11 Oct पूर्व सैनिक कल्याण विभाग द्वारा विशेष अभियान 6.0 में स्वच्छता एवं कुशल प्रशासन पर जोर
✎ विशेष अभियान 6.0 का लक्ष्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाना, ई-अपशिष्ट का प्रबंधन करना और लंबित मामलों को कम करके शासन की दक्षता व जवाबदेही बढ़ाना है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही | GS Paper IV — लोक प्रशासन में नैतिकता
- Prelims: विशेष अभियान 6.0, पूर्व सैनिक कल्याण विभाग (DESW), ई-अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता, लंबित मामलों का निपटारा, अपशिष्ट से धन (Waste to Wealth)
- Essay: सुशासन: एक कुशल और उत्तरदायी प्रशासन की आवश्यकता, भारत में ई-अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौतियाँ और अवसर
त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 6.0 का लक्ष्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाना, ई-अपशिष्ट का प्रबंधन करना और लंबित मामलों को कम करके शासन की दक्षता व जवाबदेही बढ़ाना है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
पूर्व सैनिक कल्याण विभाग (DESW) देशव्यापी ‘विशेष अभियान 6.0’ में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है, जिसका उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं में स्वच्छता को संस्थागत बनाना और लंबित मामलों में कमी लाना है। यह अभियान 02 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक चलाया जा रहा है, जिसमें कार्यस्थल की कार्यक्षमता में सुधार और स्वच्छ तथा अधिक टिकाऊ कार्यालय परिवेश को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
पृष्ठभूमि
- भारत सरकार विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में दक्षता, पारदर्शिता और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाती है।
- इन अभियानों का प्राथमिक लक्ष्य सरकारी कार्यालयों में कार्य संस्कृति में सुधार करना और नागरिकों को प्रदान की जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाना है।
- लंबित मामलों, विशेषकर शिकायतों और संसदीय आश्वासनों का त्वरित निपटारा, सुशासन (Good Governance) का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
- ई-अपशिष्ट प्रबंधन (E-waste Management) पर्यावरण संरक्षण और संसाधन दक्षता के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है, जिसके लिए उचित नियमों और प्रक्रियाओं की आवश्यकता होती है।
- ‘अपशिष्ट से धन’ की अवधारणा चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) को बढ़ावा देती है, जहाँ अपशिष्ट को मूल्यवान संसाधन के रूप में देखा जाता है।
- पूर्व सैनिक कल्याण विभाग रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) के अंतर्गत कार्य करता है और पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों के लिए जिम्मेदार है।
विशेष अभियान 6.0 क्या है?
- विशेष अभियान 6.0 भारत सरकार द्वारा चलाया गया एक देशव्यापी अभियान है, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लंबित मामलों को कम करना है।
- यह अभियान 02 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक संचालित किया जा रहा है, जिसमें कार्यस्थल की कार्यक्षमता में सुधार और स्वच्छ तथा टिकाऊ कार्यालय परिवेश के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- अभियान के तहत, ई-अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुसार ई-अपशिष्ट के वैज्ञानिक पृथक्करण, संग्रहण और निपटान को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे ‘अपशिष्ट से धन’ की अवधारणा को बढ़ावा मिलता है।
- इसमें कार्यस्थलों पर बड़े पैमाने पर सफाई अभियान और श्रमदान कार्यक्रम शामिल हैं, ताकि अधिकारियों और आगंतुकों के लिए एक स्वच्छ और बेहतर माहौल सुनिश्चित किया जा सके।
- पूर्व सैनिकों से संबंधित शिकायतों और संसदीय आश्वासनों सहित लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया जा रहा है।
- अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के सिद्धांतों को विभाग के दैनिक कामकाज में शामिल करने के लिए दीर्घकालिक उपायों को लागू करना है, जिससे अभियान-आधारित पहलें स्थायी प्रशासनिक प्रथाओं में बदल सकें।
- यह अभियान एक साफ-सुथरी, अधिक कुशल और उत्तरदायी शासन प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, विशेष रूप से देश के पूर्व सैनिकों की सेवा के संदर्भ में।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| ई-अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान | पर्यावरण संरक्षण और ‘अपशिष्ट से धन’ (Waste to Wealth) की अवधारणा को बढ़ावा देना। |
