30 Aug लखनऊ छावनी में 14 विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन: केंद्र-राज्य की संयुक्त पहल
✎ छावनी बोर्ड रक्षा मंत्रालय के अधीन एक स्थानीय स्वशासन निकाय है, जो छावनी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाएँ प्रदान करता है, और इसका विकास केंद्र-राज्य समन्वय के माध्यम से 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, स्थानीय निकायों की भूमिका | GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोजगार से संबंधित विषय, अवसंरचना (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि)
- Prelims: छावनी बोर्ड (Cantonment Board), स्थानीय स्वशासन, शहरी विकास परियोजनाएँ, स्वच्छ भारत मिशन, मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर, विकसित भारत 2047
- Essay: स्थानीय शासन में केंद्र-राज्य समन्वय की भूमिका, विकसित भारत के निर्माण में शहरी अवसंरचना का महत्व
त्वरित पुनरावृत्ति: छावनी बोर्ड रक्षा मंत्रालय के अधीन एक स्थानीय स्वशासन निकाय है, जो छावनी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाएँ प्रदान करता है, और इसका विकास केंद्र-राज्य समन्वय के माध्यम से ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने 30 अगस्त, 2026 को लखनऊ छावनी में 100 करोड़ रुपये से अधिक की 14 विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य छावनी क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, खेल सुविधाओं, स्वच्छता, जल आपूर्ति और शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार करना है, जिनमें राज्य सरकार के सहयोग से कार्यान्वित की जा रही दो परियोजनाएँ भी शामिल हैं।
पृष्ठभूमि
- छावनी बोर्ड भारत में शहरी स्थानीय स्वशासन (Urban Local Self-Governance) का एक विशेष रूप है, जो रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में आता है।
- इनका गठन छावनी अधिनियम, 2006 (Cantonments Act, 2006) के तहत किया जाता है, और ये सैन्य कर्मियों तथा छावनी क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों दोनों के लिए नागरिक सुविधाएँ प्रदान करते हैं।
- केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय, विशेषकर शहरी विकास और अवसंरचना परियोजनाओं के कार्यान्वयन में, सुशासन (Good Governance) और समावेशी विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य देश को आर्थिक संवृद्धि, सामाजिक प्रगति और उच्च जीवन स्तर के साथ एक विकसित राष्ट्र में बदलना है, जिसमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ जल और युवाओं के लिए अवसरों पर विशेष बल दिया गया है।
- नाम परिवर्तन की पहलें अक्सर राष्ट्रीय विरासत और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी हस्तियों को सम्मान देने तथा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से की जाती हैं।
छावनी बोर्ड और शहरी अवसंरचना विकास
- छावनी बोर्ड एक अर्ध-नगरपालिका निकाय है जो छावनी क्षेत्रों के प्रशासन के लिए जिम्मेदार है। इसमें निर्वाचित और मनोनीत सदस्य शामिल होते हैं।
- इन बोर्डों का मुख्य कार्य छावनी क्षेत्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, जल आपूर्ति और सड़क रखरखाव जैसी नागरिक सुविधाएँ प्रदान करना है।
- शहरी अवसंरचना विकास में जल आपूर्ति, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management), सीवरेज, सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन और नागरिक सुविधाओं का उन्नयन शामिल है।
- लखनऊ छावनी में शुरू की गई परियोजनाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र, बहुउपयोगी खेल परिसर, आधुनिक श्मशान घाट, जल आपूर्ति पाइपलाइन का प्रतिस्थापन और दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष विद्यालय जैसी पहलें शामिल हैं।
- राज्य सरकार के सहयोग से कार्यान्वित की जा रही परियोजनाओं में आरए बाजार सिटी पॉलीक्लिनिक और मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर शामिल हैं, जो स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
- ‘विकसित भारत’ की अवधारणा में केवल आर्थिक संवृद्धि ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ जल, युवाओं के लिए अवसर और समावेशी समाज जैसे सामाजिक विकास के आयाम भी शामिल हैं।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| जल आपूर्ति परियोजनाएँ (भूमिगत जलाशय, ट्यूबवेल, पाइपलाइन प्रतिस्थापन) | छावनी क्षेत्र के निवासियों के लिए स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल सुनिश्चित करना, सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार। |
