15 Sep श्रेयस योजना: अनुसूचित जाति एवं ओबीसी विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त
✎ श्रेयस योजना अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए निःशुल्क कोचिंग, प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा, विदेश में अध्ययन और शोध फेलोशिप जैसी व्यापक वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — सामाजिक न्याय, कल्याणकारी योजनाएँ, कमजोर वर्गों का उत्थान | GS Paper III — मानव संसाधन विकास
- Prelims: श्रेयस योजना, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, निःशुल्क कोचिंग, राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति योजना
- Essay: भारत में समावेशी शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण, वंचित वर्गों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित करने में सरकारी योजनाओं की भूमिका
त्वरित पुनरावृत्ति: श्रेयस योजना अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए निःशुल्क कोचिंग, प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा, विदेश में अध्ययन और शोध फेलोशिप जैसी व्यापक वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने हाल ही में बताया कि केंद्र सरकार की श्रेयस (SHREYAS) योजना ने अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों को मजबूत किया है। उन्होंने वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक इस योजना के तहत हुए व्यय और लाभार्थियों की संख्या का विवरण प्रस्तुत किया, जिसमें बताया गया कि कुल 3,509.39 करोड़ रुपये खर्च किए गए और 1.18 लाख से अधिक विद्यार्थी लाभांवित हुए हैं।
पृष्ठभूमि
- भारत में सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों के लिए शिक्षा तक पहुँच हमेशा एक चुनौती रही है, विशेषकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में।
- सरकार ने इन वर्गों के शैक्षिक सशक्तिकरण और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति और सहायता योजनाएँ शुरू की हैं।
- संविधान के अनुच्छेद 46 में राज्य को अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों तथा अन्य दुर्बल वर्गों के शिक्षा और अर्थ संबंधी हितों की विशेष सावधानी से अभिवृद्धि करने का निर्देश दिया गया है।
- उच्च शिक्षा तक पहुँच में वित्तीय बाधाएँ एक प्रमुख कारक रही हैं, जिसे दूर करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली योजनाओं की आवश्यकता महसूस की गई।
- प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन की कमी भी इन वर्गों के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी बाधा थी।
- वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसर भी सामाजिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए सीमित थे, जिसे राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति योजना (NOS) जैसी पहलों के माध्यम से संबोधित किया जा रहा है।
श्रेयस योजना क्या है?
- श्रेयस योजना (SHREYAS) का पूर्ण रूप ‘युवा प्रतिभाओं के लिए उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति योजना’ है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों का शैक्षिक सशक्तिकरण करना है।
- यह योजना सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (Ministry of Social Justice and Empowerment) के तहत संचालित होती है।
- इसके चार प्रमुख घटक हैं: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग, प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता, विदेश में उच्च शिक्षा के लिए सहायता और उन्नत शोध के लिए फेलोशिप।
- निःशुल्क कोचिंग घटक आर्थिक रूप से वंचित SC और OBC विद्यार्थियों को प्रतियोगी और व्यावसायिक परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग प्रदान करता है।
- उत्कृष्ट शिक्षा घटक देश भर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययन कर रहे मेधावी SC विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
- राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति योजना (NOS) पात्र SC विद्यार्थियों को विदेश में प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम बनाती है।
- यह योजना वित्तीय बाधाओं को कम करने और शैक्षणिक तथा व्यावसायिक अवसरों तक पहुँच में सुधार लाने के लिए लक्षित उपाय प्रदान करती है।
- वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक, योजना के तहत कुल 3,509.39 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है, जिससे 1.18 लाख से अधिक SC और OBC विद्यार्थी लाभांवित हुए हैं।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| निःशुल्क कोचिंग | प्रतियोगी और व्यावसायिक परीक्षाओं के लिए आर्थिक रूप से वंचित SC/OBC विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग |
