वित्तीय सेवा विभाग ने विशेष अभियान 6 के तहत 7 लाख वर्ग फुट स्थान खाली किया, 4.12 करोड़ रुपये राजस्व अर्जित

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वित्तीय सेवा विभाग ने विशेष अभियान 6 के तहत 7 लाख वर्ग फुट स्थान खाली किया, 4.12 करोड़ रुपये राजस्व अर्जित

विशेष अभियान 6 के प्रमुख चरणस्वच्छता अभियान1,20,750 स्थलकार्यालय स्थान खाली6,99,201 वर्ग फुटकबाड़ निपटान4.12 करोड़ राजस्वजन शिकायतें निपटाना31,327+3,564 मामले
विशेष अभियान 6 के प्रमुख चरण

✎ विशेष अभियान 6 में स्वच्छता, स्थान-मुक्ति, कबाड़ निपटान से राजस्व और लोक शिकायत निपटारे के साथ ‘अपशिष्ट से कला’ और साइबर जागरूकता जैसे पहलू शामिल थे, जो सार्वजनिक संसाधनों के कुशल प्रबंधन और चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांत को…

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शासन और प्रशासन (सरकारी योजनाएँ, संस्थागत सुधार, लोक शिकायत निवारण, ई-गवर्नेंस)  |  GS Paper III — अर्थव्यवस्था (बैंकिंग क्षेत्र, सार्वजनिक संपत्ति का प्रबंधन, चक्रीय अर्थव्यवस्था)  |  GS Paper III — पर्यावरण और आपदा प्रबंधन (ठोस अपशिष्ट एवं ई-कचरा प्रबंधन)
  • Prelims: स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission), ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 (E-Waste (Management) Rules, 2022), चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy), ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT) और ऋण वसूली अपीलीय न्यायाधिकरण (DRAT), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB), सामान्य वित्तीय नियम (General Financial Rules), 2017, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), CPGRAMS (केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली)
  • Essay: सरकारी कार्यसंस्कृति में स्वच्छता: नियम-पालन से नागरिक-केंद्रित सेवा तक, सार्वजनिक संसाधनों का कुशल प्रबंधन और चक्रीय अर्थव्यवस्था की भूमिका

त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 6 में स्वच्छता, स्थान-मुक्ति, कबाड़ निपटान से राजस्व और लोक शिकायत निपटारे के साथ ‘अपशिष्ट से कला’ और साइबर जागरूकता जैसे पहलू शामिल थे, जो सार्वजनिक संसाधनों के कुशल प्रबंधन और चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांत को व्यवहार में लाते हैं।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services) ने अपने संबद्ध संगठनों, क्षेत्रीय कार्यालयों और स्वायत्त निकायों के साथ मिलकर विशेष अभियान 6 के दौरान स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटान से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी दी है। इसके अनुसार 1,20,750 स्वच्छता स्थलों की सफाई की गई, जो निर्धारित लक्ष्य का 134 प्रतिशत है। लगभग 6,99,201 वर्ग फुट कार्यालयी स्थान खाली कराया गया और कबाड़ के निपटान से 4,12,58,987 रुपये (लगभग 4.12 करोड़ रुपये) का राजस्व अर्जित हुआ। इसके अतिरिक्त 31,327 जन शिकायतों और 3,564 जन शिकायत अपीलों का निपटारा किया गया। अभियान में ‘अपशिष्ट से कला’ (Waste to Art) गतिविधियाँ, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा साइबर सुरक्षा जागरूकता और भारतीय स्टेट बैंक द्वारा साइबर सुरक्षा पर ई-पुस्तिका का प्रकाशन भी शामिल रहा।

