20 Jul राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन: ग्राम स्तर पर विरासत का दस्तावेजीकरण
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper I — भारतीय संस्कृति और विरासत | GS Paper II — सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- Prelims: राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन (एनएमसीएम), मेरा गांव मेरी धरोहर (एमजीएमडी), संस्कृति मंत्रालय, ग्राम-स्तरीय सांस्कृतिक मानचित्रण, लोक कला, हस्तशिल्प
- Essay: भारत की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन: चुनौतियाँ और समाधान, डिजिटल युग में पारंपरिक कलाओं का पुनरुत्थान और उनका महत्व
त्वरित पुनरावृत्ति: राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन (एनएमसीएम) संस्कृति मंत्रालय की एक पहल है जो ‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ (एमजीएमडी) के माध्यम से ग्राम-स्तरीय सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करती है, लेकिन इसमें कलाकारों के पंजीकरण या वित्तीय सहायता का प्रावधान नहीं है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
हाल ही में लोकसभा में एक लिखित उत्तर में राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन (National Cultural Mapping Mission – एनएमसीएम) और इसकी ‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ (मेरा गांव मेरी धरोहर – एमजीएमडी) पहल के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि यह मिशन देश भर में ग्राम-स्तरीय सांस्कृतिक मानचित्रण करता है, जिसमें कलाकारों, शिल्पकारों और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतकर्ताओं से संबंधित जानकारी को ग्राम सांस्कृतिक प्रोफाइल के हिस्से के रूप में प्रलेखित किया जाता है। हालांकि, मंत्री ने स्पष्ट किया कि एनएमसीएम में कलाकारों या सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं के पंजीकरण का कोई प्रावधान नहीं है और न ही इसके तहत कोई वित्तीय सहायता, बीमा या सामाजिक सुरक्षा सहायता प्रदान की जाती है।
पृष्ठभूमि
- भारत एक समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत वाला देश है, जहाँ विभिन्न प्रकार की लोक कलाएँ, शिल्प, परंपराएँ और प्रदर्शन कलाएँ मौजूद हैं।
- इन सांस्कृतिक संपदाओं का दस्तावेजीकरण और संरक्षण भारत की पहचान बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा समय-समय पर सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए पहल की जाती रही हैं।
- राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन को देश की सांस्कृतिक संपदा के व्यापक दस्तावेजीकरण के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
- यह मिशन विशेष रूप से ग्राम स्तर पर भारत की सांस्कृतिक विविधता को समझने और उसे संरक्षित करने पर केंद्रित है।
- सांस्कृतिक मानचित्रण के माध्यम से स्थानीय कला रूपों, कलाकारों और सांस्कृतिक स्थलों की पहचान की जाती है।
राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन (एनएमसीएम) क्या है?
- राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन (एनएमसीएम) संस्कृति मंत्रालय की एक पहल है जिसका उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का व्यापक दस्तावेजीकरण करना है।
- यह मिशन ‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ (एमजीएमडी) पहल के माध्यम से देश भर में ग्राम-स्तरीय सांस्कृतिक मानचित्रण करता है।
- एमजीएमडी पहल के तहत, गांवों की लोक परंपराओं, कला, इतिहास और सांस्कृतिक संपदा का एक विस्तृत डेटाबेस तैयार किया जाता है।
- इसमें कलाकारों, शिल्पकारों और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतकर्ताओं से संबंधित सांस्कृतिक जानकारी को ग्राम सांस्कृतिक प्रोफाइल के भाग के रूप में प्रलेखित किया जाता है।
- मिशन का प्राथमिक उद्देश्य ग्रामीण सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करना है, जिसमें गांवों की कला, लोक परंपराएं और सांस्कृतिक संपदा शामिल हैं।
- एनएमसीएम में कलाकारों या सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं के पंजीकरण का कोई प्रावधान नहीं है, और न ही इसके तहत कोई वित्तीय सहायता, बीमा या सामाजिक सुरक्षा सहायता प्रदान की जाती है।
- एमजीएमडी पोर्टल पर डेटा श्रेणी-वार नहीं बल्कि ग्राम-वार रखा जाता है, जिससे प्रत्येक गांव की अद्वितीय सांस्कृतिक पहचान को दर्शाया जा सके।
- वर्तमान में, इस मिशन के सांस्कृतिक मानचित्रण डेटाबेस को पर्यटन, शिक्षा या कौशल विकास पहल के साथ जोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| ग्राम-स्तरीय सांस्कृतिक मानचित्रण | देश भर में गांवों की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, कला और इतिहास का विस्तृत दस्तावेजीकरण। |
| मेरा गांव मेरी धरोहर (MGMD) पहल | राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन (एनएमसीएम) के तहत ग्राम-स्तरीय सांस्कृतिक प्रोफाइल बनाने का मुख्य माध्यम। |
| कलाकारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतकर्ताओं का दस्तावेजीकरण | ग्राम प्रोफाइल के हिस्से के रूप में कलाकारों, शिल्पकारों और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतकर्ताओं से संबंधित जानकारी का संग्रह। |
| ग्राम-वार डेटा संग्रह | कलाकारों या सांस्कृतिक समूहों का डेटा श्रेणी-वार या राज्य-वार के बजाय ग्राम-वार संकलित किया जाता है। |
| पंजीकरण और वित्तीय सहायता का अभाव | मिशन में कलाकारों के पंजीकरण, वित्तीय सहायता, बीमा या सामाजिक सुरक्षा का कोई प्रावधान नहीं है। |
| पर्यटन, शिक्षा या कौशल विकास से जुड़ाव का अभाव | वर्तमान में सांस्कृतिक मानचित्रण डेटाबेस को अन्य विकास पहलों से जोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है। |
महत्व
सांस्कृतिक संरक्षण एवं संवर्धन
- यह मिशन भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत को ग्राम स्तर पर दस्तावेजित करके उसके संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- स्थानीय कला रूपों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक प्रथाओं की पहचान कर उन्हें लुप्त होने से बचाने में मदद करता है।
राष्ट्रीय पहचान का सुदृढीकरण
- ग्राम-स्तरीय सांस्कृतिक प्रोफाइल के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विविधता को एक व्यापक डेटाबेस में संकलित किया जाता है, जो राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करता है।
- यह भावी पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक ज्ञान के स्रोत के रूप में कार्य करता है।
नीति निर्माण हेतु आधार
- संकलित डेटा सांस्कृतिक क्षेत्र में नीति निर्माण और कार्यक्रमों के नियोजन के लिए एक मूल्यवान संसाधन प्रदान कर सकता है।
- यह सांस्कृतिक संसाधनों की पहचान करने और उनके विकास के लिए लक्षित हस्तक्षेपों की योजना बनाने में सहायक हो सकता है।
चुनौतियाँ
1. कलाकारों का पंजीकरण एवं सहायता का अभाव
- मिशन में कलाकारों, शिल्पकारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतकर्ताओं के पंजीकरण का कोई प्रावधान नहीं है।
- वित्तीय सहायता, बीमा या सामाजिक सुरक्षा जैसे लाभों की अनुपलब्धता कलाकारों के सशक्तिकरण में बाधा डालती है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय, कमजोर वर्गों का कल्याण
2. डेटा का सीमित उपयोग
- वर्तमान में सांस्कृतिक मानचित्रण डेटाबेस को पर्यटन, शिक्षा या कौशल विकास जैसी अन्य पहलों से जोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है।
- इससे संकलित डेटा की उपयोगिता और प्रभावशीलता सीमित हो जाती है।
यूपीएससी लिंक: शासन, विकास प्रक्रियाएं
3. डेटा प्रबंधन और पहुंच
- ग्राम-वार डेटा संग्रह एक चुनौती हो सकता है, विशेषकर जब इसे बड़े पैमाने पर प्रबंधित और सुलभ बनाना हो।
- श्रेणी-वार या राज्य-वार डेटा की अनुपस्थिति सांस्कृतिक क्षेत्र के व्यापक विश्लेषण को कठिन बना सकती है।
यूपीएससी लिंक: ई-गवर्नेंस, डेटा प्रबंधन
4. संसाधनों का अभाव
- मिशन के तहत सांस्कृतिक समूहों पर अलग से डेटा नहीं रखा जाता है, जिससे इन समूहों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करना मुश्किल हो सकता है।
- कलाकारों और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं के लिए सहायता तंत्र की कमी उन्हें अपनी कला को जारी रखने में हतोत्साहित कर सकती है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन विकास, कला एवं संस्कृति
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| कलाकारों का पंजीकरण नहीं | कलाकारों की पहचान, मान्यता और उनके लिए लक्षित सहायता कार्यक्रमों का अभाव। |
| वित्तीय/सामाजिक सुरक्षा का अभाव | सांस्कृतिक क्षेत्र में लगे व्यक्तियों के लिए आजीविका सुरक्षा और प्रोत्साहन की कमी। |
| डेटा का अन्य क्षेत्रों से अलगाव | सांस्कृतिक डेटा का पर्यटन, शिक्षा या कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में उपयोग न हो पाना, जिससे समग्र विकास में बाधा। |
| ग्राम-वार डेटा की सीमाएं | व्यापक विश्लेषण, नीति निर्माण और राज्य/राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक प्रवृत्तियों की पहचान में कठिनाई। |
| सांस्कृतिक समूहों पर अलग डेटा नहीं | विशिष्ट सांस्कृतिक समूहों की पहचान, उनकी जरूरतों और संरक्षण के प्रयासों में कमी। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन (National Cultural Mapping Mission)
- मेरा गांव मेरी धरोहर (Mera Gaon Meri Dharohar)
आगे की राह
- कलाकारों, शिल्पकारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतकर्ताओं के लिए एक राष्ट्रीय पंजीकरण प्रणाली स्थापित की जाए।
- पंजीकृत कलाकारों को वित्तीय सहायता, बीमा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए योजनाएं शुरू की जाएं।
