30 Jul पीएम श्री योजना: 14,500 स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत मजबूत बनाने की पहल


मानचित्र व माइंड-मैप: PM SHRI Scheme Implementation
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — सामाजिक न्याय, शिक्षा, मानव संसाधन | GS Paper III — मानव संसाधन विकास
- Prelims: पीएम श्री योजना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, केंद्र प्रायोजित योजना, चैलेंज मोड चयन, 5+3+3+4 पाठ्यचर्या संरचना, समग्र विकास, शिक्षा मंत्रालय
- Essay: भारत में शिक्षा सुधार: चुनौतियाँ और अवसर, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक कदम
त्वरित पुनरावृत्ति: पीएम श्री योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सिद्धांतों को प्रदर्शित करने वाली एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका लक्ष्य देशभर में आदर्श विद्यालयों का निर्माण कर गुणवत्तापूर्ण और समग्र शिक्षा प्रदान करना है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना के कार्यान्वयन की स्थिति, इसके उद्देश्यों और राज्यों द्वारा समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर करने के महत्व पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि अब तक 13,092 विद्यालयों का चयन पीएम श्री विद्यालयों के रूप में किया गया है और योजना के तहत निधियों का आवंटन एवं निर्गमन वित्त वर्ष 2023-24 से प्रारंभ हो चुका है।
पृष्ठभूमि
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली में परिवर्तनकारी सुधार लाना है, जिसमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समग्र विकास और 21वीं सदी के कौशल पर जोर दिया गया है।
- पीएम श्री योजना को NEP 2020 के उद्देश्यों को प्रदर्शित करने और देश भर में आदर्श विद्यालयों का एक नेटवर्क स्थापित करने के लिए शुरू किया गया था।
- यह योजना केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है, जिसका अर्थ है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारें दोनों इसके कार्यान्वयन में वित्तीय योगदान करती हैं।
- योजना का कार्यान्वयन वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक की अवधि के लिए निर्धारित है।
- पीएम श्री विद्यालयों का चयन ‘चैलेंज मोड’ के माध्यम से किया जाता है, जिसमें राज्य/संघ राज्य क्षेत्र केंद्र के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद प्रतिस्पर्धा करते हैं।
- इन विद्यालयों का लक्ष्य आसपास के अन्य विद्यालयों के लिए नेतृत्व प्रदान करना और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के मानक स्थापित करना है।
पीएम श्री योजना क्या है?
- पीएम श्री योजना ‘प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया’ का संक्षिप्त रूप है, जिसका उद्देश्य देश भर के 14,500 से अधिक विद्यालयों को सुदृढ़ करना है।
- यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सभी पहलों को प्रदर्शित करती है और ‘आदर्श विद्यालयों’ के रूप में कार्य करती है।
- योजना का मुख्य उद्देश्य समतामूलक, समावेशी और आनंदमय विद्यालयी वातावरण में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करना है, जो बच्चों की विविध पृष्ठभूमि, बहुभाषी आवश्यकताओं और विभिन्न शैक्षणिक क्षमताओं का ध्यान रखता है।
- पीएम श्री विद्यालय केवल संज्ञानात्मक विकास पर ही नहीं, बल्कि 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों से युक्त समग्र और बहुआयामी व्यक्तित्व के निर्माण पर भी बल देते हैं।
- इन विद्यालयों में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF)/राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा (SCF) के अनुरूप पाठ्यचर्या अपनाई जाती है, जिसे नई 5+3+3+4 पाठ्यचर्या एवं शिक्षाशास्त्रीय संरचना के अनुसार विकसित किया जाएगा।
- राज्यों को मूलभूत सिद्धांतों और संवैधानिक मूल्यों का पालन करते हुए अपनी राज्य-विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यचर्या को अनुकूलित करने की सुविधा प्रदान की गई है।
- योजना के तहत विद्यालयों का चयन ‘चैलेंज मोड’ के माध्यम से होता है, जिसमें राज्य/संघ राज्य क्षेत्र केंद्र के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर करते हैं।
- पीएम श्री विद्यालयों में बच्चों को अपनी सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाने पर जोर दिया जाता है, ताकि प्रत्येक बच्चा सुरक्षित और प्रेरणादायक वातावरण में स्वयं को स्वागत योग्य महसूस कर सके।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| केंद्र प्रायोजित योजना | केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से कार्यान्वित। |
| 14,500 से अधिक विद्यालयों का सुदृढ़ीकरण | देशभर में शिक्षा के बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता में व्यापक सुधार। |
| राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का प्रदर्शन | NEP 2020 के सिद्धांतों और पहलों को जमीनी स्तर पर लागू करने का मॉडल। |
| आदर्श विद्यालय के रूप में कार्य | आसपास के अन्य विद्यालयों के लिए गुणवत्ता और शिक्षण मानकों का बेंचमार्क स्थापित करना। |
