आंध्र प्रदेश में 10 क्रिटिकल केयर ब्लॉक और 12 आईपीएचएल का उद्घाटन, जानिए कैसे बढ़ेगी स्वास्थ्य सुरक्षा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने आंध्र प्रदेश में क्रिटिकल केयर ब्लॉक और एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोग — diagram

आंध्र प्रदेश में 10 क्रिटिकल केयर ब्लॉक और 12 आईपीएचएल का उद्घाटन, जानिए कैसे बढ़ेगी स्वास्थ्य सुरक्षा

PM-ABHIM सुविधाएँक्रिटिकल केयर ब्लॉक10 (आंध्र प्रदेश)गंभीर मरीजों की जान बचानाएकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य12 (आंध्र प्रदेश)बीमारियों का पता लगानाराष्ट्रव्यापी नेटवर्क631 अनुमोदितस्वास्थ्य क्षमता बढ़ाना
PM-ABHIM सुविधाएँ

✎ PM-ABHIM का लक्ष्य भविष्य की महामारियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए देश की स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करना है, जिसमें क्रिटिकल केयर ब्लॉक और एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना शामिल है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — स्वास्थ्य, मानव संसाधन से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय  |  GS Paper III — आपदा प्रबंधन
  • Prelims: PM-ABHIM, क्रिटिकल केयर ब्लॉक, एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएँ, राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017, आयुष्मान भारत योजना, स्वास्थ्य सुरक्षा
  • Essay: महामारी प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा में स्वास्थ्य अवसंरचना की भूमिका, भारत में स्वास्थ्य सेवाएँ: चुनौतियाँ और आगे की राह

त्वरित पुनरावृत्ति: PM-ABHIM का लक्ष्य भविष्य की महामारियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए देश की स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करना है, जिसमें क्रिटिकल केयर ब्लॉक और एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना शामिल है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने आंध्र प्रदेश में 10 क्रिटिकल केयर ब्लॉक (CCB) और 12 एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं (IPHL) का उद्घाटन किया। ये सुविधाएँ प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) के तहत स्थापित की गई हैं, जो देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों और स्वास्थ्य-सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पृष्ठभूमि

  • कोविड-19 महामारी ने भारत सहित विश्व भर में स्वास्थ्य अवसंरचना की कमियों को उजागर किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि स्वास्थ्य आपात स्थिति तेजी से आर्थिक, सामाजिक और राष्ट्रीय आपात स्थिति में बदल सकती है।
  • महामारी के दौरान, नियमित स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित किए बिना आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य अवसंरचना की आवश्यकता महसूस की गई।
  • PM-ABHIM को भविष्य की महामारियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य प्रणाली की क्षमता को मजबूत करने और साथ ही नियमित स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
  • इस मिशन के तहत, भारत सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 631 क्रिटिकल केयर ब्लॉक को मंजूरी दी है, जिससे क्रिटिकल केयर क्षमता का एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क तैयार हो रहा है।
  • वर्ष 2017 से भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव आया है, जिसमें बीमारी से बचाव के साथ-साथ प्राथमिक (Primary), द्वितीयक (Secondary) और तृतीयक (Tertiary) स्वास्थ्य सेवा के बीच मजबूत संबंध विकसित करने पर जोर दिया गया है।
  • क्रिटिकल केयर ब्लॉक गंभीर रूप से बीमार मरीजों की जान बचाने की क्षमता को दर्शाते हैं, जबकि एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएँ बीमारियों के खतरों का पता लगाने और उनसे निपटने की क्षमता को बढ़ाती हैं, ताकि वे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति न बन जाएं।

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) क्या है?

  • PM-ABHIM भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य देश भर में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करना है।
  • इसका मुख्य लक्ष्य भविष्य की महामारियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य प्रणाली की क्षमता को बढ़ाना है, साथ ही नियमित स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुचारू रूप से जारी रखना है।
  • यह मिशन क्रिटिकल केयर सुविधाओं के विकास, एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना और ब्लॉक स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक स्वास्थ्य निगरानी प्रणालियों को मजबूत करने पर केंद्रित है।
  • PM-ABHIM के तहत, देश भर में क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित किए जा रहे हैं, जो गंभीर रूप से बीमार मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल प्रदान करेंगे।
  • यह मिशन प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल के बीच एक मजबूत संबंध स्थापित करके एक समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है।
  • यह योजना ‘आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे भारत स्वास्थ्य आपात स्थितियों का सामना करने में अधिक सक्षम बन सके।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
क्रिटिकल केयर ब्लॉक (CCB) गंभीर रूप से बीमार रोगियों को जीवन रक्षक उपचार प्रदान करने की क्षमता में वृद्धि। यह स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक है।
एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएँ (IPHL) रोगों के खतरों का शीघ्र पता लगाने और उनके बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल बनने से पहले उनसे निपटने की क्षमता को मजबूत करना।
PM-ABHIM के तहत राष्ट्रव्यापी नेटवर्क पूरे देश में क्रिटिकल केयर क्षमता का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार होगा।
बचाव, प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवा पर ध्यान स्वास्थ्य सेवा के सभी स्तरों पर एक मजबूत संबंध विकसित करना, जिससे एक व्यापक और एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण होगा।
आंध्र प्रदेश का ‘संजीवनी’ कार्यक्रम लोगों के घर-घर तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना और 41 स्वास्थ्य मानकों की जाँच की सुविधा प्रदान करना, जिससे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।

