16 Oct विशेष अभियान 6: स्वास्थ्य विभाग की प्रगति समीक्षा, लक्ष्य और उपलब्धियाँ

✎ विशेष अभियान 6 सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, लंबित मामलों के निपटान, अभिलेख प्रबंधन और ई-कचरा निपटान के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता और नागरिक-केंद्रित शासन को संस्थागत रूप देने का केंद्रित प्रयास है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन (Governance): प्रशासनिक सुधार, लोक शिकायत निवारण, ई-गवर्नेंस और सार्वजनिक सेवा वितरण | GS Paper II — स्वास्थ्य (Health): केंद्र सरकार के अस्पतालों और संस्थानों का प्रशासन | GS Paper III — पर्यावरण (Environment): ई-कचरा प्रबंधन और अपशिष्ट प्रबंधन
- Prelims: विशेष अभियान 6 (Special Campaign 6) और उसके चार मुख्य घटक: स्वच्छता, लंबित मामलों का निपटान, अभिलेख प्रबंधन और ई-कचरा निपटान, लोक शिकायत निवारण तंत्र: CPGRAMS (Centralised Public Grievance Redress and Monitoring System), लोक अभिलेख अधिनियम, 1993 (Public Records Act, 1993) और राष्ट्रीय अभिलेखागार (National Archives of India), ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 (E-Waste (Management) Rules, 2022) और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986, ई-ऑफिस (e-Office) प्रणाली और ई-फाइल (e-File) की अवधारणा, स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission) का प्रशासनिक और ग्रामीण-शहरी स्वरूप, सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (Right to Information Act, 2005) और अपील तंत्र का अंतर, अनुच्छेद 51क (ज) (Article 51A(g)): प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार का मौलिक कर्तव्य
- Essay: सरकारी तंत्र में दक्षता और जवाबदेही: प्रशासनिक स्वच्छता से सुशासन तक, डिजिटल शासन में अभिलेखों का प्रबंधन: कागज़ से ई-फाइल तक की यात्रा
त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 6 सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, लंबित मामलों के निपटान, अभिलेख प्रबंधन और ई-कचरा निपटान के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता और नागरिक-केंद्रित शासन को संस्थागत रूप देने का केंद्रित प्रयास है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने विशेष अभियान 6 के मध्य में अपनी प्रगति की समीक्षा की। इस समीक्षा की अध्यक्षता संयुक्त सचिव और अभियान के नोडल अधिकारी श्री एलंगबम रॉबर्ट सिंह ने की। अभियान के अंतर्गत विभाग ने 988 स्वच्छता स्थलों को शामिल किया और 3,993 लोक शिकायतों तथा 454 अपीलों का निपटारा किया। अभिलेख प्रबंधन में 40,123 फाइलों की समीक्षा हुई, जिनमें से 6,890 फाइलों को अनावश्यक घोषित किया गया। 7,034 ई-फाइलों की समीक्षा में 6,875 ई-फाइलें बंद की गईं। 800 ई-कचरा वस्तुओं का निपटान भी किया गया। विभाग ने केंद्रीय सरकारी अस्पतालों, संस्थानों, संगठनों और कार्यालयों की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया है। अभियान 31 अक्टूबर 2026 को समाप्त होगा। यह समाचार इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाता है कि सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, लंबित मामलों और अभिलेखों की व्यवस्था को समयबद्ध लक्ष्यों और नियमित निगरानी के माध्यम से कैसे संस्थागत रूप दिया जा रहा है।
पृष्ठभूमि
- लोक प्रशासन में लंबित मामलों की समस्या पुरानी है। फाइलों का जमा होना, शिकायतों का देर से निपटना और अनावश्यक अभिलेखों का बोझ सेवा वितरण की गति को धीमा करता है। इसी कारण सरकार समय-समय पर विशेष अभियान चलाती रही है, जिनका उद्देश्य एक निश्चित अवधि में लंबित कार्यों को तेज़ी से निपटाना होता है।
- स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission) के अंतर्गत स्वच्छता को जन-आंदोलन के रूप में बढ़ावा दिया गया। विशेष अभियान 6 इसी भावना को सरकारी कार्यालयों और संस्थानों के भीतर लागू करने का प्रयास है, ताकि स्वच्छता केवल सार्वजनिक स्थलों तक सीमित न रहे।
- लोक शिकायत निवारण के लिए केंद्र सरकार ने CPGRAMS जैसा केंद्रीकृत ऑनलाइन तंत्र विकसित किया है। इसमें शिकायत का पंजीकरण, संबंधित विभाग को भेजा जाना और निगरानी की व्यवस्था होती है। प्रशासनिक स्तर पर शिकायतों और अपीलों के निपटान की समयसीमा तय करना सुशासन का अनिवार्य अंग माना जाता है।
- लोक अभिलेख अधिनियम, 1993 (Public Records Act, 1993) केंद्र सरकार के अभिलेखों के प्रबंधन, संरक्षण और विनाश से संबंधित नियम तय करता है। इसके अंतर्गत अभिलेखों की समीक्षा और अनावश्यक अभिलेखों को हटाने की प्रक्रिया सुव्यवस्थित होती है।
- डिजिटल शासन के विस्तार के साथ ई-ऑफिस (e-Office) और ई-फाइल जैसी प्रणालियां भौतिक फाइलों के भार को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अपनाई जा रही हैं। ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अंतर्गत पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का वैज्ञानिक निपटान अनिवार्य है।
विशेष अभियान 6 क्या है?
