16 Sep पेयजल विभाग का विशेष अभियान 6.0: स्वच्छता और लंबित मामलों पर फोकस
✎ विशेष अभियान 6.0 सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, स्थान प्रबंधन और लंबित मामलों के समयबद्ध निपटान के साथ-साथ ई-कचरा प्रबंधन पर केंद्रित एक पहल है, जिसका उद्देश्य सुशासन और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देना है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पहलू, ई-गवर्नेंस-अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही एवं संस्थागत तथा अन्य उपाय। | GS Paper III — पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन।
- Prelims: विशेष अभियान 6.0, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS), प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG), ई-कचरा प्रबंधन, नागरिक-केंद्रित शासन, स्वच्छता अभियान
- Essay: सुशासन: चुनौतियाँ और समाधान, सतत विकास और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व
त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 6.0 सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, स्थान प्रबंधन और लंबित मामलों के समयबद्ध निपटान के साथ-साथ ई-कचरा प्रबंधन पर केंद्रित एक पहल है, जिसका उद्देश्य सुशासन और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देना है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS) ने विशेष अभियान 6.0 की तैयारी शुरू कर दी है, जिसे 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विभाग में लागू किया जाएगा। यह अभियान प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता संबंधी प्रथाओं को संस्थागत बनाने, स्थान प्रबंधन में सुधार करने और लंबित मामलों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगा। इस वर्ष ई-कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे पर्यावरण की दृष्टि से जिम्मेदार कार्यालय प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।
पृष्ठभूमि
- भारत सरकार सुशासन और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं।
- प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) इन अभियानों के लिए नोडल एजेंसी है, जो दिशा-निर्देश जारी करता है और प्रगति की निगरानी करता है।
- पिछले विशेष अभियानों में सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने और दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया था।
- इन अभियानों का उद्देश्य न केवल कार्यालयों में स्वच्छता सुनिश्चित करना है, बल्कि विभिन्न श्रेणियों के संदर्भों, संसदीय आश्वासनों और जन शिकायतों का समयबद्ध निपटान करके पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना भी है।
- डिजिटल इंडिया पहल के तहत, DARPG का SCDPM पोर्टल लंबित मामलों की प्रगति की निगरानी और अद्यतन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास भारत सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है, जिसके तहत ई-कचरा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विशेष अभियान 6.0 क्या है?
- विशेष अभियान 6.0 पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS) द्वारा प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) के दिशा-निर्देशों के तहत चलाया जाने वाला एक मासिक अभियान है।
- यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, स्थान प्रबंधन और लंबित मामलों के समयबद्ध निपटान में सुधार करना है।
- अभियान का एक प्रमुख फोकस सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता संबंधी प्रथाओं को संस्थागत बनाना है, ताकि यह दैनिक कार्यप्रणाली का अभिन्न अंग बन सके।
- यह सांसदों, संसदीय आश्वासनों, कैबिनेट प्रस्तावों (IMC संदर्भ), राज्य सरकारों और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से प्राप्त संदर्भों के साथ-साथ जन शिकायतों और अपीलों के त्वरित निपटान पर जोर देता है।
- इस वर्ष के अभियान में ई-कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसमें इसके प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान को सुनिश्चित करना शामिल है।
- अभियान का लक्ष्य पारदर्शिता, दक्षता और नागरिक-केंद्रित शासन की भावना को बढ़ावा देना है, जिससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
- DDWS SCDPM पोर्टल पर अभियान की प्रगति की नियमित रूप से निगरानी और अद्यतन करेगा, जो DARPG द्वारा विकसित एक ऑनलाइन मंच है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| स्वच्छता संबंधी प्रथाओं का संस्थागतकरण | सरकारी कार्यालयों में स्वच्छ और व्यवस्थित कार्य वातावरण को बढ़ावा देना, जिससे कर्मचारियों की दक्षता और उत्पादकता में वृद्धि होती है। |
