25 Sep यमन की स्थिरता: राज्य पुनर्स्थापना ही समाधान, UN में उपराष्ट्रपति
✎ यमन संकट में राज्य की बहाली तथा बाब अल-मन्देब जलडमरूमध्य की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए महत्वपूर्ण है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — अंतरराष्ट्रीय संबंध | GS Paper III — सुरक्षा
- Prelims: यमन गृहयुद्ध, हूथी विद्रोही, बाब अल-मन्देब जलडमरूमध्य, ईरान का यमन नीति, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव
- Essay: राज्य विघटन और वैश्विक शांति, अंतरराष्ट्रीय संबंधों में क्षेत्रीय शक्ति प्रतिद्वंद्विता
त्वरित पुनरावृत्ति: यमन संकट में राज्य की बहाली तथा बाब अल-मन्देब जलडमरूमध्य की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए महत्वपूर्ण है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के उपाध्यक्ष अब्दुल्लाह अल-अलिमी बावज़ीर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में अपने देश की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यमन की स्थिरता राज्य की बहाली पर निर्भर है। उन्होंने हूथी विद्रोहियों द्वारा लगातार सैन्य बल के प्रयोग तथा अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नौवहन की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। साथ ही, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से राज्य संस्थानों को मजबूत करने तथा हथियारों की आपूर्ति रोकने का आह्वान किया।
पृष्ठभूमि
- हूथी विद्रोही उत्तरी यमन पर नियंत्रण रखते हैं तथा सरकारी बलों तथा अंतरराष्ट्रीय गठबंधन द्वारा समर्थित दक्षिणी यमन में सक्रिय हैं।
- यमन संकट क्षेत्रीय तथा वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है, विशेषकर बाब अल-मन्देब जलडमरूमध्य के कारण, जो वैश्विक व्यापारिक मार्गों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- संयुक्त राष्ट्र द्वारा अनेक प्रस्ताव पारित किए गए हैं, जिनमें युद्धविराम, मानवीय सहायता तथा राजनीतिक समाधान की अपील की गई है, किंतु सफलता सीमित रही है।
- ईरान को हूथियों को सैन्य तथा तकनीकी सहायता प्रदान करने का आरोप लगाया जाता रहा है, जबकि सऊदी अरब तथा संयुक्त अरब अमीरात सरकारी बलों का समर्थन करते हैं।
- यमन में 1.2 करोड़ से अधिक लोग भूख तथा कुपोषण का सामना कर रहे हैं, जबकि लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।
यमन संकट और राज्य की बहाली : प्रमुख तथ्य
- यमन का संकट मुख्यतः राजनीतिक शक्ति संघर्ष तथा क्षेत्रीय हस्तक्षेप का परिणाम है।
- बाब अल-मन्देब जलडमरूमध्य (Bab el-Mandeb Strait) लाल सागर तथा अदन की खाड़ी को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण नौवहन मार्ग है, जहाँ से वैश्विक व्यापार का लगभग 12% हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग में व्यवधान वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है।
- हूथी विद्रोही अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में जहाजों पर हमले कर वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है।
- राज्य की बहाली का अर्थ है सरकारी संस्थानों की मजबूती, कानून का शासन तथा नागरिक प्रशासन की पुनर्स्थापना। यह केवल सैन्य बल द्वारा नहीं, बल्कि राजनीतिक समाधान तथा आर्थिक विकास पर निर्भर है।
- अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, राज्य की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। बाहरी हस्तक्षेप के बिना राजनीतिक समाधान ही दीर्घकालिक स्थिरता का आधार हो सकता है।
- यमन में मानवीय संकट भी गंभीर है, जहाँ लाखों लोग भूख, बीमारी तथा युद्ध के कारण विस्थापित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के बावजूद स्थिति में सुधार सीमित रहा है।
- राज्य की बहाली के लिए आवश्यक है कि सभी पक्ष राजनीतिक वार्ता में शामिल हों तथा बाहरी शक्तियों द्वारा हथियारों की आपूर्ति रोकी जाए।
- यमन का भविष्य उसके नागरिकों के हाथों में है। राज्य की बहाली का अर्थ किसी एक गुट का प्रभुत्व नहीं, बल्कि सभी यमनी नागरिकों के लिए न्यायपूर्ण तथा समावेशी शासन की स्थापना है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| राज्य की बहाली | यमन में स्थिरता और सुरक्षा के लिए आधारशिला। यह संघर्ष को समाप्त करने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए आवश्यक है। |
| समुद्री सुरक्षा | लाल सागर, बाब अल-मंडेब और अदन की खाड़ी जैसे महत्वपूर्ण जलमार्गों की सुरक्षा वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। |
