15 Sep एनएसटीएफडीसी-एचपीसीएल समझौते से राजस्थान के आदिवासी बच्चों को मिलेगी स्मार्ट शिक्षा
✎ यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप जनजातीय छात्रों के लिए प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षा और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — सामाजिक न्याय, शिक्षा, कमजोर वर्गों का कल्याण | GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विकास
- Prelims: एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL), जनजातीय कार्य मंत्रालय, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR)
- Essay: डिजिटल इंडिया और समावेशी शिक्षा: जनजातीय समुदायों का सशक्तिकरण, भारत में शिक्षा के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन
त्वरित पुनरावृत्ति: यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप जनजातीय छात्रों के लिए प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षा और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने राजस्थान के 11 जिलों में 29 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) में कंप्यूटर लैब-सह-स्मार्ट क्लासरूम स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य जनजातीय छात्रों को प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षण सुविधाएँ प्रदान करना है, जिससे प्रतिवर्ष 10,000 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
पृष्ठभूमि
- जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) जनजातीय समुदायों के समग्र विकास के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू करता है, जिसमें शिक्षा एक प्रमुख क्षेत्र है।
- एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe) के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मध्य और उच्च-स्तरीय शिक्षा प्रदान करना है।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (National Education Policy 2020) शिक्षण-अधिगम में प्रौद्योगिकी के एकीकरण, डिजिटल साक्षरता और सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित समूहों (SEDGs) को लक्षित सहायता पर बल देती है।
- कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कंपनियों को समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित करता है, और यह परियोजना सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा निर्धारित CSR गतिविधियों के अनुरूप है।
- यह परियोजना जनजातीय छात्रों के लिए डिजिटल डिवाइड को कम करने और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) और संबंधित पहल
- EMRS भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत स्थापित आवासीय विद्यालय हैं।
- इनका उद्देश्य अनुसूचित जनजाति के छात्रों को कक्षा 6 से 12 तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, जिसमें खेल और कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाता है।
- NSTFDC जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत एक शीर्ष संगठन है जो अनुसूचित जनजातियों के आर्थिक विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
- HPCL एक महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है जो पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और अपनी CSR पहलों के माध्यम से सामाजिक विकास में योगदान देता है।
- इस परियोजना के तहत, प्रत्येक विद्यालय में चार स्मार्ट कक्षाएँ होंगी जिनमें इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल, लाइसेंस प्राप्त सॉफ्टवेयर और ऑडियो-विजुअल उपकरण शामिल होंगे।
- प्रत्येक विद्यालय में डेस्कटॉप कंप्यूटर, यूपीएस बैकअप, प्रिंटर, फर्नीचर और इंटरनेट कनेक्टिविटी से सुसज्जित एक पूर्ण नेटवर्कयुक्त कंप्यूटर प्रयोगशाला भी स्थापित की जाएगी।
- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सामग्री से युक्त 10 टैबलेट भी प्रत्येक विद्यालय को उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| एकीकृत कंप्यूटर लैब-सह-स्मार्ट क्लासरूम | आधुनिक डिजिटल शिक्षण वातावरण प्रदान करेगा। |
| प्रत्येक विद्यालय में चार स्मार्ट कक्षाएँ | 86-इंच के इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल और ऑडियो-विजुअल उपकरण शामिल। |
