पीएम ग्राम सड़क योजना: ग्रामीण कनेक्टिविटी में तीव्र प्रगति, राज्यवार विवरण सहित

पीएम ग्राम सड़क योजना: ग्रामीण कनेक्टिविटी में तीव्र प्रगति, राज्यवार विवरण सहित — प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ग्रामीण सड़कों का चरणवार निर्माण

पीएम ग्राम सड़क योजना: ग्रामीण कनेक्टिविटी में तीव्र प्रगति, राज्यवार विवरण सहित

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शासन, विकास और उससे संबंधित मुद्दे  |  GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधन जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोजगार से संबंधित विषय
  • Prelims: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), ग्रामीण विकास मंत्रालय, ऑनलाइन प्रबंधन, निगरानी एवं लेखा प्रणाली (OMMAS), राज्य ग्रामीण सड़क विकास एजेंसियां (SRRDA), विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG), आकांक्षी जिले
  • Essay: ग्रामीण विकास में आधारभूत संरचना की भूमिका, भारत में समावेशी विकास के लिए सरकारी योजनाएँ

त्वरित पुनरावृत्ति: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) ग्रामीण भारत में कनेक्टिविटी बढ़ाने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसकी प्रगति की निगरानी OMMAS पोर्टल के माध्यम से की जाती है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत ग्रामीण सड़कों के चरणवार निर्माण की प्रगति पर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें योजना के विभिन्न घटकों के तहत निर्मित सड़कों की कुल लंबाई, जुड़ी हुई बसावटों की संख्या और वित्तीय विवरणों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है। यह जानकारी ऑनलाइन प्रबंधन, निगरानी एवं लेखा प्रणाली (OMMAS) पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, जिसमें झारखंड, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों तथा चतरा, पाली और दाहोद जैसे लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों का विशिष्ट विवरण भी शामिल है।

पृष्ठभूमि

  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) का शुभारंभ वर्ष 2000 में ग्रामीण क्षेत्रों में असंबद्ध बसावटों को बारहमासी सड़क संपर्क प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया था।
  • यह योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत संचालित होती है और केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित है।
  • PMGSY के विभिन्न चरण (PMGSY-I, PMGSY-II, PMGSY-III) और घटक (जैसे वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़कें) समय-समय पर शुरू किए गए हैं।
  • योजना का मुख्य लक्ष्य 500 या उससे अधिक (पहाड़ी, जनजातीय, रेगिस्तानी क्षेत्रों और विशेष श्रेणी के राज्यों में 250 या उससे अधिक) की जनसंख्या वाली असंबद्ध बसावटों को सड़क संपर्क प्रदान करना है।
  • योजना में आकांक्षी जिलों, जनजातीय (अनुसूची-V) क्षेत्रों और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती है।
  • योजना के तहत सड़कों का निर्माण राज्य सरकारों द्वारा कम से कम 10 वर्षों की डिज़ाइन अवधि के साथ किया जाता है।
  • वार्षिक कार्य योजना (AAP) बैठकों के दौरान राज्य सरकारों के परामर्श से भौतिक लक्ष्यों को अंतिम रूप दिया जाता है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) क्या है?

  • PMGSY एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में असंबद्ध बसावटों को बारहमासी सड़क संपर्क प्रदान करना है।
  • यह योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जाती है।
  • PMGSY-I के तहत 500+ (मैदानी क्षेत्रों में) और 250+ (पहाड़ी/जनजातीय/रेगिस्तानी क्षेत्रों में) जनसंख्या वाली असंबद्ध बसावटों को जोड़ने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • PMGSY-III का लक्ष्य मौजूदा ग्रामीण सड़कों को मजबूत करना और प्रमुख ग्रामीण संपर्कों को अपग्रेड करना है।
  • ऑनलाइन प्रबंधन, निगरानी एवं लेखा प्रणाली (OMMAS) पोर्टल योजना की प्रगति की निगरानी और सार्वजनिक जानकारी के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
  • योजना में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) क्षेत्रों में कनेक्टिविटी के लिए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) जैसे घटकों को भी शामिल किया गया है।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा जिला-वार लक्ष्यों का आवंटन ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आवंटित राज्यवार लक्ष्यों के अंतर्गत किया जाता है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
चरणबद्ध निर्माण ग्रामीण सड़कों के निर्माण और उन्नयन के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है, जिससे संसाधनों का कुशल उपयोग होता है।
राज्य सरकारों की भूमिका सड़कों के निर्माण, रखरखाव और गुणवत्ता नियंत्रण में राज्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करती है, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार योजना का अनुकूलन होता है।
ऑनलाइन प्रबंधन, निगरानी एवं लेखा प्रणाली (OMMAS) योजना की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाती है, जिससे प्रगति और वित्तीय उपयोग की सार्वजनिक निगरानी संभव होती है।
विशेष श्रेणी के क्षेत्रों पर ध्यान आकांक्षी जिलों, जनजातीय (अनुसूची-V) क्षेत्रों और रेगिस्तानी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देती है, जिससे समावेशी विकास सुनिश्चित होता है।
रखरखाव का प्रावधान निर्मित सड़कों की दीर्घायु और गुणवत्ता सुनिश्चित करता है, जिससे ग्रामीण कनेक्टिविटी का स्थायी लाभ मिलता है।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • बेहतर ग्रामीण कनेक्टिविटी कृषि उत्पादों को बाजारों तक पहुंचाने में मदद करती है, जिससे किसानों की आय बढ़ती है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में गैर-कृषि रोजगार के अवसर पैदा होते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है।
  • माल और सेवाओं की आवाजाही को सुगम बनाकर ग्रामीण-शहरी विभाजन को कम करती है, जिससे समग्र आर्थिक विकास होता है।