| हूती विद्रोहियों का खतरा | यह एक गैर-राज्य सशस्त्र मिलिशिया है जो यमन और पड़ोसी देशों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों के लिए खतरा पैदा कर रहा है। |
| अंतर्राष्ट्रीय सहयोग | यमन में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय निकायों का समर्थन महत्वपूर्ण है। |
| मानवीय संकट | यमन में 12 वर्षों के संघर्ष ने एक पूरी पीढ़ी को युद्ध, भूख और भय के बीच जीने को मजबूर किया है, जिससे बड़े पैमाने पर मानवीय संकट उत्पन्न हुआ है। |
महत्व
भू-राजनीतिक महत्व
- यमन की स्थिरता मध्य पूर्व क्षेत्र की व्यापक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, विशेषकर सऊदी अरब और ईरान के बीच क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता के संदर्भ में।
- लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा व्यापार के लिए महत्वपूर्ण मार्ग हैं। यमन में अस्थिरता इन मार्गों की सुरक्षा को सीधे प्रभावित करती है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है।
मानवीय आयाम
- लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष ने यमन में एक गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिया है, जिसमें लाखों लोग विस्थापन, भुखमरी और बुनियादी सेवाओं की कमी का सामना कर रहे हैं।
- संघर्ष ने एक पूरी पीढ़ी के बच्चों के बचपन को छीन लिया है, जिससे उनके भविष्य और देश के दीर्घकालिक विकास पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
अंतर्राष्ट्रीय कानून और शासन
- यह मामला अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को लागू करने और गैर-राज्य सशस्त्र समूहों को हथियारों के प्रवाह को रोकने की चुनौती प्रस्तुत करता है।
- यह दर्शाता है कि कैसे एक देश के भीतर राज्य संस्थानों का पतन क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए व्यापक निहितार्थ हो सकता है।
चुनौतियाँ
1. राज्य संस्थानों की बहाली
- संघर्ष के कारण यमन के राज्य संस्थान कमजोर हो गए हैं या नष्ट हो गए हैं, जिससे प्रभावी शासन और कानून-व्यवस्था बहाल करना एक बड़ी चुनौती है।
- विभिन्न गुटों के बीच शक्ति साझाकरण और एक समावेशी सरकार का गठन जटिल राजनीतिक प्रक्रिया है।
यूपीएससी लिंक: शासन, अंतर्राष्ट्रीय संबंध
2. हूती विद्रोहियों का प्रभाव
- हूती विद्रोहियों का सैन्य और राजनीतिक प्रभाव यमन के बड़े हिस्से में फैला हुआ है, जिससे उन्हें निरस्त्र करना और उन्हें राजनीतिक प्रक्रिया में एकीकृत करना मुश्किल हो रहा है।
- कुछ देशों द्वारा हूतियों को आतंकवादी समूह के रूप में नामित करने में झिझक उनके प्रभाव को और बढ़ा सकती है।
यूपीएससी लिंक: आंतरिक सुरक्षा, अंतर्राष्ट्रीय संबंध
3. बाहरी हस्तक्षेप
- ईरान जैसे बाहरी अभिनेताओं से हूतियों को कथित सैन्य समर्थन संघर्ष को लंबा खींच रहा है और शांति प्रयासों को जटिल बना रहा है।
- क्षेत्रीय शक्तियों के बीच भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता यमन को एक प्रॉक्सी युद्ध का मैदान बना रही है।
यूपीएससी लिंक: अंतर्राष्ट्रीय संबंध
4. मानवीय संकट और पुनर्निर्माण
- संघर्ष ने बड़े पैमाने पर मानवीय संकट पैदा किया है, जिसके लिए तत्काल सहायता और दीर्घकालिक पुनर्निर्माण प्रयासों की आवश्यकता है।
- बुनियादी ढांचे का विनाश और आर्थिक पतन पुनर्निर्माण के प्रयासों को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना रहा है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय, आपदा प्रबंधन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| राज्य का पतन | प्रभावी शासन की कमी, कानून-व्यवस्था का अभाव और विभिन्न गुटों के बीच शक्ति संघर्ष। |
| हूती विद्रोहियों की intransigence | शांति पहलों को अस्वीकार करना, मानवीय युद्धविराम का दुरुपयोग और सैन्य क्षमताओं को मजबूत करना। |
| समुद्री सुरक्षा | लाल सागर और बाब अल-मंडेब में शिपिंग पर हमले, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए खतरा। |
| ईरानी समर्थन | हूतियों को हथियारों, विशेषज्ञता और प्रौद्योगिकी का प्रवाह, संघर्ष को बढ़ावा देना। |
| अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की झिझक | हूतियों को आतंकवादी समूह के रूप में नामित करने में देरी, जिससे उनके प्रभाव का विस्तार हुआ। |
| मानवीय संकट | बड़े पैमाने पर भुखमरी, विस्थापन और एक पूरी पीढ़ी का युद्ध के माहौल में बड़ा होना। |
आगे की राह
