18 Sep विशेष अभियान 6.0: मोदी सरकार की नई पहल, जानिए पूरा विवरण
✎ विशेष अभियान 6.0 सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों के निपटान और ई-कचरा प्रबंधन के माध्यम से शासन में दक्षता और स्वच्छता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पहलू, ई-गवर्नेंस-अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ | GS Paper III — पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन
- Prelims: विशेष अभियान 6.0, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI), लंबित मामलों का निपटान, ई-कचरा प्रबंधन, स्वच्छता अभियान, ई-फाइलें
- Essay: शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए ई-गवर्नेंस की भूमिका, सतत विकास के लिए ई-कचरा प्रबंधन की आवश्यकता
त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 6.0 सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों के निपटान और ई-कचरा प्रबंधन के माध्यम से शासन में दक्षता और स्वच्छता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने हाल ही में विशेष अभियान 6.0 की प्रगति और तैयारियों की जानकारी दी है। यह अभियान सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों के निपटान, स्वच्छता बनाए रखने और विशेष रूप से ई-कचरे के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान पर केंद्रित है। यह अभियान 2021 से प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सरकारी कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता लाना है।
पृष्ठभूमि
- भारत सरकार द्वारा 2021 से प्रतिवर्ष लंबित मामलों के निपटारे हेतु विशेष अभियान (SCDPM) का आयोजन किया जा रहा है।
- इन अभियानों का प्राथमिक उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में लंबित फाइलों, सार्वजनिक शिकायतों, संसदीय आश्वासनों और अन्य संदर्भों का त्वरित निपटान सुनिश्चित करना है।
- सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) अपने संबद्ध, अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों के साथ मिलकर इन अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेता रहा है।
- पिछले अभियानों में भौतिक और ई-फाइलों की समीक्षा, छंटाई और बंद करने, स्वच्छता अभियान चलाने तथा स्क्रैप निपटान से राजस्व अर्जित करने जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं।
- अभियानों की मासिक निगरानी SCDPM पोर्टल के माध्यम से की जाती है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
- विशेष अभियान 6.0 का फोकस ई-कचरे के प्रबंधन पर है, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विशेष अभियान 6.0 क्या है?
- विशेष अभियान 6.0 भारत सरकार द्वारा 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा एक राष्ट्रव्यापी अभियान है।
- इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों का निपटान करना और स्वच्छता को बढ़ावा देना है, जिसमें विशेष रूप से ई-कचरे (E-waste) के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान पर जोर दिया गया है।
- यह अभियान दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है: तैयारी चरण (15-30 सितंबर 2026) और कार्यान्वयन चरण (2-31 अक्टूबर 2026)।
- तैयारी चरण में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने, लंबित मामलों की पहचान करने और निपटान प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
- इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय, वीआईपी, राज्य सरकारों और संसद से प्राप्त लंबित संदर्भों की पहचान करना शामिल है।
- अभियान में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के दिशानिर्देशों के अनुसार ई-कचरे के प्रभावी संग्रहण और पृथक्करण की पहचान करना भी शामिल है।
- इसका उद्देश्य अभिलेख और स्थान प्रबंधन विधियों को मजबूत करना है ताकि कार्यालयों में दक्षता और व्यवस्थित कार्यप्रणाली सुनिश्चित हो सके।
- सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) अपने सभी संबद्ध और अधीनस्थ कार्यालयों के साथ इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| लंबित मामलों का निपटारा | सरकारी कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाता है। |
| ई-कचरा प्रबंधन पर ध्यान | पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति सरकारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। |
| अभियान की वार्षिक प्रकृति | प्रशासनिक सुधारों को संस्थागत बनाने और निरंतरता सुनिश्चित करने में सहायक। |
| मासिक निगरानी | अभियान की प्रगति का आकलन करने और जवाबदेही तय करने में मदद करती है। |
| बहु-आयामी दृष्टिकोण | फाइल निपटान, स्वच्छता और सार्वजनिक शिकायतों के समाधान को एक साथ संबोधित करता है। |
महत्व
प्रशासनिक दक्षता
- लंबित फाइलों, विशेषकर ई-फाइलों के त्वरित निपटारे से सरकारी कामकाज में तेजी आती है।
- सार्वजनिक शिकायतों और अपीलों का समाधान सुशासन (Good Governance) के सिद्धांतों को मजबूत करता है।
पर्यावरण संरक्षण
- ई-कचरे के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान पर ध्यान केंद्रित करना पर्यावरण प्रबंधन के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
- यह सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals – SDGs) को प्राप्त करने में भी योगदान देता है।
संस्थागत सुधार
- स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटारे को एक संस्थागत प्रक्रिया के रूप में स्थापित करना दीर्घकालिक प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा देता है।
- यह सरकारी कार्यालयों में कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने में सहायक है।
जवाबदेही और पारदर्शिता
- प्रधानमंत्री कार्यालय, संसदीय आश्वासनों और राज्य सरकार के संदर्भों के निपटारे पर विशेष ध्यान जवाबदेही सुनिश्चित करता है।
- अभियान की मासिक निगरानी और प्रगति रिपोर्ट पारदर्शिता को बढ़ावा देती है।
चुनौतियाँ
1. लंबित मामलों का बोझ
- सरकारी कार्यालयों में फाइलों और संदर्भों का लगातार बढ़ता बोझ उनके त्वरित निपटारे में बाधा उत्पन्न करता है।
- पुरानी फाइलों की पहचान और उनका डिजिटलीकरण एक बड़ी चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही
