स्वच्छता ही सेवा 2026: भारी उद्योग मंत्रालय ने चलाया राष्ट्रव्यापी अभियान

स्वच्छता ही सेवा 2026: भारी उद्योग मंत्रालय ने चलाया राष्ट्रव्यापी अभियान

स्वच्छता ही सेवा 2026: भारी उद्योग मंत्रालय ने चलाया राष्ट्रव्यापी अभियान

स्वच्छता अभियान प्रक्रियाअभियान शुरू17 सितंबर 2026स्वच्छता लक्ष्य81 सीटीयू चिन्हितस्थल सफाई85 सार्वजनिक स्थलप्रचार प्रसार286 ट्वीटअभियान समाप्त17 अक्टूबर 2026
स्वच्छता अभियान प्रक्रिया

प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity & Governance

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भारी उद्योग मंत्रालय और इसके अंतर्गत आने वाले केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (सीपीएसई) तथा स्वायत्त निकायों (एबी) ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2026 और विशेष अभियान 6 का सफल आयोजन किया है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर, 2026 तक चले एसएचएस-2026 अभियान का मुख्य उद्देश्य ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ थीम के माध्यम से जनभागीदारी को बढ़ावा देना था। इस अभियान के अंतर्गत मंत्रालय ने 81 स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों (सीटीयू) का कायाकल्प किया तथा 85 सार्वजनिक स्थलों की सफाई सुनिश्चित की। इसके अतिरिक्त, जागरूकता फैलाने के लिए एक्स (पूर्व ट्विटर) पर 286 ट्वीट्स के माध्यम से व्यापक प्रचार किया गया, जिससे जनमानस में स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संचार हुआ। यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें पर्यावरणीय स्थिरता और सामूहिक उत्तरदायित्व को भी प्रमुखता दी गई।

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विशेष अभियान 6 (एससीडीपीएम 6) के तहत, 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक लंबित मामलों के निपटान पर विशेष ध्यान दिया गया। इस अभियान के दौरान 27 अक्टूबर, 2026 तक कुल 1,424 स्वच्छता अभियान आयोजित किए गए, जिनमें कार्यालय परिसरों और औद्योगिक इकाइयों को शामिल किया गया। इसके अतिरिक्त, 47,97,239 वर्ग फुट स्थान को रद्दी के निपटान से मुक्त किया गया, जबकि 34,440 भौतिक फाइलों की समीक्षा कर 25,899 फाइलों को नष्ट किया गया। इसी प्रकार, 1,02,144 ई-फाइलों की समीक्षा कर 93,606 ई-फाइलें पूर्ण की गईं तथा 3,839 ई-कचरा वस्तुओं का वर्गीकृत निपटान किया गया। इन प्रयासों से प्रशासनिक दक्षता में सुधार के साथ-साथ पर्यावरणीय स्वच्छता को भी बल मिला।

इस अभियान में विभिन्न सीपीएसई और एबी द्वारा किए गए प्रयास उल्लेखनीय रहे। उदाहरण के लिए, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव को जोड़ा, जबकि सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीसीआईएल) राजबन ने स्कूली बच्चों के बीच स्वच्छता जागरूकता फैलाई। इसी प्रकार, राष्ट्रीय ऑटोमोटिव बोर्ड (एनएबी) ने चित्रकला प्रतियोगिता और सामूहिक चर्चा का आयोजन किया। इन प्रयासों से न केवल स्वच्छता अपितु सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी सुदृढ़ हुई।

एसएचएस-2026 और विशेष अभियान 6 के माध्यम से भारी उद्योग मंत्रालय तथा इसके सीपीएसई और एबी ने ‘स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस अभियान ने न केवल प्रशासनिक सुधार और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा दिया, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से एक स्वच्छ और हरित राष्ट्र के निर्माण की नींव भी रखी। ऐसे प्रयासों से न केवल सरकारी विभागों की जवाबदेही बढ़ती है, बल्कि समाज में स्वच्छता संस्कृति के प्रति जागरूकता भी उत्पन्न होती है, जो राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)

अभ्यास प्रश्न

Q1. स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2026 अभियान किस मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया था?

  1. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
  2. भारी उद्योग मंत्रालय
  3. ग्रामीण विकास मंत्रालय
  4. आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय
उत्तर

भारी उद्योग मंत्रालय — स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2026 अभियान भारी उद्योग मंत्रालय और इसके केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) एवं स्वायत्त निकायों (एबी) द्वारा आयोजित किया गया था।

Q2. एसएचएस 2026 अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. औद्योगिक उत्पादन बढ़ाना
  2. स्वच्छता और स्वच्छता अभियानों को बढ़ावा देना
  3. नए उद्योग स्थापित करना
  4. विदेशी निवेश आकर्षित करना
उत्तर

स्वच्छता और स्वच्छता अभियानों को बढ़ावा देना — एसएचएस 2026 अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता और स्वच्छता अभियानों को बढ़ावा देना है, जो ‘स्वच्छता ही सेवा’ के सिद्धांत पर आधारित है।


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