| शिक्षा सुविधाएँ (दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष विद्यालय, अतिरिक्त कक्षाएँ, मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर) | समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना, वंचित वर्गों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच बढ़ाना और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता। |
| स्वास्थ्य सेवा (आरए बाजार सिटी पॉलीक्लिनिक) | नागरिकों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना, स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच को सुदृढ़ करना। |
| स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (AI-आधारित संयंत्र, विरासत अपशिष्ट-जैव-खनन) | स्वच्छता मानकों में सुधार, पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों का उपयोग। |
| खेल सुविधाएँ (बहुउपयोगी खेल परिसर) | युवाओं को खेल के अवसर प्रदान करना, शारीरिक स्वास्थ्य और प्रतिभा विकास को बढ़ावा देना। |
| शहरी बुनियादी ढाँचा (बहुस्तरीय रोबोटिक कार पार्किंग, वाणिज्यिक परिसर) | शहरी भीड़भाड़ को कम करना, पार्किंग समस्याओं का समाधान करना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना। |
महत्व
शासन और विकास
- केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोगात्मक संघवाद (Cooperative Federalism) का प्रदर्शन, जो समन्वित विकास प्रयासों के माध्यम से सुशासन (Good Governance) को गति देता है।
- छावनी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, खेल और स्वच्छता में सुधार के लिए व्यापक दृष्टिकोण।
- स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप परियोजनाओं का क्रियान्वयन, जो ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक है।
सामाजिक और सांस्कृतिक
- दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष विद्यालय और मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर जैसी पहलें समावेशी समाज के निर्माण में सहायक हैं।
- ब्रिटिश काल के नामों को बदलकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय हस्तियों के नाम पर बाजारों का नामकरण, जो भारत की विरासत से जुड़ाव और राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रेरणा देता है।
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ जल, युवाओं के लिए अवसर और दिव्यांगजनों के समावेशन पर जोर, जो मानवीय विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।
शहरी नियोजन और पर्यावरण
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र और विरासत अपशिष्ट-जैव-खनन जैसी परियोजनाएँ आधुनिक शहरी नियोजन और पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाती हैं।
- जल आपूर्ति और स्वच्छता परियोजनाओं के माध्यम से शहरी बुनियादी ढाँचे का सुदृढ़ीकरण, जो नागरिकों के जीवन स्तर में प्रत्यक्ष सुधार लाता है।
चुनौतियाँ
1. छावनी क्षेत्रों का दोहरा प्रशासन
- छावनी क्षेत्रों में रक्षा मंत्रालय और राज्य सरकार के बीच प्रशासनिक समन्वय की जटिलताएँ, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी हो सकती है।
- नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं और सेवाओं के संबंध में स्पष्टता की कमी।
यूपीएससी लिंक: शासन, विकास प्रक्रियाएँ, केंद्र-राज्य संबंध
2. वित्तीय संसाधन और उनका उपयोग
- 100 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता और उनका कुशल उपयोग सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
- परियोजनाओं के लिए केंद्र और राज्य के बीच धन के बँटवारे और जवाबदेही का निर्धारण।
यूपीएससी लिंक: सरकारी बजट, वित्तीय प्रशासन, सार्वजनिक व्यय
3. शहरीकरण और बुनियादी ढाँचे का दबाव
- बढ़ती शहरी आबादी के कारण छावनी क्षेत्रों में भी बुनियादी ढाँचे पर दबाव बढ़ता है, जिससे जल आपूर्ति, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन जैसी चुनौतियाँ उत्पन्न होती हैं।
- पर्यावरण संरक्षण और विकास परियोजनाओं के बीच संतुलन बनाए रखना।
यूपीएससी लिंक: शहरीकरण, बुनियादी ढाँचा, पर्यावरण प्रभाव आकलन
4. तकनीकी एकीकरण और रखरखाव
- AI-आधारित अपशिष्ट प्रबंधन और SCADA स्वचालन जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रभावी एकीकरण और दीर्घकालिक रखरखाव सुनिश्चित करना।
- इन प्रणालियों के संचालन के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता।
यूपीएससी लिंक: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अवसंरचना विकास
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| छावनी अधिनियम, 2006 | छावनी क्षेत्रों के प्रशासन में रक्षा मंत्रालय और राज्य सरकार के बीच समन्वय की आवश्यकता, नागरिक सुविधाओं के प्रावधान में संभावित नौकरशाही बाधाएँ। |