- विशेष अभियान 6 केंद्र सरकार के कार्यालयों में एक निर्धारित अवधि के लिए चलाया जाने वाला केंद्रित कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य स्वच्छता को संस्थागत रूप देना और लंबित मामलों को कम करना है।
- इसके प्रमुख घटक हैं: कार्यालय परिसरों की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण, लंबित लोक शिकायतों और अपीलों का निपटान, भौतिक एवं ई-फाइलों की समीक्षा और अनावश्यक अभिलेखों का निस्तारण, तथा ई-कचरा का सुरक्षित निपटान।
- लोक शिकायत और अपील में अंतर समझना आवश्यक है। शिकायत सामान्यतः सेवा या व्यवहार से जुड़ी सूचना या असंतोष होती है, जबकि अपील किसी निर्णय के विरुद्ध उच्च प्राधिकारी के समक्ष पुनर्विचार का आग्रह होती है।
- अभिलेख समीक्षा में फाइलों को अनावश्यक घोषित करना और ई-फाइलों को बंद करना शामिल है। यह प्रक्रिया अभिलेख प्रबंधन के नियमों और संस्थागत रिकॉर्ड-रिटेंशन नीति के अनुरूप की जाती है।
- ई-कचरा वे पुराने या बेकार इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हैं जिनमें सीसा, पारा और कैडमियम जैसे खतरनाक पदार्थ हो सकते हैं। इनका निपटान ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुसार अधिकृत पुनर्चक्रण इकाइयों के माध्यम से होना चाहिए।
- संयुक्त सचिव स्तर के नोडल अधिकारी द्वारा मध्य-अवधि समीक्षा होना प्रशासनिक निगरानी का एक तरीका है, जिससे लक्ष्यों की प्राप्ति समय रहते सुनिश्चित की जा सके।
- सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और अभिलेख प्रबंधन प्रशासनिक दक्षता का भाग है। इससे सेवा वितरण की गुणवत्ता, कार्यालयी पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित शासन की धारणा मजबूत होती है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| अभियान की अवधि | विशेष अभियान 6 का समापन 31 अक्टूबर 2026 को होना है; 16 अक्टूबर 2026 को मध्य-अवधि की समीक्षा की गई |
| समीक्षा तंत्र | संयुक्त सचिव एवं अभियान के नोडल अधिकारी द्वारा लंबित मामलों की दैनिक निगरानी और केंद्रीय सरकारी अस्पतालों, संस्थानों व कार्यालयों की सक्रिय भागीदारी पर बल |
| स्वच्छता और सौंदर्यीकरण | 988 स्वच्छता स्थलों पर कार्यालय परिसरों की सफाई और वृक्षारोपण सहित सौंदर्यीकरण |
| लोक शिकायत निवारण | 3,993 लोक शिकायतों और 454 अपीलों का निपटारा, जिससे कुल 4,400 से अधिक मामलों का निस्तारण हुआ |
| अभिलेख प्रबंधन | 40,123 फाइलों की समीक्षा में 6,890 फाइलें अनावश्यक घोषित; 7,034 ई-फाइलों की समीक्षा में 6,875 ई-फाइलें बंद |
| ई-कचरा निपटान | 800 ई-कचरा वस्तुओं का निपटान, जिससे जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित हुआ |
महत्व
प्रशासनिक दक्षता
- अनावश्यक फाइलों की पहचान और बंदी से अभिलेखों का आकार घटता है और आवश्यक दस्तावेज खोजना सरल होता है
- लंबित मामलों की नियमित निगरानी से निर्णय-प्रक्रिया में समयबद्धता आती है और फाइलों के चक्कर कम होते हैं
- ई-फाइलों की समीक्षा डिजिटल शासन में प्रक्रियागत पारदर्शिता बढ़ाती है
सार्वजनिक सेवा वितरण और नागरिक-केंद्रित शासन
- लोक शिकायतों और अपीलों के समय पर निवारण से नागरिकों का प्रशासन पर भरोसा मजबूत होता है
- स्वास्थ्य संस्थानों और कार्यालयों की स्वच्छता सेवा-प्राप्ति के अनुभव को सीधे प्रभावित करती है
पर्यावरणीय स्थिरता
- ई-कचरे का वैज्ञानिक निपटान भूजल और मिट्टी में भारी धातुओं के रिसाव के जोखिम को कम करता है
- सरकारी कार्यालयों में ई-कचरे का व्यवस्थित संग्रह नागरिक-स्तर पर जिम्मेदार उपभोग का उदाहरण प्रस्तुत करता है
सार्वजनिक स्वास्थ्य
- अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के परिसरों में स्वच्छता संक्रमण-नियंत्रण का आधार है, इसलिए इसका सीधा संबंध जन स्वास्थ्य से है
चुनौतियाँ
