03 Sep आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने ग्रामीण जलापूर्ति और तंबाकू समर्थन के लिए ₹4,148 करोड़ मंजूर किए

✎ आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने ग्रामीण जल आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन के तहत ₹4,054 करोड़ और तम्बाकू किसानों को ₹94 करोड़ का मूल्य कमी भुगतान स्वीकृत किया है, जो ग्रामीण विकास और कृषि सहायता पर केंद्रित है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, विकास प्रक्रियाएँ | GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था, कृषि, आधारभूत संरचना
- Prelims: जल जीवन मिशन, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT), मूल्य कमी भुगतान (Price Deficiency Support), APTRANSCO, AP MARKFED, PM-KUSUM योजना
- Essay: ग्रामीण विकास और जल सुरक्षा: चुनौतियाँ एवं समाधान, कृषि क्षेत्र में सरकारी हस्तक्षेप की आवश्यकता और प्रभाव
त्वरित पुनरावृत्ति: आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने ग्रामीण जल आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन के तहत ₹4,054 करोड़ और तम्बाकू किसानों को ₹94 करोड़ का मूल्य कमी भुगतान स्वीकृत किया है, जो ग्रामीण विकास और कृषि सहायता पर केंद्रित है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने हाल ही में ₹4,054 करोड़ की ग्रामीण जल आपूर्ति परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने और युक्तिसंगत बनाने की मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त, मंत्रिमंडल ने तम्बाकू किसानों के लिए ₹94 करोड़ के मूल्य कमी भुगतान (Price Deficiency Support) को भी स्वीकृति प्रदान की। इन निर्णयों में ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण अनुमोदन और रद्दकरण भी शामिल हैं, जो राज्य के विकास एजेंडे को दर्शाते हैं।
पृष्ठभूमि
- भारत में ग्रामीण जल आपूर्ति एक महत्वपूर्ण चुनौती रही है, जिसके समाधान के लिए केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन (JJM) जैसी योजनाएं शुरू की हैं।
- कृषि उत्पादों के लिए मूल्य समर्थन किसानों को बाजार की अस्थिरता से बचाने और उनकी आय सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत उपकरण है।
- राज्य सरकारें अक्सर विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करने हेतु सरकारी गारंटी प्रदान करती हैं।
- ऊर्जा क्षेत्र, विशेषकर बिजली उत्पादन और वितरण, किसी भी राज्य के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है और इसमें लगातार नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है।
- आपदा प्रबंधन और पुनर्निर्माण कार्य, विशेषकर बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बाद, राज्य सरकारों की प्राथमिकताओं में से एक होते हैं।
- औद्योगिक विकास और MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) पार्कों की स्थापना रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास के लिए आवश्यक है।
जल जीवन मिशन (JJM) और मूल्य कमी भुगतान क्या है?
- जल जीवन मिशन (JJM): यह भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है जिसका लक्ष्य ‘हर घर जल’ सुनिश्चित करना है।
- मिशन का क्रियान्वयन राज्यों के साथ साझेदारी में किया जाता है, जिसमें स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर जोर दिया जाता है।
- मूल्य कमी भुगतान (Price Deficiency Support): यह एक ऐसी व्यवस्था है जिसके तहत यदि किसी कृषि उत्पाद का बाजार मूल्य सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम हो जाता है, तो किसानों को अंतर राशि का भुगतान किया जाता है।
- यह किसानों को बाजार की कीमतों में गिरावट के जोखिम से बचाने में मदद करता है, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
- प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT): यह एक ऐसी प्रणाली है जिसके तहत सरकारी योजनाओं के तहत लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित किए जाते हैं, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है और पारदर्शिता बढ़ती है।
- APTRANSCO (आंध्र प्रदेश ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन): यह आंध्र प्रदेश में बिजली के पारेषण (transmission) के लिए जिम्मेदार राज्य के स्वामित्व वाली इकाई है।