| वित्तीय स्थायित्व | परियोजनाओं के लिए निरंतर वित्तपोषण और रखरखाव लागत का प्रबंधन, विशेष रूप से राज्य सरकार के सहयोग से कार्यान्वित की जा रही परियोजनाओं के लिए। |
| पर्यावरण अनुपालन | ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्रों और अन्य निर्माण परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करना। |
| सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) | यदि कुछ परियोजनाएँ PPP मॉडल पर आधारित हैं, तो उनकी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना। |
| समावेशी विकास | यह सुनिश्चित करना कि विकास परियोजनाओं का लाभ छावनी क्षेत्र के सभी वर्गों, विशेषकर वंचितों और दिव्यांगजनों तक पहुँचे। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर
आगे की राह
- छावनी अधिनियम, 2006 में सुधार कर छावनी क्षेत्रों के प्रशासन को सुव्यवस्थित करना और नागरिक सुविधाओं के प्रावधान में राज्य सरकार की भूमिका को स्पष्ट करना।
- परियोजनाओं के कुशल क्रियान्वयन और समय पर पूरा होने के लिए केंद्र और राज्य के बीच एक मजबूत समन्वय तंत्र स्थापित करना।
- परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधनों के स्थायी मॉडल विकसित करना, जिसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership) और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (Corporate Social Responsibility) का लाभ उठाना शामिल हो।
- आधुनिक तकनीकों (जैसे AI और SCADA) के प्रभावी एकीकरण और दीर्घकालिक रखरखाव के लिए क्षमता निर्माण और तकनीकी विशेषज्ञता को बढ़ावा देना।
- विकास परियोजनाओं के पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों का नियमित मूल्यांकन करना ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) के अनुरूप हैं।
- नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना और उनकी आवश्यकताओं को विकास योजना प्रक्रिया में शामिल करना।
- छावनी क्षेत्रों के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को बनाए रखते हुए आधुनिक बुनियादी ढाँचे का विकास करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
छावनी बोर्ड · स्थानीय स्वशासन · शहरी विकास · विकसित भारत · केंद्र-राज्य समन्वय · बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ · नागरिक सुविधाएँ · स्वच्छता · शिक्षा · स्वास्थ्य सेवा · स्मार्ट सिटी मिशन · आत्मनिर्भर भारत
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 246’, ‘note’: ‘केंद्र-राज्य विधायी शक्तियों का वितरण’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 282’, ‘note’: ‘केंद्र/राज्यों द्वारा अनुदान पर व्यय’}
- {‘article’: ‘सातवीं अनुसूची’, ‘note’: ‘संघ, राज्य, समवर्ती सूची’}
अवधारणा प्रवाह
केंद्र-राज्य समन्वय से विकास परियोजनाओं की पहचान → परियोजनाओं के लिए भूमि पूजन और शिलान्यास → जल आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता में सुधार → नागरिक सुविधाओं और जीवन स्तर में वृद्धि → क्षेत्रीय विकास और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर अग्रसर
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. छावनी बोर्ड (Cantonment Board) रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करते हैं।
2. छावनी बोर्ड अधिनियम, 2006 भारत में छावनी क्षेत्रों के प्रशासन को नियंत्रित करता है।
3. छावनी बोर्ड के सदस्य केवल केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि छावनी बोर्ड रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करते हैं। कथन 2 भी सही है क्योंकि छावनी बोर्ड अधिनियम, 2006 छावनी क्षेत्रों के प्रशासन को नियंत्रित करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि छावनी बोर्ड में निर्वाचित और मनोनीत दोनों प्रकार के सदस्य होते हैं, न कि केवल मनोनीत सदस्य।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन: ऊर्जा सुरक्षा
- प्रधानमंत्री आवास योजना: शहरी गरीबों के लिए आवास
- मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
- स्वच्छ भारत मिशन: ग्रामीण स्वच्छता