सामाजिक महत्व

  • ग्रामीण आबादी की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच में सुधार करती है, जिससे जीवन की गुणवत्ता बढ़ती है।
  • महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए सामाजिक समावेशन और सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है, क्योंकि उन्हें बेहतर पहुंच मिलती है।
  • आपदा राहत और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच में सुधार करती है, जिससे ग्रामीण समुदायों की लचीलापन बढ़ता है।

प्रशासनिक महत्व

  • योजना के कार्यान्वयन में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोगात्मक संघवाद (Cooperative Federalism) को मजबूत करती है।
  • OMMAS पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करती है, जिससे सुशासन को बढ़ावा मिलता है।
  • विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) क्षेत्रों जैसे लक्षित समूहों पर ध्यान केंद्रित करके समावेशी विकास के सरकारी लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करती है।

चुनौतियाँ

1. गुणवत्ता और रखरखाव

  • सड़क निर्माण की गुणवत्ता मानकों को बनाए रखना एक चुनौती है, खासकर दूरदराज के क्षेत्रों में।
  • राज्य सरकारों द्वारा सड़कों के दीर्घकालिक रखरखाव के लिए पर्याप्त बजटीय आवंटन और निष्पादन सुनिश्चित करना।
  • ठेकेदारों द्वारा रखरखाव अनुबंधों का प्रभावी ढंग से पालन न करना।

2. भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी

  • सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण में देरी और संबंधित कानूनी मुद्दे।
  • पर्यावरणीय प्रभाव आकलन और आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने में लगने वाला समय।

3. वित्तीय प्रबंधन

  • राज्यों द्वारा केंद्र से प्राप्त धन का समय पर और कुशल उपयोग सुनिश्चित करना।
  • रखरखाव निधि के लिए राज्य के बजट में पर्याप्त प्रावधान की कमी।

4. दूरदराज के क्षेत्रों में कार्यान्वयन

  • आकांक्षी जिलों, जनजातीय और रेगिस्तानी क्षेत्रों में निर्माण सामग्री और कुशल श्रम की उपलब्धता।
  • इन क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
सड़क की गुणवत्ता निर्माण के बाद सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने में चुनौतियां, विशेषकर दूरस्थ क्षेत्रों में।
रखरखाव निधि राज्य सरकारों द्वारा रखरखाव के लिए पर्याप्त और समय पर धन का आवंटन न करना।
भूमि अधिग्रहण सड़क परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में देरी और कानूनी बाधाएं।
पर्यावरणीय प्रभाव सड़क निर्माण से होने वाले पर्यावरणीय प्रभावों का प्रबंधन और संबंधित स्वीकृतियां।
भौगोलिक बाधाएं पहाड़ी, रेगिस्तानी और घने वन क्षेत्रों में निर्माण की उच्च लागत और तकनीकी चुनौतियां।
निगरानी और जवाबदेही OMMAS पोर्टल के बावजूद, जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन और गुणवत्ता की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)
  • प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN)