महत्व

सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा

  • ये सुविधाएँ आंध्र प्रदेश और पूरे देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों और स्वास्थ्य-सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
  • गंभीर रूप से बीमार मरीजों की जान बचाने और बीमारियों के खतरों का पता लगाकर उनसे निपटने की क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों को रोका जा सकेगा।
  • कोविड-19 जैसी महामारियों से मिले सबक को ध्यान में रखते हुए, यह बुनियादी ढाँचा भविष्य की महामारियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक है।

स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच और गुणवत्ता

  • क्रिटिकल केयर ब्लॉक और एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएँ स्वास्थ्य सेवा की पहुँच और गुणवत्ता में सुधार करेंगी, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में।
  • यह सुनिश्चित करेगा कि नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ किसी भी आपात स्थिति के दौरान भी अप्रभावित रहें, जैसा कि कोविड-19 महामारी के दौरान देखा गया था।
  • स्वास्थ्य सेवा के सभी स्तरों – बचाव, प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक – के बीच एक मजबूत संबंध विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिससे एक समग्र दृष्टिकोण प्राप्त होगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता

  • कोविड-19 महामारी ने दिखाया कि स्वास्थ्य आपातकाल कैसे आर्थिक, सामाजिक और आजीविका संबंधी संकट में बदल सकता है, इसलिए स्वास्थ्य सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का एक अभिन्न अंग है।
  • मजबूत स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचा देश को भविष्य के स्वास्थ्य संकटों से निपटने में सक्षम बनाएगा, जिससे अर्थव्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकेगा।

चुनौतियाँ

1. मानव संसाधन की कमी

  • क्रिटिकल केयर और प्रयोगशालाओं के संचालन के लिए प्रशिक्षित डॉक्टरों, नर्सों और तकनीशियनों की कमी एक बड़ी चुनौती है।
  • विशेषज्ञों की उपलब्धता और उनका समान वितरण सुनिश्चित करना आवश्यक है, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में।

2. बुनियादी ढांचे का रखरखाव

  • स्थापित किए गए क्रिटिकल केयर ब्लॉक और प्रयोगशालाओं के नियमित रखरखाव और उन्नयन के लिए पर्याप्त धन और विशेषज्ञता की आवश्यकता होगी।
  • उपकरणों की मरम्मत और प्रतिस्थापन के लिए एक स्थायी तंत्र का अभाव परिचालन दक्षता को प्रभावित कर सकता है।

3. निगरानी और डेटा प्रबंधन

  • रोगों के खतरों का प्रभावी ढंग से पता लगाने और उनसे निपटने के लिए एक मजबूत निगरानी प्रणाली और डेटा प्रबंधन तंत्र की आवश्यकता है।
  • विभिन्न प्रयोगशालाओं से प्राप्त डेटा को एकीकृत करना और उसका विश्लेषण करना एक चुनौती हो सकती है।

4. राज्यों के बीच असमानता

  • देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और सेवाओं की गुणवत्ता में असमानताएँ मौजूद हैं।
  • यह सुनिश्चित करना कि सभी क्षेत्रों को समान रूप से लाभ मिले, एक महत्वपूर्ण चुनौती है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
विशेषज्ञों की उपलब्धता क्रिटिकल केयर और प्रयोगशाला सेवाओं के लिए प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की कमी।
उपकरणों का रखरखाव महंगे चिकित्सा उपकरणों के नियमित रखरखाव और उन्नयन के लिए धन और विशेषज्ञता की आवश्यकता।
डेटा एकीकरण विभिन्न प्रयोगशालाओं से प्राप्त स्वास्थ्य डेटा को प्रभावी ढंग से एकीकृत और विश्लेषण करने में चुनौतियाँ।
वित्तीय स्थिरता दीर्घकालिक संचालन और सुविधाओं के विस्तार के लिए पर्याप्त और सतत वित्तपोषण सुनिश्चित करना।
ग्रामीण-शहरी विभाजन ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाओं और सुविधाओं तक पहुँच की कमी।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM)