| उत्कृष्ट शिक्षा | देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में SC विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता |
| राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति योजना (NOS) | SC विद्यार्थियों को विदेश में प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम बनाना |
| उन्नत शोध के लिए फैलोशिप | शोध के क्षेत्र में SC/OBC विद्यार्थियों को प्रोत्साहन और वित्तीय सहायता |
| व्यापक वित्तीय परिव्यय | 2014-15 से 2025-26 तक 3,509.39 करोड़ रुपये का कुल व्यय |
| लाभार्थियों की संख्या | इसी अवधि में 1.18 लाख से अधिक SC/OBC विद्यार्थियों को लाभ |
महत्व
सामाजिक सशक्तिकरण
- यह योजना अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करके सामाजिक समानता और समावेशिता को बढ़ावा देती है।
- वित्तीय बाधाओं को दूर कर इन वर्गों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँचने में मदद मिलती है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होता है।
मानव संसाधन विकास
- उच्च शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से, यह योजना देश के मानव संसाधन को मजबूत करती है, जिससे राष्ट्रीय विकास में योगदान मिलता है।
- प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के लिए सहायता से योग्य पेशेवरों का एक पूल तैयार होता है।
आर्थिक गतिशीलता
- शिक्षा और बेहतर रोजगार के अवसरों तक पहुँच से इन समुदायों के भीतर आर्थिक गतिशीलता बढ़ती है, जिससे गरीबी और असमानता कम होती है।
- विदेश में अध्ययन और शोध फेलोशिप जैसे घटक वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करते हैं।
शैक्षिक उत्कृष्टता
- यह योजना मेधावी विद्यार्थियों को उनकी आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना अपनी पूरी क्षमता का एहसास करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
- प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन और उन्नत शोध के अवसर प्रदान करके शैक्षिक उत्कृष्टता को बढ़ावा दिया जाता है।
चुनौतियाँ
1. योजना का प्रभावी कार्यान्वयन
- योजना के लाभों को लक्षित लाभार्थियों तक कुशलतापूर्वक और पारदर्शी तरीके से पहुँचाना सुनिश्चित करना।
- फंड के उपयोग की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
यूपीएससी लिंक: शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही
2. जागरूकता और पहुँच
- दूरदराज के क्षेत्रों और वंचित समुदायों के बीच योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाना।
- आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना ताकि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थी लाभ उठा सकें।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय, कल्याणकारी योजनाएँ
3. गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और संस्थानों की उपलब्धता
- यह सुनिश्चित करना कि निःशुल्क कोचिंग घटक के तहत प्रदान की जाने वाली कोचिंग उच्च गुणवत्ता वाली हो।
- देश भर में प्रतिष्ठित संस्थानों की उपलब्धता और उनमें प्रवेश की चुनौतियों का समाधान करना।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन, शिक्षा
4. बढ़ती प्रतिस्पर्धा
- उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच लाभार्थियों को तैयार करना।
- योजना के तहत प्रदान की जाने वाली सहायता को बाजार की मांगों के अनुरूप अद्यतन करना।
यूपीएससी लिंक: विकास प्रक्रियाएँ, कौशल विकास
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| वित्तीय आवंटन का उपयोग | आवंटित निधियों का पूर्ण और समय पर उपयोग सुनिश्चित करना। |
| लाभार्थियों की पहचान | वास्तविक रूप से पात्र और जरूरतमंद विद्यार्थियों की सटीक पहचान करना। |
| योजना की निगरानी और मूल्यांकन | योजना के प्रभाव का नियमित मूल्यांकन और आवश्यक सुधार करना। |
| प्रशासनिक बाधाएँ | आवेदन और disbursement प्रक्रिया में लालफीताशाही और देरी को कम करना। |
| कोचिंग गुणवत्ता का मानकीकरण | निःशुल्क कोचिंग के तहत प्रदान की जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता में एकरूपता सुनिश्चित करना। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- युवा प्रतिभाओं के लिए उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति योजना (SHREYAS)
- राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति योजना (NOS)
आगे की राह
- योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार अभियान चलाना, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में।
- आवेदन प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाना ताकि विद्यार्थियों के लिए आवेदन करना आसान हो।
- निःशुल्क कोचिंग घटक के तहत कोचिंग संस्थानों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी और मूल्यांकन करना।