| स्वच्छता एवं कार्यस्थल उन्नयन | सरकारी कार्यालयों में स्वच्छ और कुशल कार्य वातावरण सुनिश्चित करना, जिससे कर्मचारियों और आगंतुकों दोनों को लाभ हो। |
| लंबित मामलों में कमी | पूर्व-सैनिकों को समय पर और प्रभावी सेवाएं प्रदान करना, शिकायतों और संसदीय आश्वासनों का त्वरित निपटारा। |
| जागरूकता एवं संस्थानीकरण | स्वच्छता और दक्षता के सिद्धांतों को दैनिक प्रशासनिक प्रक्रियाओं का स्थायी हिस्सा बनाना, केवल अभियान तक सीमित न रखना। |
| देशव्यापी विशेष अभियान 6.0 का हिस्सा | सरकारी प्रक्रियाओं में सुधार और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक सरकारी पहल का हिस्सा। |
महत्व
प्रशासनिक दक्षता
- लंबित मामलों, विशेषकर शिकायतों और संसदीय आश्वासनों का त्वरित निपटारा, सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करता है।
- सुव्यवस्थित प्रशासनिक प्रक्रियाएं कार्यस्थल की उत्पादकता बढ़ाती हैं और निर्णय लेने में तेजी लाती हैं।
पर्यावरण संरक्षण
- ई-अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन करके इलेक्ट्रॉनिक कचरे का उचित निपटान पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में मदद करता है।
- ‘अपशिष्ट से धन’ की अवधारणा को बढ़ावा देना संसाधनों के पुनर्चक्रण और सतत विकास में योगदान देता है।
नागरिक केंद्रित शासन
- पूर्व-सैनिकों को बेहतर और समय पर सेवाएं प्रदान करना, जो नागरिक केंद्रित शासन का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
- स्वच्छ और व्यवस्थित कार्यस्थल आगंतुकों के लिए एक सकारात्मक अनुभव सुनिश्चित करते हैं, जिससे सरकारी विभागों में विश्वास बढ़ता है।
संस्थागत सुधार
- स्वच्छता और दक्षता के सिद्धांतों को दैनिक कामकाज में शामिल करना स्थायी प्रशासनिक प्रथाओं का विकास करता है।
- अभियान-आधारित पहलों को दीर्घकालिक संस्थागत सुधारों में बदलना सरकारी कामकाज में निरंतर सुधार सुनिश्चित करता है।
चुनौतियाँ
1. व्यवहार परिवर्तन का प्रतिरोध
- कर्मचारियों के बीच स्वच्छता और दक्षता की आदतों को स्थायी रूप से स्थापित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
- पुरानी कार्यप्रणालियों को छोड़कर नई, अधिक कुशल प्रक्रियाओं को अपनाने में समय लगता है।
यूपीएससी लिंक: शासन में नैतिकता और मानवीय मूल्य
2. संसाधनों का आवंटन
- ई-अपशिष्ट के वैज्ञानिक पृथक्करण और निपटान के लिए पर्याप्त बुनियादी ढाँचा और प्रशिक्षित कर्मियों की आवश्यकता होती है।
- स्वच्छता और कार्यस्थल उन्नयन के लिए निरंतर वित्तीय और मानव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
यूपीएससी लिंक: सरकारी बजट और वित्तीय प्रबंधन
3. लंबित मामलों का बैकलॉग
- पुराने और जटिल लंबित मामलों को तेजी से निपटाना, विशेषकर जहां रिकॉर्ड पुराने या अपूर्ण हों, मुश्किल हो सकता है।
- शिकायतों और संसदीय आश्वासनों की बढ़ती संख्या का प्रबंधन करना।
यूपीएससी लिंक: प्रशासनिक सुधार और सुशासन
4. प्रौद्योगिकी का एकीकरण
- ई-अपशिष्ट प्रबंधन और डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग के लिए आधुनिक तकनीकों को प्रभावी ढंग से लागू करना।
- कर्मचारियों को नई डिजिटल प्रणालियों के उपयोग के लिए प्रशिक्षित करना।
यूपीएससी लिंक: ई-शासन और सूचना प्रौद्योगिकी
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| ई-अपशिष्ट का बढ़ता ढेर | पर्यावरण प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिम, यदि उचित ढंग से प्रबंधित न किया जाए। |
| सरकारी प्रक्रियाओं में लालफीताशाही | नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने में देरी और अक्षमता, जिससे असंतोष बढ़ता है। |
| कार्यस्थल की अस्वच्छता | कर्मचारियों की उत्पादकता पर नकारात्मक प्रभाव और सरकारी कार्यालयों की छवि खराब होना। |
| अभियान-आधारित दृष्टिकोण की अस्थिरता | अभियान समाप्त होने के बाद सुधारों का स्थायी न होना, जिससे दीर्घकालिक प्रभाव सीमित हो जाते हैं। |
| पूर्व-सैनिकों की विशिष्ट आवश्यकताएँ | उनकी शिकायतों और आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना। |
आगे की राह
- ई-अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक मजबूत और स्थायी बुनियादी ढाँचा विकसित करना, जिसमें संग्रह, पृथक्करण और पुनर्चक्रण की सुविधाएँ शामिल हों।
- सरकारी प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण (Digitization) और ई-शासन (e-governance) उपकरणों का व्यापक उपयोग, जिससे पारदर्शिता और दक्षता बढ़े।
- कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण और संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित करना ताकि स्वच्छता और दक्षता की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके।
- लंबित मामलों के त्वरित निपटान के लिए एक समयबद्ध प्रणाली और जवाबदेही तंत्र स्थापित करना।