- AP MARKFED (आंध्र प्रदेश सहकारी विपणन महासंघ): यह आंध्र प्रदेश में कृषि उत्पादों के विपणन और खरीद में शामिल एक सहकारी संस्था है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| ग्रामीण जल आपूर्ति कार्यों का पुनर्गठन | जल जीवन मिशन (JJM) के ‘हर घर जल’ लक्ष्य को गति देना, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना। |
| तंबाकू किसानों को मूल्य समर्थन | कम गुणवत्ता वाले तंबाकू के लिए किसानों को ₹10 प्रति किलोग्राम का प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) प्रदान करना, उनकी आय को स्थिर करना। |
| APTRANSCO और APPDCL को सरकारी गारंटी | ऊर्जा क्षेत्र में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए ऋण जुटाने में सहायता करना, राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना। |
| पोलवरम जलविद्युत परियोजना के लिए मूल्य भिन्नता पद्धति | परियोजना की लागत गणना में पारदर्शिता और दक्षता लाना, बड़े पैमाने की परियोजनाओं के निष्पादन को सुव्यवस्थित करना। |
| बाढ़ क्षति बहाली कार्य | कृष्णा, NTR, गुंटूर और बापटला जिलों में बाढ़ से हुए नुकसान की मरम्मत करना, आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे की बहाली को प्राथमिकता देना। |
| औद्योगिक और MSME पार्कों के लिए भूमि हस्तांतरण | राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना, रोजगार सृजन और आर्थिक विविधीकरण को प्रोत्साहित करना। |
महत्व
आर्थिक महत्व
- ग्रामीण जल आपूर्ति परियोजनाओं में ₹4,053 करोड़ का निवेश ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा और रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
- तंबाकू किसानों को ₹94 करोड़ का मूल्य समर्थन उनकी आय को स्थिर करेगा और कृषि क्षेत्र को सहारा देगा।
- ऊर्जा क्षेत्र में सरकारी गारंटी और ऋण अनुमोदन राज्य की ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करेगा, जिससे औद्योगिक और कृषि विकास को समर्थन मिलेगा।
सामाजिक महत्व
- ग्रामीण जल आपूर्ति कार्यों का पुनर्गठन ‘हर घर जल’ लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा, जिससे ग्रामीण आबादी के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार होगा।
- किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से सहायता प्रदान करने से उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और ग्रामीण संकट कम होगा।
शासनिक महत्व
- मंत्रिमंडल द्वारा विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी देना राज्य सरकार की नीति निर्माण और कार्यान्वयन क्षमता को दर्शाता है।
- परियोजनाओं का युक्तिकरण और पुनर्गठन संसाधनों के कुशल उपयोग और बेहतर परिणाम प्राप्त करने पर केंद्रित है।
- आपदा से हुई क्षति की बहाली के लिए त्वरित अनुमोदन आपदा प्रबंधन में सरकार की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।
पर्यावरणीय महत्व
- सौर ऊर्जा परियोजना के लिए भूमि अनुमोदन PM-KUSUM योजना के तहत नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देगा, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा।
- बाढ़ क्षति बहाली कार्य जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति लचीलापन बनाने में मदद करेंगे।
चुनौतियाँ
1. परियोजना कार्यान्वयन और निगरानी
- बड़ी परियोजनाओं के समय पर और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन को सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
- निधियों के उचित उपयोग और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र की आवश्यकता है।
यूपीएससी लिंक: शासन, विकास प्रक्रियाएँ
2. राजकोषीय प्रबंधन
- बड़ी परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तपोषण जुटाना और राज्य के राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित करना महत्वपूर्ण है।
- सरकारी गारंटी से उत्पन्न होने वाली आकस्मिक देनदारियों का प्रबंधन एक चुनौती हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: सरकारी बजट, राजकोषीय नीति
3. कृषि क्षेत्र की चुनौतियाँ
- तंबाकू जैसी फसलों के लिए मूल्य समर्थन एक अल्पकालिक समाधान है; किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करना दीर्घकालिक स्थिरता के लिए आवश्यक है।
