17 Sep सीबीडीटी करेगा विशेष अभियान 6.0: स्वच्छता, दक्षता और शिकायत निवारण पर ध्यान
✎ विशेष अभियान 6.0 सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, दक्षता और जन शिकायत निवारण के माध्यम से उत्तरदायी तथा नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने की भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही | GS Paper IV — लोक प्रशासन में नैतिकता
- Prelims: विशेष अभियान 6.0, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT), प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG), ई-कचरा निपटान, जन शिकायत निवारण, उत्तरदायी शासन
- Essay: उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में भारत के प्रयास, सरकारी कार्यालयों में दक्षता और पारदर्शिता का महत्व
त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 6.0 सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, दक्षता और जन शिकायत निवारण के माध्यम से उत्तरदायी तथा नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने की भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
भारत सरकार 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटान हेतु ‘विशेष अभियान 6.0’ शुरू कर रही है। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत आने वाला केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) अपने अधीनस्थ कार्यालयों के साथ मिलकर प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) के नेतृत्व में इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लेगा। यह अभियान सरकारी कामकाज में दक्षता, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
पृष्ठभूमि
- विशेष अभियान 6.0, अपने पूर्ववर्ती ‘विशेष अभियान 5.0’ की सफलताओं पर आधारित है, जिसने सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटान में महत्वपूर्ण प्रगति की थी।
- विशेष अभियान 5.0 के दौरान, CBDT ने 1,521 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाए, जिसमें 23 लाख भौतिक फाइलें और 10,000 से अधिक ई-फाइलें निपटाई गईं।
- इस अभियान के तहत, आयकर विभाग ने 167 लाख वर्ग फुट कार्यालय की जगह खाली कराई और कचरे के निपटान से 32 लाख रुपये जुटाए।
- विशेष अभियान 5.0 की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि 21,251 से अधिक जन शिकायतों का समाधान था, जो CBDT की पारदर्शिता और उत्तरदायी शासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- CBDT ने दिसंबर 2025 से अगस्त 2026 की अवधि के दौरान 52,290 जन शिकायतों और 6,776 से अधिक शिकायत अपीलों का समाधान करके उत्तरदायी शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जारी रखी है।
विशेष अभियान क्या है?
- विशेष अभियान भारत सरकार द्वारा सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, दक्षता और लंबित मामलों के त्वरित निपटान को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई एक राष्ट्रव्यापी पहल है।
- इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना तथा नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को मजबूत करना है।
- यह अभियान प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) के नेतृत्व में संचालित होता है, जिसमें विभिन्न सरकारी मंत्रालय और विभाग सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
- अभियान के तहत, कार्यालयों में भौतिक फाइलों और ई-फाइलों के निपटान, ई-कचरे का प्रबंधन, रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार और कार्यालय स्थान के अधिकतम उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
- जन शिकायतों का त्वरित निवारण इस अभियान का एक महत्वपूर्ण घटक है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं प्रदान करना है।
- विशेष अभियान 6.0 भारत में डिजिटल बदलाव और संपोषित विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) के अनुरूप ई-कचरे के निपटान, रिकॉर्ड प्रबंधन, स्थान के अधिकतम इस्तेमाल और कार्यालय के सौंदर्यीकरण तथा शिकायतों के तेज निवारण पर केंद्रित है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| विशेष अभियान 6.0 | सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटान हेतु एक राष्ट्रव्यापी पहल। |
| अवधि | 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक। |
| नेतृत्व | प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के नेतृत्व में। |
| भागीदारी | केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) और उसके अधीनस्थ कार्यालय सक्रिय रूप से भाग लेंगे। |
| प्रमुख फोकस क्षेत्र | ई-कचरे का निपटान, रिकॉर्ड प्रबंधन, स्थान का अधिकतम इस्तेमाल, कार्यालय का सौंदर्यीकरण और शिकायतों का तेज निवारण। |