- नागरिकों, विशेषकर पूर्व-सैनिकों से नियमित प्रतिक्रिया प्राप्त करने और उसके आधार पर सेवाओं में सुधार करने के लिए एक तंत्र विकसित करना।
- स्वच्छता और दक्षता के मानकों को दैनिक कामकाज का अभिन्न अंग बनाने के लिए संस्थागत नीतियां और दिशानिर्देश लागू करना।
- अन्य सरकारी विभागों के साथ सर्वोत्तम प्रथाओं (best practices) का आदान-प्रदान करना और एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
पूर्व सैनिक कल्याण विभाग · विशेष अभियान 6.0 · स्वच्छता संस्थागतकरण · लंबित मामलों में कमी · ई-अपशिष्ट प्रबंधन · अपशिष्ट से धन · कार्यस्थल दक्षता · उत्तरदायी शासन · प्रशासनिक सुधार · शिकायत निवारण
अवधारणा प्रवाह
विशेष अभियान 6.0 की शुरुआत (स्वच्छता और लंबित मामलों में कमी) → पूर्व सैनिक कल्याण विभाग (DESW) की सक्रिय भागीदारी → ई-अपशिष्ट प्रबंधन, कार्यस्थल स्वच्छता और लंबित मामलों का निपटान → जागरूकता और स्वच्छता सिद्धांतों का संस्थानीकरण → बेहतर कार्यक्षमता, स्वच्छ परिवेश और पूर्व-सैनिकों को कुशल सेवाएँ → उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. पूर्व सैनिक कल्याण विभाग (DESW) द्वारा चलाए जा रहे ‘विशेष अभियान 6.0’ के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत बनाना और सरकारी प्रक्रियाओं में लंबित मामलों को कम करना है।
2. यह अभियान केवल ई-अपशिष्ट के वैज्ञानिक पृथक्करण और निपटान पर केंद्रित है।
3. अभियान के तहत, पूर्व-सैनिकों की शिकायतों और संसदीय आश्वासनों सहित लंबित मामलों के त्वरित निपटान पर जोर दिया गया है।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत बनाना और लंबित मामलों को कम करना है। कथन 2 गलत है क्योंकि यह अभियान केवल ई-अपशिष्ट पर केंद्रित नहीं है, बल्कि इसमें स्वच्छता, कार्यस्थल उन्नयन और लंबित मामलों में कमी भी शामिल है। कथन 3 सही है क्योंकि अभियान में पूर्व-सैनिकों की शिकायतों और संसदीय आश्वासनों सहित लंबित मामलों के त्वरित निपटान को प्राथमिकता दी गई है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘अपशिष्ट से धन’ (Waste to Wealth) पहल का सर्वोत्तम वर्णन करता है?
- यह केवल ई-अपशिष्ट को एकत्र करने और उसका निपटान करने से संबंधित है।
- यह अपशिष्ट को मूल्यवान संसाधनों में बदलने को प्रोत्साहित करता है।
- यह केवल कार्यस्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने पर केंद्रित है।
- यह सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने की एक प्रक्रिया है।
उत्तर: यह अपशिष्ट को मूल्यवान संसाधनों में बदलने को प्रोत्साहित करता है। — ‘अपशिष्ट से धन’ पहल का उद्देश्य अपशिष्ट पदार्थों को मूल्यवान संसाधनों में परिवर्तित करना है, जिससे आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ प्राप्त हो सकें।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ भारत में सार्वजनिक सेवा वितरण में दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में प्रशासनिक सुधारों की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। ‘विशेष अभियान 6.0’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्वच्छता को संस्थागत बनाने और लंबित मामलों को कम करने के प्रयासों का भी विश्लेषण कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: सार्वजनिक सेवा वितरण में दक्षता और जवाबदेही के महत्व पर प्रकाश डालें।
2. प्रशासनिक सुधारों की भूमिका: भारत में प्रशासनिक सुधारों के ऐतिहासिक संदर्भ और उनके उद्देश्यों (जैसे नागरिक-केंद्रित शासन, पारदर्शिता, भ्रष्टाचार उन्मूलन) पर चर्चा करें। द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग (ARC) की सिफारिशों का उल्लेख करें।
3. ‘विशेष अभियान 6.0’ का विश्लेषण: अभियान के उद्देश्यों (स्वच्छता, लंबित मामलों में कमी, ई-अपशिष्ट प्रबंधन) और इसके तहत की जा रही गतिविधियों का विस्तार से वर्णन करें।
4. स्वच्छता का संस्थागतकरण और लंबित मामलों में कमी: इन प्रयासों के महत्व, ‘अपशिष्ट से धन’ अवधारणा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सुव्यवस्थितीकरण पर प्रकाश डालें।
5. प्रभाव और चुनौतियाँ: ऐसे अभियानों से प्राप्त होने वाले संभावित लाभों (बेहतर कार्यस्थल, त्वरित सेवा वितरण, पूर्व-सैनिकों को लाभ) और कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों (जैसे निरंतरता बनाए रखना, कर्मचारियों का प्रतिरोध) पर चर्चा करें।
6. निष्कर्ष: एक कुशल और उत्तरदायी शासन प्रणाली के लिए इन प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष प्रस्तुत करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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