1. अभिलेखों के विनष्टीकरण में विधिक सावधानी
- फाइलों को अनावश्यक घोषित करने के लिए स्पष्ट मानदंड और अनुमोदन प्रक्रिया आवश्यक है, ताकि ऐतिहासिक या विधिक महत्व के अभिलेख नष्ट न हों
- सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 (Public Records Act, 1993) के अंतर्गत केंद्र सरकार के अभिलेखों के प्रबंधन और विनष्टीकरण के नियम लागू होते हैं, इसलिए विनष्टीकरण इन्हीं के अनुरूप होना चाहिए
यूपीएससी लिंक: प्रशासनिक सुधार; अभिलेख प्रबंधन और पारदर्शिता
2. ई-फाइलों का डिजिटल संरक्षण और डेटा सुरक्षा
- ई-फाइल बंद करने के बाद भी उनका डेटा सुरक्षित रखना और उसकी प्रामाणिकता बनाए रखना चुनौती है
- डिजिटल अभिलेखों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए भंडारण, बैकअप और पहुंच-नियंत्रण की व्यवस्था चाहिए
यूपीएससी लिंक: ई-शासन; साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण
3. लंबित मामलों की संरचनागत जड़ें
- अभियान के दौरान लंबित मामलों में कमी अस्थायी प्रभाव भी हो सकती है, यदि प्रक्रियागत सुधार और जवाबदेही तय न हो
- कार्यभार के असमान वितरण और कर्मचारियों की सीमित संख्या जैसे कारक मामलों के जमा होने के मूल कारण हो सकते हैं
यूपीएससी लिंक: प्रशासनिक सुधार; लोक सेवा में जवाबदेही
4. ई-कचरा प्रबंधन का नियामक ढांचा
- ई-कचरे का निपटान ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुसार अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं के माध्यम से होना चाहिए
- अनौपचारिक क्षेत्र में ई-कचरे का असुरक्षित पुनर्चक्रण स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा है
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण संरक्षण; अपशिष्ट प्रबंधन
5. अभियान-आधारित प्रयासों का स्थायित्व
- विशेष अभियान की समाप्ति के बाद स्वच्छता और अभिलेख प्रबंधन की गति बनाए रखना कठिन हो सकता है
- संस्थागत आदत और नियमित निगरानी तंत्र के बिना सुधार अल्पकालिक रह जाते हैं
यूपीएससी लिंक: प्रशासनिक सुधार; सुशासन के लिए संस्थागत क्षमता
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| फाइलों का विनष्टीकरण | अनावश्यक घोषित फाइलों में महत्वपूर्ण अभिलेख छूट सकते हैं, यदि मानदंड स्पष्ट न हों |
| ई-फाइलों का बंद होना | बंद ई-फाइलों का डेटा संरक्षण और पुनः प्राप्ति की व्यवस्था पर्याप्त होनी चाहिए |
| लंबित मामलों का पुनः जमा होना | अभियान के बाद नए मामलों का संचय पुराने स्तर पर लौट सकता है |
| ई-कचरे का अनधिकृत पुनर्चक्रण | अनौपचारिक तरीकों से निपटान पर्यावरण और श्रमिकों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल सकता है |
| अभियान का स्थायित्व | अभियान समाप्त होने के बाद स्वच्छता की नियमित निगरानी कमजोर पड़ सकती है |
आगे की राह
- अनावश्यक फाइलों की पहचान के लिए लिखित मानदंड और बहु-स्तरीय अनुमोदन प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि अभिलेखों का विनष्टीकरण पारदर्शी हो
- ई-फाइलों के बंद होने के बाद उनके डेटा के संरक्षण, बैकअप और पुनः प्राप्ति के लिए मानक प्रक्रिया बनाई जाए
- लंबित मामलों की निगरानी को दैनिक से आगे बढ़ाकर प्रणाली-आधारित डैशबोर्ड के माध्यम से नियमित बनाया जाए
- लोक शिकायत निवारण के परिणामों का नियमित मूल्यांकन करके उनकी गुणवत्ता और संतुष्टि-स्तर पर ध्यान दिया जाए
- ई-कचरे का निपटान केवल अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं के माध्यम से हो और इसका रिकॉर्ड रखा जाए
- अभियान के दौरान अपनाई गई स्वच्छता और अभिलेख प्रबंधन की आदतों को नियमित कार्य-संस्कृति का अंग बनाया जाए
- कर्मचारियों के प्रशिक्षण और जवाबदेही-तंत्र को मजबूत किया जाए, ताकि सुधार अभियान की समाप्ति के बाद भी बने रहें
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