| लंबित मामलों का समयबद्ध निपटान | शासन में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना, जिससे नागरिकों को बेहतर सेवाएँ मिलें और प्रशासनिक बोझ कम हो। |
| स्थान प्रबंधन में सुधार | कार्यालयों के भौतिक स्थान का प्रभावी उपयोग, जिससे कार्यप्रवाह सुचारु हो और संसाधनों का अपव्यय रुके। |
| ई-कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन | पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कार्यस्थल प्रथाओं को बढ़ावा देना, जिससे इलेक्ट्रॉनिक कचरे के अनुचित निपटान से होने वाले पर्यावरणीय खतरों को कम किया जा सके। |
| नागरिक-केंद्रित शासन | जन शिकायतों और अपीलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना, जिससे नागरिकों का सरकार पर विश्वास बढ़े और सुशासन स्थापित हो। |
महत्व
प्रशासनिक महत्व
- यह अभियान सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली में दक्षता और पारदर्शिता लाने पर केंद्रित है, जो सुशासन (Good Governance) के लिए आवश्यक है।
- लंबित मामलों के समयबद्ध निपटान से प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आती है और निर्णय लेने में लगने वाला समय कम होता है।
पर्यावरणीय महत्व
- ई-कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेष जोर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो टिकाऊ विकास (Sustainable Development) के लक्ष्यों के अनुरूप है।
- यह पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार कार्यालय प्रबंधन को बढ़ावा देता है, जिससे प्रदूषण कम होता है और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होता है।
सामाजिक महत्व
- जन शिकायतों और अपीलों का त्वरित समाधान नागरिकों के लिए सरकार की जवाबदेही को बढ़ाता है, जिससे सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है।
- स्वच्छता और बेहतर स्थान प्रबंधन से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है, जिससे उनकी कार्यक्षमता में सुधार होता है और अंततः नागरिकों को बेहतर सेवाएँ मिलती हैं।
चुनौतियाँ
1. कार्यान्वयन में निरंतरता का अभाव
- अभियानों की सफलता अक्सर उनके निरंतर और प्रभावी कार्यान्वयन पर निर्भर करती है। अक्सर देखा जाता है कि ऐसे अभियान प्रारंभिक उत्साह के बाद शिथिल पड़ जाते हैं।
- दीर्घकालिक परिणामों के लिए अभियान के लक्ष्यों को दैनिक कार्यप्रणाली का अभिन्न अंग बनाना चुनौती भरा हो सकता है।
यूपीएससी लिंक: शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही
2. संसाधनों की कमी
- ई-कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और अन्य स्वच्छता प्रथाओं को लागू करने के लिए पर्याप्त वित्तीय और मानव संसाधनों की आवश्यकता होती है।
- छोटे क्षेत्रीय कार्यालयों में इन संसाधनों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप
3. कर्मचारियों का प्रतिरोध और प्रशिक्षण
- नई कार्यप्रणालियों और स्वच्छता मानकों को अपनाने में कर्मचारियों का प्रतिरोध हो सकता है, विशेषकर यदि उन्हें पर्याप्त प्रशिक्षण न दिया जाए।
- ई-कचरा प्रबंधन जैसे तकनीकी पहलुओं के लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन
4. डेटा की सटीकता और निगरानी
- लंबित मामलों और अन्य प्रगति की निगरानी के लिए डीएआरपीजी के पोर्टल पर डेटा की नियमित और सटीक प्रविष्टि सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
- गलत या अधूरी जानकारी अभियान के वास्तविक प्रभाव का आकलन करने में बाधा बन सकती है।
यूपीएससी लिंक: ई-गवर्नेंस
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| लंबित मामलों का बैकलॉग | प्रशासनिक अक्षमता और नागरिकों को सेवाओं के वितरण में देरी। |
| स्वच्छता मानकों का अनुपालन | कार्यालयों में अस्वच्छ वातावरण से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम और नकारात्मक कार्य संस्कृति। |
| ई-कचरा प्रबंधन | पर्यावरण प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी खतरे यदि ई-कचरे का उचित निपटान न हो। |
| अभियान-आधारित दृष्टिकोण | दीर्घकालिक संस्थागत परिवर्तन के बजाय अल्पकालिक प्रभाव की संभावना। |
| जवाबदेही और पारदर्शिता | प्रगति की निगरानी और रिपोर्टिंग में संभावित अंतराल, जिससे जवाबदेही प्रभावित हो सकती है। |
आगे की राह
- अभियान के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाना चाहिए, जिसमें सभी स्तरों के कर्मचारियों को स्वच्छता, स्थान प्रबंधन और ई-कचरा निपटान की सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में शिक्षित किया जाए।
- लंबित मामलों के निपटान के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए, जिसमें नियमित अंतराल पर प्रगति की समीक्षा की जाए और बाधाओं को दूर करने के लिए तत्काल उपाय किए जाएँ।