उत्तर: स्वच्छ भारत मिशन: ग्रामीण स्वच्छता — राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी गरीबों के लिए किफायती आवास प्रदान करती है। मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर उत्तर प्रदेश सरकार की एक पहल है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को मुफ्त कोचिंग प्रदान करती है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का उद्देश्य ग्रामीण स्वच्छता में सुधार करना है, जबकि स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) शहरी स्वच्छता पर केंद्रित है। विकल्प D में ‘स्वच्छ भारत मिशन: ग्रामीण स्वच्छता’ दिया गया है, जो कि सही है। प्रश्न में ‘कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है’ पूछा गया है, और दिए गए विकल्पों में सभी युग्म सही सुमेलित हैं। इस प्रकार, यह प्रश्न थोड़ा भ्रामक है। हालाँकि, यदि हम ‘स्वच्छ भारत मिशन’ को समग्र रूप से देखें तो यह ग्रामीण और शहरी दोनों स्वच्छता से संबंधित है। यदि ‘केवल ग्रामीण स्वच्छता’ पर जोर दिया जाए तो यह अधूरा होगा। लेकिन दिए गए संदर्भ में, यह एक सही युग्म माना जा सकता है। एक आदर्श उत्तर के लिए, हमें एक ऐसा विकल्प चाहिए जो स्पष्ट रूप से गलत हो। इस प्रश्न में कोई स्पष्ट रूप से गलत युग्म नहीं है।
Q3. अभिकथन (A): ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केवल भव्य परियोजनाएँ और आधुनिक इमारतें ही पर्याप्त नहीं हैं।
कारण (R): ‘विकसित भारत’ का अर्थ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ जल, युवाओं के लिए अवसर और समावेशी समाज सुनिश्चित करना भी है।
- A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
- A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं। ‘विकसित भारत’ की अवधारणा केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मानव विकास और सामाजिक समावेश भी शामिल है, जैसा कि कारण (R) में बताया गया है। इसलिए, कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ भारत में छावनी बोर्डों के प्रशासन की प्रकृति और उनके समक्ष आने वाली चुनौतियों का परीक्षण कीजिए। केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से इन क्षेत्रों में शहरी विकास को कैसे गति दी जा सकती है? (15 Marks)
रूपरेखा: परिचय में छावनी बोर्डों की संवैधानिक स्थिति और रक्षा मंत्रालय के तहत उनके कार्य का संक्षिप्त उल्लेख करें। पहले भाग में, छावनी बोर्डों के प्रशासन की प्रकृति पर चर्चा करें, जिसमें उनकी संरचना (निर्वाचित और मनोनीत सदस्य), कार्य (नागरिक सुविधाएँ, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य) और वित्तपोषण के स्रोत शामिल हों। इसके बाद, उनके समक्ष आने वाली चुनौतियों का विस्तार से वर्णन करें, जैसे कि दोहरी नियंत्रण प्रणाली (रक्षा मंत्रालय और स्थानीय नागरिक प्रशासन), सीमित वित्तीय स्वायत्तता, शहरीकरण का दबाव, नागरिक-सैन्य संबंध में संतुलन, और बुनियादी ढाँचे के विकास में बाधाएँ। दूसरे भाग में, केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय के महत्व पर प्रकाश डालें। इसमें संयुक्त वित्तपोषण योजनाएँ, भूमि उपयोग नियोजन में सहयोग, स्मार्ट सिटी मिशन जैसी केंद्रीय योजनाओं का एकीकरण, और मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर जैसे राज्य-विशिष्ट कार्यक्रमों का छावनी क्षेत्रों में विस्तार शामिल हो सकता है। लखनऊ छावनी में हाल की परियोजनाओं का उदाहरण दें। निष्कर्ष में, छावनी क्षेत्रों के समावेशी और सतत विकास के लिए बहु-हितधारक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दें, जो ‘विकसित भारत’ के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप हो।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
Uttar Pradesh PCS (UPPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: उत्तर प्रदेश के लखनऊ छावनी में हाल ही में आयोजित भूमि पूजन समारोह के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1) इस अवसर पर श्री राजनाथ सिंह और श्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 100 करोड़ रुपये से अधिक की 14 विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन किया गया। 2) यह आयोजन लखनऊ छावनी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के उद्देश्य से किया गया। 3) इन परियोजनाओं में केवल रक्षा संबंधी अवसंरचना का विकास शामिल है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं, जबकि कथन 3 गलत है क्योंकि इन परियोजनाओं में रक्षा के साथ-साथ अन्य विकासात्मक कार्यों को भी शामिल किया गया है।
Mains: लखनऊ छावनी में हाल ही में आयोजित भूमि पूजन समारोह के माध्यम से शुरू की गई विकास परियोजनाओं का उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रशासन पर क्या प्रभाव पड़ेगा? अपने उत्तर में राज्य सरकार द्वारा अपनाई जाने वाली संभावित रणनीतियों की भी चर्चा कीजिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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