आगे की राह

  • स्वास्थ्य पेशेवरों के प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों में निवेश बढ़ाना, विशेषकर क्रिटिकल केयर और प्रयोगशाला निदान के क्षेत्रों में।
  • दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए टेलीमेडिसिन (Telemedicine) और मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों का विस्तार करना।
  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership) को बढ़ावा देना ताकि स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के निर्माण और रखरखाव में निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता का लाभ उठाया जा सके।
  • स्वास्थ्य डेटा के संग्रह, विश्लेषण और साझाकरण के लिए एक मजबूत और एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म (Digital Platform) विकसित करना।
  • स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए एक राष्ट्रीय प्रतिक्रिया योजना (National Response Plan) तैयार करना, जिसमें संसाधनों का त्वरित आवंटन और समन्वय शामिल हो।
  • स्वास्थ्य सेवा के सभी स्तरों पर गुणवत्ता मानकों को लागू करना और उनका नियमित ऑडिट (Audit) सुनिश्चित करना।
  • जन जागरूकता अभियान चलाकर निवारक स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Healthcare) और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) · क्रिटिकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) · एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं (आईपीएचएल) · सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना · स्वास्थ्य सुरक्षा · महामारी प्रबंधन · प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवा · स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय · संघवाद · राज्य स्वास्थ्य कार्यक्रम

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 21’, ‘note’: ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 47’, ‘note’: ‘पोषाहार स्तर और जीवन स्तर में सुधार’}

अवधारणा प्रवाह

कोविड-19 महामारी से सबक  →  स्वास्थ्य सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा के बराबर  →  PM-ABHIM का शुभारंभ  →  क्रिटिकल केयर ब्लॉक और IPHL का निर्माण  →  सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों में वृद्धि  →  भविष्य की महामारियों से निपटने की क्षमता

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) का उद्देश्य भविष्य की महामारियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य प्रणाली की क्षमता को मजबूत करना है।
2. इस मिशन के तहत, भारत सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केवल क्रिटिकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) स्थापित करने को मंजूरी दी है, एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं (आईपीएचएल) नहीं।
3. कोविड-19 महामारी ने स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संबंध को उजागर किया।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि पीएम-एबीएचआईएम का मुख्य उद्देश्य भविष्य की महामारियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना है। कथन 2 गलत है क्योंकि पीएम-एबीएचआईएम के तहत क्रिटिकल केयर ब्लॉक के साथ-साथ एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं को भी मंजूरी दी गई है। कथन 3 सही है क्योंकि कोविड-19 महामारी ने स्पष्ट रूप से दिखाया कि कैसे एक स्वास्थ्य आपातकाल राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।

Q2. प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1. इसका उद्देश्य प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवा के बीच मजबूत संबंध विकसित करना है।
2. यह केवल शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने पर केंद्रित है।
3. यह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक और एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना का समर्थन करता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: केवल 1 और 3 — कथन 1 सही है क्योंकि पीएम-एबीएचआईएम का व्यापक दृष्टिकोण बचाव, प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवा के बीच मजबूत संबंध विकसित करना है। कथन 2 गलत है क्योंकि मिशन का लक्ष्य पूरे देश में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करना है, न कि केवल शहरी क्षेत्रों में। कथन 3 सही है क्योंकि मिशन क्रिटिकल केयर ब्लॉक और एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना का समर्थन करता है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के उद्देश्यों की विवेचना कीजिए और बताइए कि यह भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने में किस प्रकार सहायक है। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: पीएम-एबीएचआईएम की संक्षिप्त पृष्ठभूमि और इसकी शुरुआत का संदर्भ (कोविड-19 महामारी से सीख)।
2. मुख्य उद्देश्य: मिशन के प्रमुख उद्देश्यों को विस्तार से बताएं, जैसे भविष्य की महामारियों से निपटना, नियमित स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखना, प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवा के बीच संबंध स्थापित करना।
3. सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने में भूमिका:
क. क्रिटिकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) की स्थापना और उनका महत्व (गंभीर रूप से बीमार मरीजों की जान बचाना)।
ख. एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं (आईपीएचएल) की स्थापना और उनका महत्व (बीमारियों का पता लगाना, निगरानी और प्रतिक्रिया)।
ग. स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संबंध को मजबूत करना।
घ. राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य प्रणाली की क्षमता निर्माण।
4. निष्कर्ष: भारत की स्वास्थ्य प्रणाली की तैयारी और लचीलेपन पर मिशन के दीर्घकालिक प्रभावों का संक्षिप्त सारांश।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)

Andhra Pradesh PCS (APPSC) — राज्य PCS अभ्यास

Prelims: आंध्र प्रदेश में हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा उद्घाटन किए गए ‘क्रिटिकल केयर ब्लॉक’ और ‘एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. A. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना
  2. B. आपातकालीन चिकित्सा देखभाल और रोग निगरानी क्षमताओं को सुदृढ़ करना
  3. C. राज्य में आयुष्मान भारत योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना
  4. D. निजी अस्पतालों के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा देना

उत्तर: B. आपातकालीन चिकित्सा देखभाल और रोग निगरानी क्षमताओं को सुदृढ़ करना — क्रिटिकल केयर ब्लॉक आपातकालीन चिकित्सा देखभाल के लिए और एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं रोग निगरानी एवं निदान क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए स्थापित की गई हैं।

Mains: आंध्र प्रदेश में ‘क्रिटिकल केयर ब्लॉक’ और ‘एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं’ की स्थापना से राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली में क्या परिवर्तन आएंगे? राज्य सरकार द्वारा इन सुविधाओं के प्रभावी उपयोग के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए?


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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