| समग्र एवं बहुआयामी व्यक्तित्व का निर्माण | संज्ञानात्मक विकास के साथ-साथ 21वीं सदी के कौशलों पर भी जोर। |
| समझौता ज्ञापन (MOU) और चैलेंज मोड | राज्यों की प्रतिबद्धता सुनिश्चित करना और विद्यालयों के चयन में प्रतिस्पर्धात्मकता लाना। |
महत्व
शैक्षिक महत्व
- यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के सभी घटकों को प्रदर्शित करती है, जिससे नीतिगत उद्देश्यों को व्यवहार में लाने का एक स्पष्ट मार्ग मिलता है।
- यह विद्यालयों को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करती है, जो आसपास के अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बनते हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में समग्र सुधार होता है।
- यह बच्चों की विविध सामाजिक पृष्ठभूमि, बहुभाषी आवश्यकताओं और विभिन्न शैक्षणिक क्षमताओं का ध्यान रखती है, जिससे एक समतामूलक और समावेशी शिक्षण वातावरण का निर्माण होता है।
सामाजिक महत्व
- यह योजना 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों से युक्त समग्र एवं बहुआयामी व्यक्तित्व के निर्माण पर बल देती है, जिससे विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर ढंग से तैयार होते हैं।
- यह विद्यार्थियों को अपनी सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाती है, जिससे उनमें आत्मविश्वास और सीखने के प्रति रुचि बढ़ती है।
- यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक बच्चा सुरक्षित और प्रेरणादायक वातावरण में स्वयं को स्वागत योग्य, देखभाल प्राप्त करने वाला तथा समर्थ महसूस करे, जिससे उनकी भावनात्मक और सामाजिक भलाई सुनिश्चित होती है।
प्रशासनिक महत्व
- केंद्र और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समझौता ज्ञापन (MOU) के माध्यम से सहयोग को बढ़ावा देती है, जिससे संघीय ढांचे में शिक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलती है।
- चैलेंज मोड के माध्यम से विद्यालयों का चयन पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है, जिससे सबसे योग्य विद्यालयों को सहायता मिलती है।
- योजना का कार्यान्वयन 2022-23 से 2026-27 तक की अवधि के लिए है, जो एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण प्रदान करता है।
चुनौतियाँ
1. राज्यों की भागीदारी
- कुछ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर न करना या योजना से बाहर हो जाना, जिससे योजना के लाभों का समान वितरण बाधित हो सकता है।
- राज्यों की विभिन्न प्राथमिकताओं और वित्तीय बाधाओं के कारण कार्यान्वयन में असमानता की संभावना।
यूपीएससी लिंक: शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही
2. निधियों का आवंटन एवं उपयोग
- योजना के लिए आवंटित निधियों का समय पर और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना एक चुनौती हो सकती है।
- राज्यों द्वारा निधियों के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना।
यूपीएससी लिंक: सरकारी बजट, वित्तीय प्रबंधन
3. गुणवत्ता आश्वासन और निगरानी
- चयनित पीएम श्री विद्यालयों में निर्धारित गुणवत्ता मानकों को लगातार बनाए रखना और उनका मूल्यांकन करना।
- योजना के उद्देश्यों के अनुरूप परिणामों की प्रभावी निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली विकसित करना।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित मुद्दे
4. शिक्षक प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
- NEP 2020 और PM श्री योजना के अनुरूप शिक्षकों को प्रशिक्षित करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना।
- नवीन शिक्षण पद्धतियों और बहुभाषी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शिक्षकों को तैयार करना।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन का विकास
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| राज्यों की असमान भागीदारी | कुछ राज्यों द्वारा MOU पर हस्ताक्षर न करने से योजना के लाभों से वंचित रहना। |
| निधियों का प्रभावी उपयोग | आवंटित निधियों का समय पर और लक्षित तरीके से व्यय सुनिश्चित करना। |
| गुणवत्ता मानकों का रखरखाव | चयनित विद्यालयों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के स्तर को बनाए रखना। |
| शिक्षक क्षमता का विकास | NEP 2020 के अनुरूप शिक्षकों को प्रशिक्षित और सशक्त करना। |
| पाठ्यचर्या अनुकूलन | राज्यों द्वारा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के अनुरूप अपनी पाठ्यचर्या को प्रभावी ढंग से अनुकूलित करना। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना
आगे की राह
- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित संवाद और सहयोग को मजबूत करना ताकि MOU पर हस्ताक्षर करने में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके।
- निधियों के आवंटन और उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र स्थापित करना।
- पीएम श्री विद्यालयों में गुणवत्ता आश्वासन के लिए एक व्यापक फ्रेमवर्क विकसित करना और नियमित मूल्यांकन करना।
- शिक्षकों के लिए व्यापक और निरंतर व्यावसायिक विकास कार्यक्रम आयोजित करना, विशेष रूप से NEP 2020 की नई पाठ्यचर्या और शिक्षाशास्त्रीय संरचना पर केंद्रित।