| प्री-लोडेड लाइसेंस प्राप्त सॉफ्टवेयर और ओपन एजुकेशनल रिसोर्स | छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक सामग्री तक पहुंच मिलेगी। |
| नेटवर्कयुक्त कंप्यूटर प्रयोगशाला | डेस्कटॉप कंप्यूटर, यूपीएस बैकअप, प्रिंटर और एयर कंडीशनिंग से सुसज्जित। |
| प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग सामग्री से युक्त 10 टैबलेट | छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता मिलेगी। |
| इंटरनेट कनेक्टिविटी | डिजिटल साक्षरता और ऑनलाइन संसाधनों तक पहुंच सुनिश्चित होगी। |
महत्व
सामाजिक-आर्थिक महत्व
- यह पहल राजस्थान के 11 जिलों में 29 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) में 10,000 से अधिक अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों को लाभान्वित करेगी, जिनमें छात्राओं का समान प्रतिनिधित्व होगा।
- यह जनजातीय बच्चों सहित सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित समूहों को लक्षित सहायता प्रदान करती है, जिससे शिक्षा में समानता को बढ़ावा मिलता है।
- यह पहली पीढ़ी के डिजिटल शिक्षार्थियों को डिजिटल साक्षरता और कौशल प्रदान करके बहु-पीढ़ीगत प्रगति को सक्षम करेगी।
शैक्षिक महत्व
- यह परियोजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप है, जो शिक्षण-अधिगम में प्रौद्योगिकी के एकीकरण, डिजिटल साक्षरता और माध्यमिक स्तर से कम्प्यूटेशनल सोच व कोडिंग को अनिवार्य करती है।
- स्मार्ट क्लासरूम और कंप्यूटर लैब छात्रों को आधुनिक शिक्षण उपकरण और संसाधन प्रदान करेंगे, जिससे उनकी सीखने की क्षमता में वृद्धि होगी।
- प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग सामग्री से युक्त टैबलेट उच्च शिक्षा और विविध करियर के लिए जनजातीय छात्रों के मार्ग प्रशस्त करेंगे।
शासन और संस्थागत महत्व
- यह राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के बीच एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) का उदाहरण है, जो कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) गतिविधियों के माध्यम से विकास को बढ़ावा देता है।
- यह परियोजना जनजातीय कार्य मंत्रालय के संस्थागत तंत्र का लाभ उठाएगी, जिसमें NSTFDC कार्यान्वयन के लिए, NESTS शैक्षणिक सत्यापन के लिए, और राज्य EMR सोसायटी व विद्यालय के प्रधानाचार्य स्थल की तैयारी और दैनिक उपयोग के लिए जिम्मेदार होंगे।
- यह सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा CPSU की CSR गतिविधियों के लिए निर्धारित ‘नवीन आजीविका संवर्धन’ के सामान्य विषय के अनुरूप है।
चुनौतियाँ
1. बुनियादी ढाँचे का रखरखाव
- स्थापित कंप्यूटर लैब और स्मार्ट क्लासरूम के दीर्घकालिक रखरखाव और उन्नयन के लिए पर्याप्त धन और तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होगी।
- दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति और इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्थिरता सुनिश्चित करना एक चुनौती हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय: अनुसूचित जनजातियों का विकास
2. शिक्षक प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
- शिक्षकों को नई प्रौद्योगिकी का प्रभावी ढंग से उपयोग करने और डिजिटल शिक्षण विधियों को अपनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की आवश्यकता होगी।
- प्रौद्योगिकी के उपयोग में शिक्षकों के बीच कौशल अंतर को पाटना महत्वपूर्ण होगा।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन विकास: शिक्षा
3. डिजिटल डिवाइड को कम करना
- यद्यपि यह पहल डिजिटल पहुंच बढ़ाती है, फिर भी जनजातीय समुदायों के भीतर व्यापक डिजिटल डिवाइड को पूरी तरह से समाप्त करना एक बड़ी चुनौती है।
- छात्रों के घरों में डिजिटल उपकरणों और इंटरनेट तक पहुंच की कमी सीखने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय: कमजोर वर्गों का उत्थान
4. सामग्री की प्रासंगिकता और स्थानीयकरण
- प्रदान की गई डिजिटल सामग्री और कोचिंग संसाधनों को स्थानीय संदर्भ और जनजातीय छात्रों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना महत्वपूर्ण होगा।