- योजना के तहत प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता की समीक्षा करना ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह बढ़ती शिक्षा लागतों के अनुरूप है।
- लाभार्थियों के लिए करियर परामर्श और प्लेसमेंट सहायता को मजबूत करना ताकि वे अपनी शिक्षा का अधिकतम लाभ उठा सकें।
- योजना के विभिन्न घटकों के बीच समन्वय बढ़ाना ताकि विद्यार्थियों को एक एकीकृत सहायता प्रणाली मिल सके।
- योजना के प्रभाव का नियमित, स्वतंत्र मूल्यांकन करना और परिणामों के आधार पर नीतिगत समायोजन करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
श्रेयस योजना · अनुसूचित जाति · अन्य पिछड़ा वर्ग · उच्च शिक्षा · शैक्षिक सशक्तिकरण · वित्तीय सहायता · निःशुल्क कोचिंग · राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति · सामाजिक न्याय · समावेशी विकास
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 15(4)’, ‘note’: ‘सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए विशेष प्रावधान’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 15(5)’, ‘note’: ‘शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश हेतु विशेष प्रावधान’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 46’, ‘note’: ‘SC, ST और अन्य कमजोर वर्गों के शैक्षिक हितों को बढ़ावा’}
अवधारणा प्रवाह
आर्थिक रूप से वंचित SC/OBC विद्यार्थी → SHREYAS योजना के तहत वित्तीय सहायता → निःशुल्क कोचिंग/उत्कृष्ट शिक्षा/विदेशी छात्रवृत्ति → उच्च शिक्षा तक पहुँच और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा → बेहतर शैक्षणिक और व्यावसायिक अवसर → सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और राष्ट्रीय विकास
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. श्रेयस (SHREYAS) योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. यह योजना केवल अनुसूचित जाति (SC) के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों को मजबूत करने हेतु है।
2. इसके घटकों में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग और विदेश में उच्च शिक्षा के लिए सहायता शामिल है।
3. यह योजना सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 गलत है क्योंकि श्रेयस योजना अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) दोनों के विद्यार्थियों के लिए है। कथन 2 सही है क्योंकि योजना में निःशुल्क कोचिंग और राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति जैसे घटक शामिल हैं। कथन 3 सही है क्योंकि यह योजना सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जाती है। अतः, केवल दो कथन सही हैं।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से श्रेयस योजना का/के घटक है/हैं?
1. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग
2. प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता
3. विदेश में उच्च शिक्षा के लिए सहायता
4. उन्नत शोध के लिए फैलोशिप
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- केवल 1 और 2
- केवल 2, 3 और 4
- केवल 1, 3 और 4
- 1, 2, 3 और 4
उत्तर: 1, 2, 3 और 4 — श्रेयस योजना के चार प्रमुख घटक हैं: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग, प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता (उत्कृष्ट शिक्षा घटक), विदेश में उच्च शिक्षा के लिए सहायता (राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति) और उन्नत शोध के लिए फैलोशिप। दिए गए सभी विकल्प योजना के घटक हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षिक सशक्तिकरण हेतु ‘श्रेयस योजना’ की प्रमुख विशेषताओं और उसके प्रभाव का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: उत्तर में श्रेयस योजना (SHREYAS) का परिचय, उसके चार प्रमुख घटकों (निःशुल्क कोचिंग, उत्कृष्ट शिक्षा, राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति, शोध फैलोशिप) का विस्तृत वर्णन शामिल होना चाहिए। योजना के वित्तीय परिव्यय और लाभार्थियों की संख्या जैसे आंकड़ों का उल्लेख करें। इसके सकारात्मक प्रभावों जैसे उच्च शिक्षा तक पहुंच में वृद्धि, वित्तीय बाधाओं को कम करना और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना पर प्रकाश डालें। आलोचनात्मक परीक्षण में योजना की पहुँच, कार्यान्वयन में संभावित चुनौतियाँ, लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया और शिक्षा की गुणवत्ता पर इसके दीर्घकालिक प्रभावों का मूल्यांकन शामिल होना चाहिए। निष्कर्ष में योजना की प्रासंगिकता और भविष्य की संभावनाओं पर संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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