पृष्ठभूमि

  • भारत में सरकारी कार्यालयों की स्वच्छता को नीतिगत प्राथमिकता स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission, 2014) के साथ मिली, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों और सरकारी परिसरों में स्वच्छता को जन-आंदोलन और कार्यसंस्कृति का अंग बनाना है।
  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (Public Sector Banks, PSB), सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियाँ, सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थान (PSFI) और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) वित्तीय सेवा विभाग की निगरानी के दायरे में आते हैं, इसलिए इस विभाग की पहल का प्रभाव इन संस्थानों के माध्यम से देशव्यापी स्तर पर पहुँचता है।
  • सरकारी संपत्ति और अनुपयोगी सामग्री (कबाड़, पुराने उपकरण) का निपटान सामान्य वित्तीय नियम, 2017 (General Financial Rules, 2017) जैसे ढाँचे के अंतर्गत होता है, जिससे पारदर्शी नीलामी और राजस्व-वसूली सुनिश्चित की जाती है।
  • ई-कचरे के प्रबंधन के लिए ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 लागू हैं, जिनमें उत्पादक की विस्तारित उत्तरदायित्व (EPR) की अवधारणा महत्वपूर्ण है।
  • ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT) और ऋण वसूली अपीलीय न्यायाधिकरण (DRAT) की स्थापना ऋण वसूली न्यायाधिकरण अधिनियम, 1993 के अंतर्गत हुई थी; बैंकों के लंबित ऋण-वाद इनके सामान्य कार्यक्षेत्र में आते हैं।
  • डिजिटल वित्तीय सेवाओं के विस्तार के साथ साइबर धोखाधड़ी बढ़ी है, जिसके प्रतिरोध हेतु भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल जैसे तंत्र विकसित किए गए हैं।

विशेष अभियान 6 क्या है?

  • विशेष अभियान सरकारी विभागों और उनके संगठनों में एक निर्धारित अवधि के लिए चलाए जाने वाले केंद्रित अभियान होते हैं, जिनमें स्वच्छता, अभिलेख-निपटान, लंबित मामलों का निपटारा और स्थान-प्रबंधन जैसे लक्ष्य तय किए जाते हैं।
  • इस अभियान के प्रमुख उद्देश्य थे: स्वच्छता को संस्थागत कार्यसंस्कृति का स्थायी हिस्सा बनाना, मूल्यवान कार्यालयी स्थान को खाली कराना, कार्यालय परिसरों का सौंदर्यीकरण करना और कबाड़ तथा ई-कचरे का प्रभावी निपटान करना।
  • कबाड़ निपटान से प्राप्त राजस्व और खाली स्थान का पुनः उपयोग सार्वजनिक संसाधनों के कुशल उपयोग का उदाहरण है, जो मितव्ययिता के सिद्धांत से जुड़ा है।
  • ‘अपशिष्ट से कला’ (Waste to Art) गतिविधि में प्लास्टिक, पुराने हार्डवेयर और खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से बेंच, कुर्सियाँ, ट्रे, कूड़ेदान और सजावटी मूर्तियाँ बनाई गईं; यह चक्रीय अर्थव्यवस्था और रचनात्मक पुनः-उपयोग (Upcycling) का व्यावहारिक रूप है।
  • लोक शिकायत निवारण के अंतर्गत जन शिकायतों और उनकी अपीलों का निपटारा नागरिक-केंद्रित शासन और उत्तरदायी प्रशासन के सिद्धांत से जुड़ता है।
  • साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान डिजिटल बैंकिंग में ग्राहक-संरक्षण और वित्तीय समावेशन की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
  • अभियान की निगरानी विभाग के सचिव द्वारा विभिन्न अनुभागों के निरीक्षण के माध्यम से की गई, जो प्रशासनिक समीक्षा तंत्र का सामान्य रूप है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता (Feature) महत्व (Significance)
अभियान का स्वरूप विशेष अभियान 6 स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटारे, दोनों पर केंद्रित था। इसमें वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के साथ उसके संबद्ध संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय और स्वायत्त निकाय शामिल थे।
कार्यालयी स्थान की मुक्ति लगभग 6,99,201 वर्ग फुट (लगभग 7 लाख वर्ग फुट) कार्यालयी स्थान खाली कराया गया। इससे मूल्यवान शहरी परिसरों के बेहतर उपयोग और संसाधनों की बचत का मार्ग खुला।
कबाड़ निपटान से राजस्व कबाड़ और ई-कचरे के निपटान से 4,12,58,987 रुपये (लगभग 4.12 करोड़ रुपये) का राजस्व अर्जित हुआ। यह सरकारी संपत्ति के नियमित निपटान का व्यावहारिक उदाहरण है।
स्वच्छता और परिसर सौंदर्यीकरण 1,20,750 स्वच्छता स्थलों की सफाई हुई, जो निर्धारित लक्ष्य का 134 प्रतिशत है। इससे कार्यस्थल की कार्यसंस्कृति में सुधार की दिशा स्पष्ट होती है।
जन शिकायत और अपील निपटान 31,327 जन शिकायतों और 3,564 जन शिकायत अपीलों का निपटारा हुआ। इससे नागरिक-केंद्रित प्रशासन और उत्तरदायित्व को बल मिला।
अपशिष्ट से कला और साइबर जागरूकता ‘अपशिष्ट से कला’ (Waste to Art) गतिविधियों में प्लास्टिक और पुराने उपकरणों से बेंच, कुर्सियां और ट्रे बनाए गए। बैंकों ने साइबर सुरक्षा पर जागरूकता सामग्री और भारतीय स्टेट बैंक ने ई-पुस्तिका जारी की।