- यह सुनिश्चित करना कि सामग्री सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील और प्रासंगिक हो, एक चुनौती हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: शिक्षा: पाठ्यक्रम और शिक्षणशास्त्र
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| तकनीकी रखरखाव | उपकरणों के दीर्घकालिक कार्यशील रहने और तकनीकी सहायता की उपलब्धता। |
| शिक्षक अनुकूलन | शिक्षकों द्वारा नई शिक्षण तकनीकों और उपकरणों को प्रभावी ढंग से अपनाना। |
| इंटरनेट पहुंच की स्थिरता | दूरस्थ क्षेत्रों में विश्वसनीय और उच्च गति इंटरनेट कनेक्शन सुनिश्चित करना। |
| डिजिटल साक्षरता का स्तर | छात्रों और शिक्षकों के बीच प्रारंभिक डिजिटल साक्षरता के विभिन्न स्तरों को संबोधित करना। |
| सुरक्षा और निगरानी | महंगे उपकरणों की सुरक्षा और उनके उचित उपयोग की निगरानी। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS)
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020
आगे की राह
- परियोजना के प्रभावी कार्यान्वयन और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत निगरानी और मूल्यांकन तंत्र स्थापित करना।
- शिक्षकों के लिए नियमित और व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना ताकि वे डिजिटल उपकरणों और संसाधनों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
- स्थानीय समुदायों और अभिभावकों को परियोजना में शामिल करना ताकि वे छात्रों की डिजिटल शिक्षा का समर्थन कर सकें।
- डिजिटल सामग्री को स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक संदर्भों के अनुरूप बनाने पर ध्यान केंद्रित करना।
- इंटरनेट कनेक्टिविटी की विश्वसनीयता और गति में सुधार के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, विशेषकर दूरस्थ क्षेत्रों में।
- साइबर सुरक्षा और डिजिटल नागरिकता पर छात्रों और शिक्षकों को शिक्षित करना।
- अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) और निजी संस्थाओं को CSR पहल के तहत ऐसी परियोजनाओं में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय · जनजातीय शिक्षा · डिजिटल साक्षरता · राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 · कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) · अनुसूचित जनजाति विकास · प्रौद्योगिकी एकीकरण · शैक्षिक समानता · जनजातीय कार्य मंत्रालय · सतत विकास
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 46’, ‘note’: ‘अनुसूचित जनजातियों के शैक्षिक हितों का संवर्धन’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 21A’, ‘note’: ‘शिक्षा का अधिकार’}
अवधारणा प्रवाह
NSTFDC और HPCL के बीच समझौता ज्ञापन → राजस्थान के EMRS में स्मार्ट क्लासरूम और कंप्यूटर लैब की स्थापना → अनुसूचित जनजाति के छात्रों को डिजिटल शिक्षा तक पहुंच → राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों की पूर्ति → डिजिटल साक्षरता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सुधार → जनजातीय छात्रों के लिए उच्च शिक्षा और करियर के अवसर
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) केवल अनुसूचित जनजाति के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए स्थापित किए गए हैं।
2. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त निकाय है।
3. कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) गतिविधियों के तहत, कंपनियाँ अपने औसत शुद्ध लाभ का एक निश्चित प्रतिशत सामाजिक विकास पर खर्च करने के लिए बाध्य हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि EMRS का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जनजाति के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। कथन 2 सही है क्योंकि NSTFDC जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत कार्य करता है। कथन 3 भी सही है क्योंकि कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत, कुछ मानदंडों को पूरा करने वाली कंपनियों को अपने पिछले तीन वित्तीय वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का कम से कम 2% CSR गतिविधियों पर खर्च करना अनिवार्य है।
Q2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से प्रावधान शिक्षण-अधिगम में प्रौद्योगिकी के एकीकरण से संबंधित है/हैं?