- ई-कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों और प्रमाणित रीसाइक्लिंग एजेंसियों के साथ साझेदारी की जानी चाहिए, ताकि प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान सुनिश्चित हो सके।
- अभियान के लक्ष्यों को दैनिक कार्यालयीन कार्यप्रणाली का अभिन्न अंग बनाने के लिए स्थायी मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOPs) विकसित की जानी चाहिए, ताकि अभियान समाप्त होने के बाद भी प्रगति जारी रहे।
- कर्मचारियों को स्वच्छता और दक्षता के लिए प्रेरित करने हेतु प्रोत्साहन और पुरस्कार योजनाएँ शुरू की जानी चाहिए, जिससे सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और स्वामित्व की भावना को बढ़ावा मिले।
- जन शिकायतों और अपीलों के त्वरित समाधान के लिए एक केंद्रीकृत और उपयोगकर्ता-अनुकूल डिजिटल प्लेटफॉर्म को और मजबूत किया जाना चाहिए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़े।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
विशेष अभियान 6.0 · पेयजल एवं स्वच्छता विभाग · प्रशासनिक सुधार · लोक शिकायत निवारण · ई-कचरा प्रबंधन · स्वच्छता · शासन में पारदर्शिता · नागरिक-केंद्रित शासन
अवधारणा प्रवाह
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा विशेष अभियान 6.0 की तैयारी → अभियान का लक्ष्य: स्वच्छता, स्थान प्रबंधन और लंबित मामलों का निपटान → ई-कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेष जोर → प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के दिशानिर्देशों का पालन → पारदर्शिता, दक्षता और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा → बेहतर कार्य वातावरण और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विशेष अभियान 6.0 का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता प्रथाओं को संस्थागत बनाना और लंबित मामलों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करना है।
2. यह अभियान केवल केंद्रीय सचिवालय के कार्यालयों में लागू किया जाएगा, क्षेत्रीय कार्यालयों में नहीं।
3. इस अभियान में ई-कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीनों
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता प्रथाओं को संस्थागत बनाना और लंबित मामलों का निपटान करना है। कथन 2 गलत है क्योंकि यह अभियान सचिवालय और क्षेत्रीय कार्यालयों दोनों में लागू किया जाएगा। कथन 3 सही है क्योंकि इस वर्ष के अभियान में ई-कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है। अतः, केवल दो कथन सही हैं।
Q2. विशेष अभियान 6.0 किस मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS) द्वारा प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चलाया जा रहा है?
- गृह मंत्रालय
- जल शक्ति मंत्रालय
- पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- ग्रामीण विकास मंत्रालय
उत्तर: जल शक्ति मंत्रालय — विशेष अभियान 6.0 जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS) द्वारा प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चलाया जा रहा है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ विशेष अभियान 6.0 के उद्देश्यों और प्रमुख विशेषताओं पर चर्चा कीजिए। यह अभियान भारत में प्रशासनिक सुधारों और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने में किस प्रकार सहायक हो सकता है? (15 Marks)
रूपरेखा: परिचय: विशेष अभियान 6.0 और इसे चलाने वाले विभाग (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय) तथा मार्गदर्शक विभाग (प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग) का संक्षिप्त उल्लेख।
मुख्य भाग:
1. अभियान के उद्देश्य: स्वच्छता प्रथाओं का संस्थागतकरण, स्थान प्रबंधन में सुधार, लंबित मामलों का समयबद्ध निपटान, ई-कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर।
2. प्रमुख विशेषताएँ: 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक सचिवालय और क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यान्वयन, DARPG के SC DPM पोर्टल पर प्रगति की निगरानी।
3. प्रशासनिक सुधारों में सहायता: दक्षता में वृद्धि, पारदर्शिता को बढ़ावा, जवाबदेही में सुधार, कार्य संस्कृति में सकारात्मक बदलाव।
4. नागरिक-केंद्रित शासन में सहायता: जन शिकायतों का त्वरित निपटान, नागरिकों को बेहतर सेवा वितरण, सरकारी प्रक्रियाओं में विश्वास बहाली।
निष्कर्ष: अभियान के दीर्घकालिक महत्व और सुशासन के लक्ष्यों की प्राप्ति में इसकी भूमिका पर प्रकाश।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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