- राज्यों को राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के अनुरूप अपनी राज्य-विशिष्ट पाठ्यचर्या को अनुकूलित करने में तकनीकी और शैक्षणिक सहायता प्रदान करना।
- योजना के प्रभावों का नियमित रूप से मूल्यांकन करना और आवश्यकतानुसार नीतिगत समायोजन करना ताकि इसके उद्देश्यों को अधिकतम रूप से प्राप्त किया जा सके।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
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संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- अनुच्छेद 21A: शिक्षा का अधिकार
- अनुच्छेद 45: बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा
- अनुच्छेद 39(f): बच्चों के स्वस्थ विकास के अवसर
- अनुच्छेद 282: संघ या राज्य द्वारा अनुदान
अवधारणा प्रवाह
केंद्र सरकार द्वारा पीएम श्री योजना का शुभारंभ। → राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर। → चैलेंज मोड के माध्यम से विद्यालयों का चयन। → चयनित विद्यालयों को वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन। → NEP 2020 के अनुरूप आदर्श विद्यालयों का विकास। → शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और समग्र व्यक्तित्व का निर्माण।
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. पीएम श्री योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसका उद्देश्य देश भर के 14,500 से अधिक विद्यालयों को सुदृढ़ करना है।
2. इस योजना का कार्यान्वयन वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक किया जाएगा।
3. पीएम श्री विद्यालयों का चयन राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा सीधे किया जाता है, बिना किसी प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया के।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है। पीएम श्री योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसका लक्ष्य 14,500 से अधिक विद्यालयों को सुदृढ़ करना है। कथन 2 सही है। योजना की कार्यान्वयन अवधि 2022-23 से 2026-27 तक है। कथन 3 गलत है। पीएम श्री विद्यालयों का चयन ‘चैलेंज मोड’ के माध्यम से किया जाता है, जिसमें विद्यालय आदर्श विद्यालय बनने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं, न कि सीधे राज्यों द्वारा।
Q2. अभिकथन (A): पीएम श्री योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के सभी घटकों को प्रदर्शित करती है।
कारण (R): यह योजना केवल संज्ञानात्मक विकास पर केंद्रित है और 21वीं सदी के कौशलों पर ध्यान नहीं देती है।
- A और R दोनों सत्य हैं, और R, A का सही स्पष्टीकरण है।
- A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
- A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
- A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
उत्तर: A सत्य है, लेकिन R असत्य है। — अभिकथन (A) सत्य है, क्योंकि पीएम श्री योजना का उद्देश्य NEP 2020 के सभी घटकों को प्रदर्शित करना है। कारण (R) असत्य है, क्योंकि योजना न केवल संज्ञानात्मक विकास पर ध्यान केंद्रित करती है, बल्कि 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों से युक्त समग्र एवं बहुआयामी व्यक्तित्व के निर्माण पर भी बल देती है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ पीएम श्री योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों को प्राप्त करने में किस प्रकार सहायक है? इस योजना के कार्यान्वयन में राज्यों के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: पीएम श्री योजना का संक्षिप्त परिचय, इसके उद्देश्य और केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में इसकी प्रकृति।
2. NEP 2020 के उद्देश्यों को प्राप्त करने में सहायता:
क. आदर्श विद्यालयों के रूप में कार्य करना और नेतृत्व प्रदान करना।
ख. समतामूलक, समावेशी और आनंदमय शिक्षण वातावरण का निर्माण।
ग. समग्र और बहुआयामी व्यक्तित्व विकास पर बल (21वीं सदी के कौशल)।
घ. नई 5+3+3+4 पाठ्यचर्या संरचना का कार्यान्वयन।
ङ. बच्चों की विविध सामाजिक पृष्ठभूमि, बहुभाषी आवश्यकताओं और विभिन्न शैक्षणिक क्षमताओं का ध्यान रखना।
3. कार्यान्वयन में राज्यों के समक्ष चुनौतियाँ:
क. समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर करने में देरी या अनिच्छा (जैसे केरल का उदाहरण)।
ख. ‘चैलेंज मोड’ प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा और क्षमता निर्माण की आवश्यकता।
ग. वित्तीय आवंटन और उसके उपयोग में पारदर्शिता एवं जवाबदेही।
घ. राज्य-विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यचर्या अनुकूलन की जटिलता।
ङ. शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता संवर्धन की आवश्यकता।
च. आधारभूत संरचना और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
4. निष्कर्ष: योजना के महत्व को रेखांकित करते हुए, सफल कार्यान्वयन के लिए केंद्र-राज्य सहयोग और निरंतर निगरानी की आवश्यकता पर बल।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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