- यमन में एक समावेशी राजनीतिक प्रक्रिया को बढ़ावा देना जिसमें सभी प्रमुख हितधारक शामिल हों, ताकि एक स्थायी शांति समझौता हो सके।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का पूर्ण कार्यान्वयन सुनिश्चित करना, जिसमें हथियारों के प्रवाह को रोकना और सभी पक्षों द्वारा युद्धविराम का सम्मान शामिल है।
- हूती विद्रोहियों को आतंकवादी समूह के रूप में नामित करने पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के बीच आम सहमति बनाना, यदि उनके कार्य अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद के मानदंडों को पूरा करते हैं।
- यमन के राज्य संस्थानों, विशेष रूप से सुरक्षा और आर्थिक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समर्थन प्रदान करना।
- लाल सागर, बाब अल-मंडेब और अदन की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना।
- यमन में मानवीय सहायता प्रयासों को बढ़ाना और दीर्घकालिक पुनर्निर्माण और विकास परियोजनाओं के लिए निवेश को प्रोत्साहित करना।
- संघर्ष के मूल कारणों, जैसे गरीबी, असमानता और राजनीतिक हाशिए पर, ध्यान केंद्रित करना ताकि भविष्य में संघर्षों को रोका जा सके।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
यमन संकट · राज्य बहाली · समुद्री सुरक्षा · बाब अल-मंडेब · लाल सागर · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · आतंकवाद · हूती विद्रोही · संयुक्त राष्ट्र · क्षेत्रीय स्थिरता
अवधारणा प्रवाह
यमन में राज्य संस्थानों का पतन → हूती विद्रोहियों का उदय और सैन्य विस्तार → अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों पर खतरा और क्षेत्रीय अस्थिरता → गंभीर मानवीय संकट और नागरिक पीड़ा → अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा → राज्य की बहाली और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है।
2. यह जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
3. यमन की भौगोलिक स्थिति बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास नहीं है।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 और 2 सही हैं। बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और यह वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। कथन 3 गलत है क्योंकि यमन की भौगोलिक स्थिति बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के निकट है, जो इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।
Q2. यमन में हूती विद्रोहियों को किस देश से सैन्य समर्थन मिलने का आरोप लगाया जाता है?
- सऊदी अरब
- ईरान
- संयुक्त अरब अमीरात
- तुर्की
उत्तर: ईरान — यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के उपाध्यक्ष ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि हूती विद्रोहियों को ईरान से सैन्य समर्थन मिल रहा है, जिसमें हथियार, विशेषज्ञता और प्रौद्योगिकी शामिल है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ यमन में राज्य की बहाली क्षेत्रीय और वैश्विक समुद्री सुरक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? इस संदर्भ में, लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य की रणनीतिक महत्ता का विश्लेषण कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: यमन संकट का संक्षिप्त विवरण और उसके क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रभावों का उल्लेख।
2. राज्य की बहाली का महत्व: यमन में एक स्थिर राज्य की बहाली क्यों आवश्यक है, इस पर प्रकाश डालें। इसमें मानवीय संकट को समाप्त करना, गैर-राज्य सशस्त्र मिलिशिया के खतरे को रोकना और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल होगा।
3. लाल सागर और बाब अल-मंडेब की रणनीतिक महत्ता: इन जलमार्गों का वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा के लिए महत्व समझाएं। समुद्री डकैती, आतंकवाद और हूती विद्रोहियों द्वारा उत्पन्न खतरों का उल्लेख करें।
4. यमन की स्थिरता और समुद्री सुरक्षा के बीच संबंध: समझाएं कि कैसे यमन में अस्थिरता सीधे तौर पर इन महत्वपूर्ण जलमार्गों की सुरक्षा को प्रभावित करती है।
5. अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की भूमिका: यमन में शांति और स्थिरता बहाल करने में संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय अभिकर्ताओं की भूमिका पर चर्चा करें।
6. निष्कर्ष: एक स्थिर यमन के लिए राज्य की बहाली के महत्व को दोहराते हुए एक संतुलित निष्कर्ष।
स्रोत: news.un.org
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