आगे की राह

  • सड़क निर्माण में उन्नत तकनीकों और टिकाऊ सामग्रियों का उपयोग करके गुणवत्ता और दीर्घायु सुनिश्चित करना।
  • राज्य सरकारों को रखरखाव के लिए पर्याप्त बजटीय आवंटन सुनिश्चित करने हेतु प्रोत्साहित करना और एक मजबूत निगरानी तंत्र स्थापित करना।
  • भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और पर्यावरणीय स्वीकृतियों में तेजी लाना, साथ ही स्थानीय समुदायों के साथ प्रभावी ढंग से जुड़ना।
  • दूरदराज और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में निर्माण के लिए विशेष प्रोत्साहन और तकनीकी सहायता प्रदान करना।
  • OMMAS पोर्टल का उपयोग करके डेटा-संचालित निर्णय लेने को बढ़ावा देना और सार्वजनिक भागीदारी के माध्यम से जवाबदेही बढ़ाना।
  • स्थानीय स्तर पर कुशल श्रम और सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को बढ़ावा देना।
  • विशेष श्रेणी के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी के लिए PMGSY और PM-JANMAN जैसी योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना · ग्रामीण विकास मंत्रालय · ग्रामीण कनेक्टिविटी · बुनियादी ढांचा विकास · राज्यों की भूमिका · रखरखाव अनुबंध · आकांक्षी जिले · जनजातीय क्षेत्र · सतत विकास · सामाजिक-आर्थिक प्रभाव

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 243G’, ‘note’: ‘पंचायतों को आर्थिक विकास की योजनाएँ’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 243W’, ‘note’: ‘नगरपालिकाओं को आर्थिक विकास की योजनाएँ’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 275’, ‘note’: ‘कुछ राज्यों को संघ से अनुदान’}
  • {‘article’: ‘पांचवीं अनुसूची’, ‘note’: ‘जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन और नियंत्रण’}

अवधारणा प्रवाह

ग्रामीण कनेक्टिविटी का अभाव  →  आर्थिक और सामाजिक विकास में बाधा  →  प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का शुभारंभ  →  ग्रामीण सड़कों का चरणबद्ध निर्माण  →  बेहतर पहुंच और जीवन की गुणवत्ता  →  ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. PMGSY के अंतर्गत निर्मित सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होती है।
2. PMGSY-I के अंतर्गत कनेक्टिविटी के लिए जनसंख्या सीमा 2001 की जनगणना के आधार पर 500 व्यक्ति है।
3. PMGSY के दिशानिर्देशों में आकांक्षी जिलों और जनजातीय (अनुसूची-V) क्षेत्रों को प्राथमिकता देने के लिए समर्पित छूट मानदंड शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: केवल 2 और 3 — कथन 1 गलत है। PMGSY दिशानिर्देशों के अनुसार, योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है। कथन 2 सही है। PMGSY-I के अंतर्गत वर्ष 2001 की जनगणना के आधार पर जनसंख्या सीमा 500 व्यक्ति है। कथन 3 सही है। PMGSY के कार्यक्रम दिशानिर्देशों में आकांक्षी जिलों, जनजातीय (अनुसूची-V) क्षेत्रों और अन्य विशेष श्रेणी के क्षेत्रों को प्राथमिकता देने के लिए समर्पित छूट मानदंड शामिल हैं।

Q2. ऑनलाइन प्रबंधन, निगरानी एवं लेखा प्रणाली (OMMAS) पोर्टल का संबंध निम्नलिखित में से किस योजना से है?

  1. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
  2. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
  3. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
  4. मनरेगा

उत्तर: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना — ऑनलाइन प्रबंधन, निगरानी एवं लेखा प्रणाली (OMMAS) पोर्टल प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत सड़कों की लंबाई, जुड़ी हुई बसावटों, स्वीकृत, पूर्ण की गई और निर्माणाधीन सड़कों के भौतिक विवरण को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराता है। यह योजना के कार्यान्वयन की निगरानी और लेखा-जोखा रखने में मदद करता है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) ग्रामीण भारत में कनेक्टिविटी और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण उपकरण रही है। इस योजना के प्रमुख उद्देश्यों, कार्यान्वयन चुनौतियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।

रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में PMGSY के प्रमुख उद्देश्यों पर प्रकाश डालना चाहिए, जैसे कि असंबद्ध बसावटों को बारहमासी सड़क कनेक्टिविटी प्रदान करना। दूसरे भाग में योजना के कार्यान्वयन से संबंधित चुनौतियों पर चर्चा करनी चाहिए, जिसमें रखरखाव, बजटीय बाधाएं और भौगोलिक कठिनाइयां शामिल हो सकती हैं। अंत में, ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का आलोचनात्मक मूल्यांकन करना चाहिए, जिसमें कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार और रोजगार सृजन जैसे सकारात्मक प्रभावों के साथ-साथ संभावित कमियों या असमानताओं का भी उल्लेख किया जा सकता है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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