1. सभी के लिए डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना।
2. माध्यमिक स्तर से ही कम्प्यूटेशनल सोच और कोडिंग को अनिवार्य करना।
3. सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित समूहों को लक्षित सहायता प्रदान करना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- केवल 1
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: 1, 2 और 3 — राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शिक्षण-अधिगम में प्रौद्योगिकी के एकीकरण पर जोर देती है। इसमें सभी के लिए डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना और माध्यमिक स्तर से ही कम्प्यूटेशनल सोच व कोडिंग को अनिवार्य करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, यह जनजातीय बच्चों सहित सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित समूहों को लक्षित सहायता प्रदान करने पर भी केंद्रित है, ताकि वे डिजिटल शिक्षा का लाभ उठा सकें।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) जनजातीय शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस संदर्भ में, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को प्राप्त करने में प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षण सुविधाओं के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल उत्तर की रूपरेखा:
1. परिचय: एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) की स्थापना के उद्देश्य और जनजातीय शिक्षा में उनकी भूमिका का संक्षिप्त परिचय।
2. EMRS में प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षण सुविधाओं का महत्व:
क. डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास: छात्रों को आधुनिक डिजिटल उपकरणों और सॉफ्टवेयर से परिचित कराना, उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना।
ख. शैक्षिक समानता: दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय छात्रों को शहरी छात्रों के समान शैक्षिक संसाधन और अवसर प्रदान करना।
ग. सीखने के परिणामों में सुधार: स्मार्ट क्लासरूम, इंटरैक्टिव पैनल और ऑनलाइन संसाधनों के माध्यम से सीखने को अधिक आकर्षक और प्रभावी बनाना।
घ. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी: टैबलेट और कोचिंग सामग्री के माध्यम से छात्रों को उच्च शिक्षा और करियर के अवसरों के लिए तैयार करना।
ङ. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप: NEP 2020 के प्रमुख प्रावधानों (जैसे प्रौद्योगिकी एकीकरण, डिजिटल साक्षरता, कम्प्यूटेशनल सोच) को प्राप्त करने में भूमिका।
3. समालोचनात्मक परीक्षण (चुनौतियाँ और सुझाव):
क. बुनियादी ढाँचा और रखरखाव: उपकरणों की स्थापना के बाद उनके रखरखाव और तकनीकी सहायता की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना।
ख. शिक्षकों का प्रशिक्षण: शिक्षकों को नई प्रौद्योगिकी का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित करना।
ग. इंटरनेट कनेक्टिविटी: दूरदराज के क्षेत्रों में विश्वसनीय और उच्च गति वाली इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना।
घ. सामग्री की प्रासंगिकता: स्थानीय भाषाओं और संस्कृति के अनुरूप डिजिटल शैक्षिक सामग्री विकसित करना।
ङ. डिजिटल डिवाइड को कम करना: यह सुनिश्चित करना कि प्रौद्योगिकी का उपयोग सभी छात्रों तक समान रूप से पहुँचे और कोई भी पीछे न छूटे।
4. निष्कर्ष: EMRS में प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षण सुविधाओं की क्षमता और समावेशी व गुणवत्तापूर्ण जनजातीय शिक्षा के लिए सतत प्रयासों की आवश्यकता पर बल।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
Rajasthan PCS (RPSC / RAS) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: एनएसटीएफडीसी (NSTFDC) द्वारा राजस्थान के 29 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में कंप्यूटर लैब-सह-स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना के लिए किस सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं?
- A. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL)
- B. भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL)
- C. हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL)
- D. ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ONGC)
उत्तर: C. हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) — एनएसटीएफडीसी (NSTFDC) ने राजस्थान के 29 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में कंप्यूटर लैब-सह-स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
Mains: राजस्थान में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) में कंप्यूटर लैब-सह-स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना के लिए एनएसटीएफडीसी (NSTFDC) और एचपीसीएल (HPCL) के बीच हुए समझौता ज्ञापन के महत्व और इसके संभावित प्रभावों पर प्रकाश डालिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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