महत्व

प्रशासनिक दक्षता

  • लंबित मामलों और जन शिकायतों का समयबद्ध निपटान प्रशासनिक उत्तरदायित्व की व्यावहारिक परीक्षा है।
  • कार्यालयी स्थान की मुक्ति और परिसर प्रबंधन से सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होता है।
  • विभागों और संबद्ध निकायों के बीच समन्वय से नीति-निष्पादन की संस्थागत क्षमता मजबूत होती है।

आर्थिक और राजकोषीय पक्ष

  • कबाड़ और ई-कचरे के निपटान से गैर-कर राजस्व प्राप्त होता है, जो राजकोषीय प्रबंधन का छोटा किंतु उपयोगी स्रोत है।
  • निष्क्रिय सरकारी संपत्ति का सक्रिय निपटान सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन (Public Asset Management) का हिस्सा है।

पर्यावरण और चक्रीय अर्थव्यवस्था

  • ‘अपशिष्ट से कला’ जैसी पहल चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) के सिद्धांत को व्यवहार में उतारती है, जिसमें अपशिष्ट को संसाधन के रूप में देखा जाता है।
  • प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट का वैज्ञानिक निपटान पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करने में सहायक है।

वित्तीय डिजिटल सुरक्षा

  • साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव हेतु उपभोक्ता जागरूकता वित्तीय समावेशन की सुरक्षा शर्त है।
  • बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा सोशल मीडिया पर जागरूकता सामग्री साझा करना ग्राहक-संरक्षण का सक्रिय तरीका है।

चुनौतियाँ

1. स्वच्छता का संस्थागत स्थायित्व

  • विशेष अभियान अवधि में प्राप्त उपलब्धियां स्थायी व्यवहार में बदलेंगी या नहीं, यह प्रश्न बना रहता है।
  • अभियान-आधारित कार्य अक्सर समयबद्ध होते हैं, जबकि स्वच्छता एक निरंतर प्रक्रिया है।

2. ई-कचरे और प्लास्टिक अपशिष्ट का वैज्ञानिक निपटान

  • ई-कचरे का अनौपचारिक निपटान स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है।
  • निपटान की प्रक्रिया में उत्पादक उत्तरदायित्व (Extended Producer Responsibility) के सिद्धांत का पालन आवश्यक है।

3. साइबर सुरक्षा और डिजिटल धोखाधड़ी

  • डिजिटल बैंकिंग के विस्तार के साथ साइबर अपराधों का खतरा बढ़ा है।
  • जागरूकता अभियानों की पहुंच ग्रामीण और कम साक्षर वर्गों तक सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण है।

4. लंबित मामलों का बोझ

  • ऋण वसूली न्यायाधिकरणों में मामलों का लंबित रहना बैंकिंग वसूली की गति को प्रभावित करता है।
  • जन शिकायतों की बड़ी संख्या यह संकेत देती है कि शिकायत निवारण तंत्र पर दबाव बना हुआ है।

5. सार्वजनिक संपत्ति के निपटान में पारदर्शिता

  • कबाड़ और अनुपयोगी सामग्री की बिक्री में पारदर्शी नीलामी और उचित मूल्य निर्धारण आवश्यक है।
  • निपटान प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासनिक नैतिकता का विषय है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा (Issue) चिंता (Concern)
अभियान पर निर्भर उपलब्धियां समयबद्ध अभियानों के बाद स्वच्छता और कार्यसंस्कृति में गिरावट का खतरा।
ई-कचरे का असुरक्षित निपटान अनौपचारिक क्षेत्र में पुनर्चक्रण से स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रभाव।
साइबर धोखाधड़ी में वृद्धि डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ ग्राहक-स्तर पर वित्तीय नुकसान का जोखिम।
ऋण वसूली में विलंब DRT और DRAT में मामलों के लंबित रहने से बैंकिंग परिसंपत्ति वसूली प्रभावित।
जन शिकायतों का दबाव शिकायत और अपील निपटान की गति और गुणवत्ता बनाए रखने की चुनौती।
निपटान में पारदर्शिता कबाड़ की बिक्री में मूल्य निर्धारण और नीलामी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्न।