- कृषि उत्पादों के लिए प्रभावी विपणन और भंडारण सुविधाओं का अभाव किसानों के लिए एक सतत चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: कृषि, किसानों की आय
4. ऊर्जा क्षेत्र की स्थिरता
- राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना और बिजली वितरण कंपनियों के घाटे को कम करना एक बड़ी चुनौती है।
- नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में संक्रमण और ग्रिड एकीकरण को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: बुनियादी ढाँचा: ऊर्जा
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| ग्रामीण जल आपूर्ति परियोजनाओं का पुनर्गठन | परियोजनाओं के समय पर पूरा होने में देरी और लागत में वृद्धि की संभावना। |
| तंबाकू किसानों को मूल्य समर्थन | बाजार विकृतियों का जोखिम और दीर्घकालिक रूप से फसल विविधीकरण को हतोत्साहित करना। |
| सरकारी गारंटी | राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ने और आकस्मिक देनदारियों का जोखिम। |
| ऊर्जा परियोजनाओं का रद्द होना | निवेशकों के विश्वास पर संभावित नकारात्मक प्रभाव और ऊर्जा सुरक्षा योजनाओं में व्यवधान। |
| औद्योगिक भूमि का आवंटन | भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुद्दे और स्थानीय समुदायों के विस्थापन की चिंताएँ। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission)
आगे की राह
- परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए एक मजबूत निगरानी और मूल्यांकन तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए ताकि समय पर पूरा होना और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
- राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के लिए राज्य के वित्त का सावधानीपूर्वक प्रबंधन किया जाना चाहिए, जिसमें ऋण और गारंटी का विवेकपूर्ण उपयोग शामिल है।
- तंबाकू किसानों को मूल्य समर्थन के साथ-साथ, उन्हें वैकल्पिक फसलों और आय के स्रोतों की ओर मोड़ने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियाँ विकसित की जानी चाहिए।
- ऊर्जा क्षेत्र में सुधारों को जारी रखा जाना चाहिए, जिसमें वितरण कंपनियों की वित्तीय व्यवहार्यता में सुधार और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना शामिल है।
- औद्योगिक विकास और MSME पार्कों के लिए भूमि आवंटन में पारदर्शिता और स्थानीय समुदायों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
- आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए एक व्यापक योजना होनी चाहिए, जिसमें जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति लचीलापन बढ़ाना शामिल हो।
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership) के माध्यम से परियोजनाओं के वित्तपोषण और निष्पादन के नवीन तरीकों का पता लगाया जाना चाहिए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
जल जीवन मिशन · ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाएँ · प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) · मूल्य समर्थन योजनाएँ · कृषि विपणन · राजकोषीय संघवाद · राज्य वित्त · बुनियादी ढाँचा विकास · ऊर्जा क्षेत्र · आपदा प्रबंधन · MSME पार्क · प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM)
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 243G’, ‘note’: ‘पंचायतों की शक्तियाँ, प्राधिकार और उत्तरदायित्व’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 282’, ‘note’: ‘संघ या राज्य द्वारा अनुदान’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 293’, ‘note’: ‘राज्यों द्वारा उधार लेना’}
अवधारणा प्रवाह
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक → ग्रामीण जल, कृषि और ऊर्जा परियोजनाओं को मंजूरी → जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर जल’ लक्ष्य को गति → किसानों को आय सहायता और ऊर्जा अवसंरचना का विकास → राज्य में आर्थिक संवृद्धि और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जल जीवन मिशन का लक्ष्य 2024 तक सभी ग्रामीण घरों में नल का जल कनेक्शन उपलब्ध कराना है।
2. यह मिशन जल शक्ति मंत्रालय के तहत कार्यान्वित किया जा रहा है।