2. ई-कचरा प्रबंधन की जटिलता
- ई-कचरे के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और पर्यावरण-अनुकूल निपटान के लिए विशेष बुनियादी ढाँचे और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।
- अनौपचारिक क्षेत्र में ई-कचरा निपटान से पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण
3. मानव संसाधन और प्रशिक्षण
- कर्मचारियों को नई प्रक्रियाओं, विशेषकर ई-फाइलिंग और ई-कचरा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित करना आवश्यक है।
- कार्यबल में जागरूकता और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन विकास
4. तकनीकी एकीकरण
- विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में ई-फाइलिंग प्रणालियों का एकीकरण और अंतर-संचालनीयता सुनिश्चित करना एक तकनीकी चुनौती है।
- एससीडीपीएम पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना।
यूपीएससी लिंक: ई-गवर्नेंस
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| लंबित फाइलों की बढ़ती संख्या | निर्णय लेने में देरी और प्रशासनिक अक्षमता। |
| ई-कचरे का अनुचित निपटान | पर्यावरण प्रदूषण और मानव स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव। |
| कर्मचारियों में जागरूकता की कमी | अभियान के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बाधा। |
| प्रौद्योगिकी का सीमित उपयोग | दक्षता में सुधार की धीमी गति। |
| संसाधनों की कमी | ई-कचरा प्रबंधन और अभिलेखों के डिजिटलीकरण के लिए पर्याप्त धन और बुनियादी ढाँचा। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- विशेष अभियान (Special Campaign for Disposal of Pending Matters – SCDPM)
आगे की राह
- सरकारी कार्यालयों में ई-फाइलिंग प्रणाली को पूरी तरह से लागू कर कागजी कार्रवाई को कम करना।
- ई-कचरा प्रबंधन के लिए एक व्यापक नीति विकसित करना जिसमें संग्रहण, पृथक्करण और पुनर्चक्रण के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश हों।
- कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना ताकि उन्हें लंबित मामलों के निपटान और ई-कचरा प्रबंधन की सर्वोत्तम प्रथाओं से अवगत कराया जा सके।
- एससीडीपीएम पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म को और अधिक मजबूत बनाना तथा उनकी उपयोगिता बढ़ाना।
- सार्वजनिक शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए एक केंद्रीकृत तंत्र स्थापित करना।
- स्वच्छता और अभिलेख प्रबंधन को सरकारी कार्यालयों की कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बनाना।
- पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के साथ समन्वय स्थापित कर ई-कचरा निपटान के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं (Standard Operating Procedures – SOPs) विकसित करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
विशेष अभियान · लंबित मामलों का निपटारा · ई-कचरा प्रबंधन · स्वच्छता अभियान · सरकारी कार्यालयों में दक्षता · डिजिटल फाइल प्रबंधन · सार्वजनिक शिकायत निवारण · पर्यावरण संरक्षण · सुशासन · सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
अवधारणा प्रवाह
सरकारी कार्यालयों में लंबित मामले और अपशिष्ट → विशेष अभियान का शुभारंभ (तैयारी और कार्यान्वयन) → फाइलों की समीक्षा, छंटाई और ई-फाइलों का बंद होना → ई-कचरा संग्रहण, पृथक्करण और निपटान पर ध्यान → सार्वजनिक शिकायतों और संदर्भों का समाधान → प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विशेष अभियान 6.0 का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों का निपटारा करना है।
2. यह अभियान केवल भौतिक फाइलों के निपटारे पर केंद्रित है, ई-फाइलों पर नहीं।
3. अभियान के कार्यान्वयन चरण के दौरान ई-कचरे के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल एक — कथन 1 सही है क्योंकि अभियान का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का निपटारा करना है। कथन 2 गलत है क्योंकि अभियान भौतिक और ई-फाइल दोनों के निपटारे पर केंद्रित है। कथन 3 सही है क्योंकि विशेष अभियान 6.0 में ई-कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है।
Q2. सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा संचालित विशेष अभियान के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- यह अभियान वर्ष 2021 से प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है।
- अभियान की मासिक निगरानी SCDPM पोर्टल के माध्यम से की जाती है।
- विशेष अभियान 6.0 केवल केंद्रीय मंत्रालयों तक ही सीमित है, क्षेत्रीय कार्यालयों तक नहीं।
- इस अभियान में प्रधानमंत्री कार्यालय के संदर्भों और संसदीय आश्वासनों के निपटारे पर भी ध्यान दिया जाता है।
उत्तर: विशेष अभियान 6.0 केवल केंद्रीय मंत्रालयों तक ही सीमित है, क्षेत्रीय कार्यालयों तक नहीं। — विकल्प C सही नहीं है क्योंकि विशेष अभियान 6.0 क्षेत्रीय कार्यालयों सहित MoSPI के संबद्ध, अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों में भी लागू किया जा रहा है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों के निपटारे और ई-कचरा प्रबंधन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियानों के महत्व पर चर्चा कीजिए। सुशासन और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा देने में ऐसे अभियानों की भूमिका का भी मूल्यांकन कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: परिचय में विशेष अभियानों की पृष्ठभूमि और उद्देश्य का संक्षिप्त उल्लेख करें। पहले भाग में लंबित मामलों के निपटारे और ई-कचरा प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालें, जिसमें फाइलों की समीक्षा, छंटाई, ई-फाइलों को बंद करना और स्वच्छता अभियान जैसे बिंदु शामिल हों। दूसरे भाग में सुशासन (Good Governance) और प्रशासनिक दक्षता (Administrative Efficiency) को बढ़ावा देने में इन अभियानों की भूमिका का मूल्यांकन करें, जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही, संसाधन अनुकूलन और पर्यावरण संरक्षण जैसे पहलुओं को शामिल किया जाए। निष्कर्ष में ऐसे अभियानों की निरंतरता और व्यापकता की आवश्यकता पर बल दें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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