| पिछली उपलब्धियां (अभियान 5.0) | 1,521 स्वच्छता अभियान, 23 लाख भौतिक फाइलों और 10,000 से अधिक ई-फाइलों का निपटान, 167 लाख वर्ग फुट कार्यालय की जगह खाली कराई गई, 32 लाख रुपये कचरे के निपटान से जुटाए गए, 21,251 से अधिक जन शिकायतों का समाधान। |
महत्व
शासन और प्रशासन
- यह अभियान सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता (Transparency), उत्तरदायी शासन (Accountable Governance) और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण (Citizen-Centric Service Delivery) को बढ़ावा देता है।
- लंबित मामलों के निपटान से प्रशासनिक दक्षता (Administrative Efficiency) में सुधार होता है और निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होती है।
- स्वच्छता और बेहतर कार्य वातावरण से कर्मचारियों की उत्पादकता (Productivity) बढ़ती है।
आर्थिक और वित्तीय
- ई-कचरे के निपटान और रिकॉर्ड प्रबंधन से संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है, जिससे लागत में कमी आ सकती है।
- खाली कराई गई कार्यालय की जगह का अधिकतम इस्तेमाल सरकारी संपत्ति के कुशल प्रबंधन को दर्शाता है।
- जन शिकायतों का त्वरित निवारण करदाताओं के विश्वास को बढ़ाता है, जिससे कर अनुपालन (Tax Compliance) में सुधार हो सकता है।
पर्यावरण और सतत विकास
- ई-कचरे का निपटान पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection) और सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals – SDGs) के अनुरूप है।
- स्वच्छता अभियान से कार्यालय परिसरों में अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management) प्रथाओं में सुधार होता है।
सामाजिक
- नागरिकों की शिकायतों का समय पर समाधान उन्हें सरकारी सेवाओं में अधिक विश्वास दिलाता है।
- स्वच्छ और कुशल सरकारी कार्यालय नागरिकों के लिए बेहतर अनुभव प्रदान करते हैं।
चुनौतियाँ
1. कार्यान्वयन में निरंतरता
- अभियान के बाद भी स्वच्छता और दक्षता के उच्च मानकों को बनाए रखना एक चुनौती है।
- कर्मचारियों के बीच स्थायी व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही
2. संसाधन प्रबंधन
- ई-कचरे के वैज्ञानिक निपटान और रिकॉर्ड डिजिटलीकरण के लिए पर्याप्त संसाधनों और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।
- बड़ी संख्या में भौतिक फाइलों को डिजिटल प्रारूप में बदलने में समय और श्रम लगता है।
यूपीएससी लिंक: ई-शासन, प्रौद्योगिकी
3. तकनीकी एकीकरण
- डिजिटल बदलाव और शिकायतों के ऑनलाइन निवारण के लिए मजबूत तकनीकी बुनियादी ढांचे और साइबर सुरक्षा की आवश्यकता है।
- कर्मचारियों को नई डिजिटल प्रणालियों के उपयोग के लिए प्रशिक्षित करना एक चुनौती हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: ई-शासन, सूचना प्रौद्योगिकी
4. मानवीय प्रतिरोध
- परिवर्तन के प्रति कर्मचारियों का प्रतिरोध दक्षता सुधार प्रयासों को धीमा कर सकता है।
- पुरानी कार्यप्रणालियों को छोड़कर नई, अधिक कुशल प्रणालियों को अपनाने में समय लगता है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन विकास
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| स्थायी व्यवहार परिवर्तन | अभियान के बाद स्वच्छता और दक्षता के मानकों को बनाए रखने में कठिनाई। |
| तकनीकी बुनियादी ढांचा | ई-कचरा निपटान और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए पर्याप्त और अद्यतन तकनीक की आवश्यकता। |
| कर्मचारी प्रशिक्षण | नई प्रणालियों और प्रक्रियाओं के अनुकूलन के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की चुनौती। |
| निगरानी और मूल्यांकन | अभियान की प्रभावशीलता का नियमित और वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन सुनिश्चित करना। |
| अंतर-विभागीय समन्वय | विभिन्न सरकारी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना। |
आगे की राह
- स्वच्छता और दक्षता को सरकारी कार्यालयों की दैनिक कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बनाने के लिए स्थायी तंत्र विकसित करना।
- ई-कचरे के निपटान और रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीकों और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाना।
- कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना ताकि वे नई डिजिटल प्रणालियों और कार्यप्रणालियों को अपना सकें।
- जन शिकायतों के निवारण के लिए एक मजबूत, पारदर्शी और समयबद्ध ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली को और सुदृढ़ करना।
- अभियान की प्रगति और परिणामों की नियमित निगरानी और मूल्यांकन करना ताकि सुधार के क्षेत्रों की पहचान की जा सके।
- अन्य सरकारी विभागों और मंत्रालयों के साथ अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना ताकि पूरे सरकारी तंत्र में दक्षता बढ़ाई जा सके।