- सांस्कृतिक मानचित्रण डेटाबेस को पर्यटन, शिक्षा और कौशल विकास मंत्रालयों के साथ एकीकृत किया जाए।
- ग्राम-वार डेटा के साथ-साथ श्रेणी-वार और राज्य-वार डेटा संग्रह तंत्र विकसित किया जाए।
- सांस्कृतिक समूहों और संस्थानों के लिए विशिष्ट डेटाबेस और सहायता कार्यक्रम बनाए जाएं।
- स्थानीय समुदायों और पंचायती राज संस्थाओं को सांस्कृतिक मानचित्रण प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल किया जाए।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके सांस्कृतिक डेटा को अधिक सुलभ और इंटरैक्टिव बनाया जाए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन · मेरा गांव मेरी धरोहर · सांस्कृतिक विरासत संरक्षण · ग्राम-स्तरीय सांस्कृतिक मानचित्रण · कलाकार दस्तावेजीकरण · लोक कलाएँ · सांस्कृतिक संसाधन · अमूर्त सांस्कृतिक विरासत · संस्कृति मंत्रालय · पर्यटन संवर्धन
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 51A(f)’, ‘note’: ‘हमारी समग्र संस्कृति की समृद्ध विरासत का सम्मान’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 49’, ‘note’: ‘राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों, स्थानों और वस्तुओं का संरक्षण’}
अवधारणा प्रवाह
राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन (एनएमसीएम) का शुभारंभ → मेरा गांव मेरी धरोहर (एमजीएमडी) पहल द्वारा ग्राम-स्तरीय सांस्कृतिक मानचित्रण → ग्राम प्रोफाइल में कलाकारों, शिल्पकारों और सांस्कृतिक जानकारी का दस्तावेजीकरण → ग्राम-वार डेटा का संग्रह, लेकिन पंजीकरण या वित्तीय सहायता का अभाव → पर्यटन, शिक्षा, कौशल विकास से जुड़ाव की कमी → सांस्कृतिक संरक्षण में योगदान, लेकिन कलाकारों के सशक्तिकरण में चुनौतियां
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन (National Cultural Mapping Mission – NMCM) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. यह मिशन देश भर में ग्राम-स्तरीय सांस्कृतिक मानचित्रण करता है।
2. यह कलाकारों, शिल्पकारों और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतकर्ताओं के पंजीकरण का प्रावधान करता है।
3. इसके अंतर्गत पंजीकृत कलाकारों को वित्तीय सहायता, बीमा या सामाजिक सुरक्षा सहायता प्रदान की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: केवल 1 — कथन 1 सही है क्योंकि राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन ‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ (MGMD) पहल के माध्यम से ग्राम-स्तरीय सांस्कृतिक मानचित्रण करता है। कथन 2 गलत है क्योंकि NMCM में कलाकारों या सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं के पंजीकरण का प्रावधान नहीं है। कथन 3 भी गलत है क्योंकि NMCM के तहत कोई वित्तीय सहायता, बीमा या सामाजिक सुरक्षा सहायता प्रदान नहीं की जाती है।
Q2. ‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ (MGMD) पोर्टल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. यह पोर्टल श्रेणी-वार कलाकारों का डेटा रखता है।
2. इसका प्राथमिक उद्देश्य ग्राम्य सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करना है।
3. यह सांस्कृतिक मानचित्रण डेटाबेस को पर्यटन, शिक्षा या कौशल विकास पहल के साथ जोड़ने का प्रावधान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 2
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: केवल 2 — कथन 1 गलत है क्योंकि MGMD पोर्टल पर श्रेणी-वार नहीं बल्कि ग्राम-वार डेटा रखा जाता है। कथन 2 सही है क्योंकि MGMD का प्राथमिक उद्देश्य ग्राम्य सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करना है। कथन 3 गलत है क्योंकि अभी इस मिशन के सांस्कृतिक मानचित्रण डेटाबेस को पर्यटन, शिक्षा या कौशल विकास पहल के साथ जोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन (NMCM) और इसकी ‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ (MGMD) पहल भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) के संरक्षण और संवर्धन में किस प्रकार सहायक है? इस मिशन की सीमाओं और संभावित सुधारों पर भी चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में NMCM और MGMD की भूमिका को स्पष्ट करें, विशेष रूप से ग्राम-स्तरीय दस्तावेजीकरण और लोक कलाओं के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करें। दूसरे भाग में, मिशन की वर्तमान सीमाओं जैसे कलाकारों के पंजीकरण, वित्तीय सहायता और अन्य क्षेत्रों के साथ जुड़ाव की कमी को उजागर करें। अंत में, इन सीमाओं को दूर करने और मिशन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कुछ संभावित सुधारों का सुझाव दें, जैसे कि कलाकारों को सीधे लाभ पहुंचाना और पर्यटन व शिक्षा जैसे क्षेत्रों के साथ समन्वय स्थापित करना।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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