3. मिशन का एक प्रमुख घटक ‘हर घर जल’ है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 गलत है क्योंकि जल जीवन मिशन का लक्ष्य 2024 तक सभी ग्रामीण घरों में कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) प्रदान करना है। कथन 2 सही है, यह जल शक्ति मंत्रालय के तहत आता है। कथन 3 भी सही है, ‘हर घर जल’ इसका मुख्य लक्ष्य है।
Q2. कथन (A): आंध्र प्रदेश सरकार ने तंबाकू किसानों को मूल्य समर्थन प्रदान करने के लिए ₹94 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।
कारण (R): यह कदम किसानों को कम और ऑफ-स्टाइल तंबाकू की खरीद के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से ₹10 प्रति किलोग्राम का समर्थन प्रदान करेगा।
- A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सही है, लेकिन R गलत है।
- A गलत है, लेकिन R सही है।
उत्तर: A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — कथन A सही है कि आंध्र प्रदेश सरकार ने तंबाकू किसानों के लिए मूल्य समर्थन को मंजूरी दी है। कारण R भी सही है कि यह समर्थन प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से ₹10 प्रति किलोग्राम प्रदान किया जाएगा, जो कथन A की सही व्याख्या करता है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन PM-KUSUM योजना का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
- यह ग्रामीण क्षेत्रों में सभी घरों को मुफ्त बिजली प्रदान करने से संबंधित है।
- यह किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा संचालित पंप स्थापित करने में सहायता करता है।
- यह ग्रामीण क्षेत्रों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
- यह कृषि उत्पादों के विपणन के लिए एक राष्ट्रीय ई-प्लेटफॉर्म है।
उत्तर: यह किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा संचालित पंप स्थापित करने में सहायता करता है। — PM-KUSUM (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) योजना का उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा संचालित कृषि पंप स्थापित करने और अतिरिक्त सौर ऊर्जा को ग्रिड को बेचने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो और डीजल पर निर्भरता कम हो।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ राज्य सरकारों द्वारा ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं के पुनर्गठन और कृषि उत्पादों के लिए मूल्य समर्थन तंत्र का उपयोग, राज्य के विकास और किसानों की आय बढ़ाने में किस प्रकार सहायक है? जल जीवन मिशन और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के संदर्भ में चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं और कृषि मूल्य समर्थन की आवश्यकता का संक्षिप्त परिचय। राज्य सरकारों की भूमिका का उल्लेख।
2. **ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं का पुनर्गठन:**
* आंध्र प्रदेश के संदर्भ में पुनर्गठन का विवरण (13,252 कार्यों का 7,439 योजनाओं में युक्तिकरण)।
* जल जीवन मिशन (JJM) के लक्ष्य (‘हर घर जल’) और इसके साथ पुनर्गठन के तालमेल पर प्रकाश।
* बुनियादी ढाँचा विकास और ग्रामीण स्वास्थ्य पर इसके सकारात्मक प्रभाव।
3. **कृषि उत्पादों के लिए मूल्य समर्थन तंत्र:**
* तंबाकू किसानों के लिए ₹94 करोड़ के मूल्य समर्थन का उदाहरण।
* प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से किसानों को सीधे लाभ पहुँचाने की प्रक्रिया और इसके लाभ (बिचौलियों का उन्मूलन, पारदर्शिता)।
* टोटापुरी आमों के लिए भी समर्थन मूल्य के विस्तार का उल्लेख।
* किसानों की आय स्थिरता और कृषि संकट को कम करने में भूमिका।
4. **राज्य के विकास और किसानों की आय वृद्धि में सहायता:**
* जल सुरक्षा से स्वास्थ्य और उत्पादकता में सुधार।
* निश्चित मूल्य समर्थन से किसानों को बाजार की अस्थिरता से सुरक्षा।
* ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव (उपभोक्ता मांग में वृद्धि, स्थानीय रोजगार)।
* राजकोषीय संघवाद के तहत राज्य की वित्तीय स्वायत्तता और केंद्र-राज्य सहयोग का महत्व।
5. **चुनौतियाँ और आगे की राह:** कार्यान्वयन में चुनौतियाँ, वित्तीय स्थिरता, और दीर्घकालिक समाधानों की आवश्यकता पर संक्षिप्त चर्चा।
6. **निष्कर्ष:** राज्य सरकारों की इन पहलों का समग्र विकास और समावेशी वृद्धि में योगदान।
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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