- नागरिकों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने और उसे सुधार प्रक्रिया में शामिल करने के लिए तंत्र स्थापित करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
विशेष अभियान 6.0 · केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) · प्रशासनिक सुधार · लोक शिकायत निवारण · स्वच्छता अभियान · ई-कचरा निपटान · रिकॉर्ड प्रबंधन · डिजिटल बदलाव · उत्तरदायी शासन · नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण · संपोषित विकास लक्ष्य · कार्यालय दक्षता
अवधारणा प्रवाह
सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और लंबित मामलों की पहचान। → विशेष अभियान 6.0 का शुभारंभ (डीएआरपीजी के नेतृत्व में)। → सीबीडीटी और अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा सक्रिय भागीदारी। → ई-कचरा निपटान, रिकॉर्ड प्रबंधन, स्थान का उपयोग और शिकायत निवारण पर ध्यान। → दक्षता, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण में सुधार। → उत्तरदायी शासन और सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति।
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विशेष अभियान 6.0 का संचालन केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा वित्त मंत्रालय के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) के नेतृत्व में किया जा रहा है।
2. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देना और लंबित मामलों का निपटान करना है।
3. विशेष अभियान 6.0 के तहत, CBDT केवल भौतिक फाइलों के निपटान पर ध्यान केंद्रित करेगा, ई-कचरा निपटान पर नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 गलत है क्योंकि CBDT वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत आता है और DARPG के नेतृत्व में इस पहल में भागीदारी कर रहा है, न कि DARPG के नेतृत्व में CBDT द्वारा संचालन। कथन 2 सही है। कथन 3 गलत है क्योंकि अभियान ई-कचरा निपटान पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।
Q2. विशेष अभियान 6.0 के संदर्भ में, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा किन चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा?
1. ई-कचरे का निपटान
2. रिकॉर्ड प्रबंधन
3. स्थान का अधिकतम इस्तेमाल तथा कार्यालय का सौंदर्यीकरण
4. शिकायतों का तेज निवारण
सही विकल्प का चयन करें:
- केवल 1 और 2
- केवल 2, 3 और 4
- केवल 1, 3 और 4
- 1, 2, 3 और 4
उत्तर: 1, 2, 3 और 4 — विशेष अभियान 6.0 के तहत CBDT द्वारा ई-कचरे का निपटान, रिकॉर्ड प्रबंधन, स्थान का अधिकतम इस्तेमाल तथा कार्यालय का सौंदर्यीकरण और शिकायतों का तेज निवारण – इन चारों प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ सरकारी कार्यालयों में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने में ‘विशेष अभियान’ जैसी पहल के महत्व का परीक्षण कीजिए। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा ‘विशेष अभियान 6.0’ के तहत उठाए गए कदमों के संदर्भ में उत्तरदायी शासन को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका पर भी चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर कंकाल:
1. परिचय: ‘विशेष अभियान’ की अवधारणा और सरकारी कार्यालयों में इसके सामान्य उद्देश्य का संक्षिप्त परिचय।
2. महत्व का परीक्षण: सरकारी कार्यालयों में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने में ऐसे अभियानों की भूमिका का विस्तार से वर्णन करें। इसमें शामिल हो सकते हैं:
– लंबित मामलों का निपटान (फाइलें, शिकायतें)।
– स्वच्छता और कार्यस्थल का सौंदर्यीकरण।
– संसाधनों का बेहतर उपयोग (स्थान खाली करना, ई-कचरा निपटान)।
– डिजिटल बदलाव और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देना।
3. CBDT के ‘विशेष अभियान 6.0’ का संदर्भ:
– अभियान के चार प्रमुख क्षेत्रों का उल्लेख करें: ई-कचरा निपटान, रिकॉर्ड प्रबंधन, स्थान का अधिकतम इस्तेमाल व कार्यालय का सौंदर्यीकरण, और शिकायतों का तेज निवारण।
– पिछले अभियानों (जैसे विशेष अभियान 5.0) की उपलब्धियों का उल्लेख करें, जैसे भौतिक और ई-फाइलों का निपटान, कार्यालय स्थान खाली करना, और जन शिकायतों का समाधान।
4. उत्तरदायी शासन को बढ़ावा देने में भूमिका:
– नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण में सुधार।
– पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि।
– जन शिकायतों के त्वरित निवारण से जनता का विश्वास बढ़ाना।
– सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण और दक्षता में वृद्धि।
5. निष्कर्ष: इन अभियानों के दीर्घकालिक प्रभावों और सतत शासन सुधारों के लिए इनकी आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष प्रस्तुत करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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