उत्साह के बाद अभियान की गति को बनाए रखना और इसे एक स्थायी अभ्यास बनाना महत्वपूर्ण है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
ई-कचरा निपटान हानिकारक पदार्थों का अनुचित निपटान पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा।
लंबित मामले नागरिकों के लिए देरी और असंतोष, सरकारी दक्षता में कमी।
संसाधन उपलब्धता ई-कचरा प्रबंधन और लंबित मामलों के निपटान के लिए पर्याप्त मानव और वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता।
प्रौद्योगिकी का उपयोग लंबित मामलों के प्रबंधन और ई-कचरा ट्रैकिंग के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने में चुनौतियाँ।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Abhiyan)

आगे की राह

  • ई-कचरा प्रबंधन के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय नीति विकसित करना, जिसमें संग्रह, पृथक्करण, पुनर्चक्रण और निपटान के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश हों।
  • सरकारी कर्मचारियों के लिए ई-कचरा प्रबंधन और लंबित मामलों के त्वरित निपटान हेतु नियमित प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करना।
  • लंबित मामलों की निगरानी और समाधान के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रभावी ढंग से उपयोग करना।
  • ई-कचरा प्रबंधन और स्वच्छ कार्यालय प्रथाओं के महत्व के बारे में व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाना।
  • निजी क्षेत्र और नागरिक समाज संगठनों के साथ साझेदारी को बढ़ावा देना ताकि ई-कचरा प्रबंधन और स्वच्छता प्रयासों को बढ़ाया जा सके।
  • अभियान के परिणामों का नियमित मूल्यांकन और प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करना ताकि भविष्य के अभियानों में सुधार किया जा सके।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

विशेष अभियान 6 · ई-कचरा प्रबंधन नियम 2022 · स्वच्छता अभियान · लंबित मामलों का निपटारा · ई-कचरा · अपशिष्ट प्रबंधन · सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता · जन शिकायत निवारण · आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय · पर्यावरण संरक्षण

अवधारणा प्रवाह

विशेष अभियान 6 की घोषणा  →  सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और लंबित मामलों पर ध्यान  →  ई-कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर  →  ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 का अनुपालन  →  सरकारी दक्षता और पर्यावरण संरक्षण में सुधार

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. विशेष अभियान 6 का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाना और लंबित मामलों को कम करना है।
2. यह अभियान केवल ई-कचरे के संग्रह और निपटान पर केंद्रित है, अन्य लंबित मामलों पर नहीं।
3. ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 इस अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक सिद्धांत हैं।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि अभियान का उद्देश्य स्वच्छता और लंबित मामलों को कम करना है। कथन 2 गलत है क्योंकि अभियान ई-कचरे के साथ-साथ अन्य लंबित मामलों जैसे जन शिकायतों और संसदीय आश्वासनों पर भी ध्यान केंद्रित करता है। कथन 3 सही है क्योंकि अभियान ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेगा।

Q2. ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. ये नियम ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करते हैं।
2. इन नियमों का उद्देश्य पर्यावरण को ई-कचरे के हानिकारक प्रभावों से बचाना है।
3. ये नियम केवल बड़े औद्योगिक इकाइयों पर लागू होते हैं, सरकारी कार्यालयों पर नहीं।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: 1 और 2 दोनों — कथन 1 और 2 सही हैं क्योंकि नियम ई-कचरे के प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि ये नियम व्यापक रूप से लागू होते हैं, जिसमें सरकारी कार्यालय भी शामिल हैं, जैसा कि विशेष अभियान 6 में उनके पालन पर जोर दिया गया है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाने और लंबित मामलों को कम करने के लिए ‘विशेष अभियान 6’ के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली का विश्लेषण करें। साथ ही, ई-कचरा प्रबंधन के संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता पर भी प्रकाश डालें। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: ‘विशेष अभियान 6’ का संक्षिप्त परिचय, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित एक राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में।
2. मुख्य उद्देश्य: अभियान के दोहरे उद्देश्य – सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाना और लंबित मामलों को कम करना – का विस्तृत वर्णन।
3. कार्यप्रणाली और चरण: अभियान के दो चरणों (तैयारी और कार्यान्वयन) और इसमें शामिल विभिन्न हितधारकों (संबद्ध/अधीनस्थ कार्यालय, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम) का उल्लेख।
4. लंबित मामलों का निपटारा: सांसदों के संदर्भों, राज्य सरकारों से प्राप्त संदर्भों, अंतर-मंत्रालयी पत्राचार, संसदीय आश्वासनों, PMO के संदर्भों, जन शिकायतों और जन शिकायत अपीलों (CPGRAMS) जैसे विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों के निपटारे पर ध्यान केंद्रित करना।
5. ई-कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर: ‘ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान’ पर अभियान के विशेष ध्यान की व्याख्या।
6. ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022: इन नियमों के महत्व और अभियान में उनके कड़ाई से पालन की आवश्यकता पर चर्चा।
7. प्रासंगिकता और प्रभाव: स्वच्छ भारत के दृष्टिकोण, सरकारी कार्यालयों में जनता के अनुभव को बेहतर बनाने और पर्यावरण संरक्षण में अभियान की भूमिका का विश्लेषण। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) और NBCC जैसे संगठनों के सहयोग का उल्लेख।
8. निष्कर्ष: अभियान के दीर्घकालिक महत्व और सुशासन (Good Governance) तथा सतत विकास (Sustainable Development) में इसके योगदान पर एक संतुलित निष्कर्ष।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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