प्रशासनिक दक्षता · स्वच्छता अभियान · ई-फाइल प्रबंधन · लोक शिकायत निवारण · सरकारी कार्यालयों में सुधार · ई-कचरा निपटान · सार्वजनिक सेवा वितरण · सुशासन · डिजिटल इंडिया पहल · अभिलेख प्रबंधन
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- अनुच्छेद 47: जन स्वास्थ्य सुधार का राज्य का दायित्व, स्वास्थ्य संस्थानों की स्वच्छता से संबंध
- अनुच्छेद 51क(छ): पर्यावरण संरक्षण का मौलिक कर्तव्य, ई-कचरा निपटान से संबंध
अवधारणा प्रवाह
सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामले घटाने के लिए विशेष अभियान 6 चलाया गया → कार्यालय परिसरों में 988 स्वच्छता स्थलों पर सफाई और वृक्षारोपण किया गया → लोक शिकायतों और अपीलों का निपटारा करके सार्वजनिक सेवा वितरण में समयबद्धता लाई गई → 40,123 फाइलों और 7,034 ई-फाइलों की समीक्षा करके अनावश्यक फाइलें घोषित और ई-फाइलें बंद की गईं → अभिलेखों के सुव्यवस्थित होने से प्रशासनिक दक्षता और निर्णय-प्रक्रिया की गति में सुधार की अपेक्षा है → 800 ई-कचरा वस्तुओं के निपटान से पर्यावरणीय स्थिरता में योगदान मिला
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. विशेष अभियान 6 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह अभियान केवल केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता पर केंद्रित है।
2. अभियान के तहत ई-फाइलों की समीक्षा और अनावश्यक फाइलों को बंद करने का प्रावधान है।
3. इसमें लोक शिकायतों और अपीलों के निपटान को भी शामिल किया गया है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 गलत है क्योंकि यह अभियान केंद्रीय सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ अन्य सरकारी कार्यालयों, संस्थानों और संगठनों में भी स्वच्छता को बढ़ावा देता है। कथन 2 सही है क्योंकि अभियान में ई-फाइलों की समीक्षा और अनावश्यक फाइलों को बंद करना शामिल है। कथन 3 भी सही है क्योंकि अभियान का उद्देश्य लोक शिकायतों और अपीलों का समय पर निपटान करना है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से ‘विशेष अभियान 6’ का/के मुख्य उद्देश्य है/हैं?
1. सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना।
2. लंबित मामलों को कम करना।
3. कुशल अभिलेख प्रबंधन सुनिश्चित करना।
4. ई-कचरा का जिम्मेदार निपटान।
सही विकल्प चुनिए:
- केवल 1 और 2
- केवल 2, 3 और 4
- केवल 1, 3 और 4
- 1, 2, 3 और 4
उत्तर: 1, 2, 3 और 4 — विशेष अभियान 6 का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, लंबित मामलों को कम करना, कुशल अभिलेख प्रबंधन सुनिश्चित करना और ई-कचरा का जिम्मेदार निपटान करना है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ सरकारी कार्यालयों में प्रशासनिक दक्षता में सुधार के लिए ‘विशेष अभियान 6’ जैसे पहल के महत्व का परीक्षण कीजिए। सुशासन और सार्वजनिक सेवा वितरण को मजबूत करने में ये अभियान किस प्रकार सहायक हो सकते हैं? (15 Marks)
रूपरेखा: परिचय में ‘विशेष अभियान 6’ का संक्षिप्त परिचय और उसके उद्देश्यों का उल्लेख करें। मुख्य भाग में, अभियान के विभिन्न पहलुओं जैसे स्वच्छता, लंबित मामलों का निपटान, कुशल अभिलेख प्रबंधन और ई-कचरा निपटान पर विस्तार से चर्चा करें। प्रशासनिक दक्षता में सुधार पर इसके प्रत्यक्ष प्रभावों को उजागर करें। सुशासन (Good Governance) के सिद्धांतों जैसे पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक-केंद्रितता के साथ इसके संबंध को स्थापित करें। सार्वजनिक सेवा वितरण (Public Service Delivery) में सुधार के लिए यह कैसे सहायक है, इस पर प्रकाश डालें। निष्कर्ष में, ऐसे अभियानों की निरंतरता और व्यापकता के महत्व पर बल दें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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