आगे की राह

  • स्वच्छता को अभियान-आधारित गतिविधि से निकालकर नियमित कार्यालयी प्रक्रिया बनाया जाए, जिसकी समय-समय पर समीक्षा हो।
  • ई-कचरे और प्लास्टिक अपशिष्ट के निपटान के लिए मान्यता प्राप्त पुनर्चक्रण इकाइयों के साथ औपचारिक व्यवस्था विकसित की जाए।
  • सामान्य वित्तीय नियम (General Financial Rules) के अनुरूप कबाड़ निपटान में पारदर्शी नीलामी और मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई जाए।
  • साइबर सुरक्षा जागरूकता को ग्रामीण और वरिष्ठ नागरिकों तक क्षेत्रीय भाषाओं में पहुंचाया जाए।
  • ऋण वसूली न्यायाधिकरणों में मामलों के निपटान की समयसीमा और डिजिटल केस-प्रबंधन को सुदृढ़ किया जाए।
  • जन शिकायत निवारण प्रणाली में शिकायतों के प्रकार का विश्लेषण कर मूल कारणों के समाधान पर बल दिया जाए।
  • ‘अपशिष्ट से कला’ जैसी पहल को स्थानीय कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर रोजगार और चक्रीय अर्थव्यवस्था दोनों को बढ़ावा दिया जाए।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

विशेष अभियान 6 · वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services) · सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (Public Sector Banks) · कार्यालय स्थान प्रबंधन (Office Space Management) · चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) · ई-कचरा प्रबंधन (E-waste Management) · सामान्य वित्तीय नियम, 2017 (General Financial Rules, 2017) · केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) · ऋण वसूली न्यायाधिकरण (Debt Recovery Tribunal) · साइबर सुरक्षा और CERT-In · प्रशासनिक दक्षता और कार्यसंस्कृति · अभियान-आधारित शासन (Campaign-mode Governance)

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • अनुच्छेद 323B: बैंक ऋण वसूली न्यायाधिकरण का संवैधानिक आधार

अवधारणा प्रवाह

विभाग और उसके संबद्ध संगठन (PSB, PSIC, PSFI, RRB, DRT/DRAT) विशेष अभियान 6 के तहत समन्वित रूप से सक्रिय होते हैं।  →  स्वच्छता, कार्यालयी स्थान की मुक्ति और लंबित मामलों के निपटान के लक्ष्य तय किए जाते हैं।  →  कार्यालयों की सफाई, अनुपयोगी सामग्री का छंटाई और कबाड़ निपटान किया जाता है।  →  निपटान से राजस्व प्राप्त होता है और खाली स्थान का पुनः उपयोग संभव होता है।  →  ‘अपशिष्ट से कला’ और साइबर जागरूकता जैसी गतिविधियां चक्रीय अर्थव्यवस्था और डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देती हैं।  →  जन शिकायतों और अपीलों के निपटान से प्रशासनिक उत्तरदायित्व और नागरिक विश्वास मजबूत होता है।

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. साइबर अपराधों की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर दर्ज की जा सकती है।
2. CERT-In की स्थापना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70B के अंतर्गत की गई है।
3. राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1098 है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. सभी

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है: राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है और हेल्पलाइन 1930 है। कथन 2 सही है: CERT-In को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70B के अंतर्गत राष्ट्रीय एजेंसी के रूप में अधिसूचित किया गया है। कथन 3 गलत है, क्योंकि 1098 बाल हेल्पलाइन (Childline) का नंबर है।

Q2. निम्नलिखित दो कथनों (A और R) पर विचार कीजिए:
कथन (A): सरकारी कार्यालयों के अनुपयोगी कबाड़ का खुली और पारदर्शी नीलामी द्वारा निपटान राजस्व अर्जित करने के साथ-साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित करता है।
कारण (R): सामान्य वित्तीय नियम, 2017 के अंतर्गत अनुपयोगी और अतिरिक्त सामग्री के निपटान के लिए प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाना अपेक्षित है।
सही उत्तर चुनिए:

  1. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
  2. (A) और (R) दोनों सही हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  3. (A) सही है, परंतु (R) गलत है।
  4. (A) गलत है, परंतु (R) सही है।

उत्तर: (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है। — सामान्य वित्तीय नियम, 2017 सार्वजनिक संपत्ति और अनुपयोगी सामग्री के निपटान के लिए पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया की व्यवस्था करते हैं। इसी प्रक्रिया से राजस्व प्राप्ति और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित होती हैं, इसलिए कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या है।

