27 Jul लोकसभा में पेपर लीक विरोधी विधेयक: 10 साल तक की सजा का प्रस्ताव
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity
**केन्द्र द्वारा लोकसभा में कड़े दंड वाले ‘प्रतियोगिता-परीक्षा कदाचार निरोधक विधेयक’ का प्रस्ताव**
केन्द्र सरकार ने लोकसभा में ‘प्रतियोगिता-परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, २०२४’ पेश किया है, जिसमें न केवल परीक्षा में नकल अथवा प्रश्न-पत्र लीक करने वालों को कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, बल्कि ऐसे अपराधों में शामिल संस्थाओं, संगठनों अथवा व्यक्तियों के विरुद्ध भी कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त किया गया है। विधेयक के अनुसार, परीक्षा सामग्री के लीक होने अथवा अनुचित साधनों के प्रयोग से दोषी पाये जाने वालों को अधिकतम दस वर्ष तक की कैद अथवा एक करोड़ रुपये तक के आर्थिक दंड अथवा दोनों का सामना करना पड़ सकता है। यह विधेयक उन व्यापक चिंताओं के मद्देनजर लाया गया है, जिनमें हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं—जैसे यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा, नीट, जेईई तथा राज्य लोक सेवा आयोगों की परीक्षाओं—में प्रश्न-पत्र लीक होने अथवा नकल के मामले तेजी से बढ़े हैं, जिससे न केवल परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है, अपितु लाखों युवाओं के भविष्य पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
विधेयक की सबसे प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें न केवल प्रत्यक्ष रूप से लीक अथवा नकल करने वालों को लक्षित किया गया है, अपितु ऐसे अपराधों में सहयोग करने वाले मध्यस्थों, संगठनों अथवा तकनीकी माध्यमों का भी व्यापक दायरा तय किया गया है। इसमें परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं अथवा अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरतने अथवा मिलीभगत करने पर भी कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें दोषियों को अधिकतम पांच वर्ष तक की कैद अथवा पचास लाख रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। विधेयक में ‘अनुचित साधनों’ की परिभाषा को भी व्यापक बनाया गया है, जिसमें न केवल पारंपरिक तरीके अपितु डिजिटल माध्यमों—जैसे हैकिंग, सोशल मीडिया अथवा गुप्त संचार के जरिये प्रश्न-पत्रों के प्रसार अथ
स्रोत: Business Standard
अभ्यास प्रश्न
Q1. हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- परीक्षा परिणामों में सुधार करना
- परीक्षा में पेपर लीक रोकने के लिए कठोर दंड सुनिश्चित करना
- परीक्षा प्रक्रिया को सरल बनाना
- निजी संस्थानों को शामिल करना
उत्तर
परीक्षा में पेपर लीक रोकने के लिए कठोर दंड सुनिश्चित करना — एंटी-पेपर लीक बिल का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कठोर दंड सुनिश्चित करना है। इसमें जेल की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
Q2. ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ के तहत प्रस्तावित कठोर दंड में शामिल हैं:
- केवल जुर्माना
- केवल 3 साल तक की जेल
- 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना
- केवल सामाजिक सेवा
उत्तर
3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना — इस बिल में पेपर लीक करने वालों के लिए 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना प्रस्तावित है।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
- Kerala CM Urges Protection of Vembanad Lake’s Ecology for UPSC - October 31, 2026
- कर्नाटक में दूध की कीमतों में 8 रुपये की बढ़ोतरी: बजट और पोषण पर असर - October 31, 2026
- AI Revolution in U.S. Military Industrial Complex: UPSC & PCS Insights - October 31, 2026

No Comments