Q3. निम्नलिखित सुमेलों पर विचार कीजिए:
सूची-I (संस्था/व्यवस्था): (a) केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) (b) एकीकृत बैंकिंग लोकपाल योजना, 2021 (c) ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT) (d) CERT-In
सूची-II (कार्य): 1. बैंक एवं वित्तीय संस्थाओं के निश्चित सीमा से ऊपर के ऋण वसूली मामलों का निपटारा 2. सरकारी सेवाओं से संबंधित जन शिकायतों का ऑनलाइन निवारण 3. साइबर सुरक्षा घटनाओं पर प्रतिक्रिया और समन्वय 4. बैंकिंग सेवा में कमी से संबंधित ग्राहक शिकायतों का निवारण
सही सुमेल चुनिए:

  1. (a)-2, (b)-4, (c)-1, (d)-3
  2. (a)-1, (b)-2, (c)-3, (d)-4
  3. (a)-2, (b)-1, (c)-4, (d)-3
  4. (a)-3, (b)-4, (c)-1, (d)-2

उत्तर: (a)-2, (b)-4, (c)-1, (d)-3 — CPGRAMS सरकारी सेवाओं से जुड़ी जन शिकायतों का ऑनलाइन निवारण करता है (a-2)। एकीकृत बैंकिंग लोकपाल योजना बैंकिंग सेवा की कमियों की शिकायतें देखती है (b-4)। DRT बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के ऋण वसूली मामले देखता है (c-1)। CERT-In साइबर घटनाओं पर प्रतिक्रिया और समन्वय करता है (d-3)।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ सार्वजनिक प्रशासन में अभियान-आधारित पहलें (Campaign-mode Initiatives) जैसे विशेष अभियान 6 त्वरित परिणाम देती हैं, परंतु इनसे संस्थागत कार्यसंस्कृति का स्थायी परिवर्तन सुनिश्चित नहीं होता। इस कथन का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। साथ ही उत्तर दीजिए कि नियमित प्रक्रियाओं और डिजिटल निगरानी को अभियान-मोड से आगे ले जाने के लिए किन संस्थागत उपायों की आवश्यकता है। (15 Marks)

रूपरेखा: MODEL-ANSWER SKELETON: (1) भूमिका: विशेष अभियान 6 के आंकड़े, जैसे लगभग 1,20,750 स्थलों की सफाई (लक्ष्य का 134 प्रतिशत), 6,99,201 वर्ग फुट कार्यालय स्थान की खाली कराई, 4.12 करोड़ रुपये का कबाड़ निपटान राजस्व, 31,327 जन शिकायतों का निपटारा और 3,564 अपीलों का निपटारा, तथा DFS के PSB, PSIC, PSFI, RRB एवं DRT/DRAT के साथ समन्वय। (2) पक्ष में तर्क: अभियान से लक्ष्य-केंद्रित गति, अंतर-संगठन समन्वय, दृश्य परिणाम और जवाबदेही बनती है; स्वच्छता को कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने का उद्देश्य; ‘अपशिष्ट से कला’ जैसे रचनात्मक पुनःउपयोग से चक्रीय अर्थव्यवस्था की सोच का प्रसार। (3) विपक्ष में तर्क: मैक्स वेबर की नौकरशाही संबंधी अवधारणा के अनुसार नियमित, नियम-आधारित प्रक्रियाएं ही स्थायित्व देती हैं; अभियान समाप्त होते ही गतिविधियां शिथिल पड़ने का जोखिम; दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग (Second Administrative Reforms Commission) की नागरिक-केंद्रित प्रशासन संबंधी सिफारिशें स्थायी तंत्र पर बल देती हैं। (4) संस्थागत उपाय: सामान्य वित्तीय नियम, 2017 के अंतर्गत अनुपयोगी सामग्री के निपटान का नियमित चक्र; CPGRAMS और समयबद्ध शिकायत निवारण के मानक; CERT-In दिशा-निर्देशों के अनुरूप साइबर स्वच्छता का सतत प्रशिक्षण; कार्य-निष्पादन मापन (Performance Monitoring) की निरंतर व्यवस्था। (5) संतुलित निष्कर्ष: अभियान प्रेरक का काम करते हैं, परंतु स्थायित्व तभी आता है जब उन्हें नियमित प्रक्रियाओं, प्रोत्साहन-तंत्र और निगरानी ढांचे में समाहित किया जाए।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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