विद्युत मंत्रालय द्वारा शुरू हुआ ‘विशेष अभियान-6’, स्वच्छता और लंबित मामलों पर ध्यान

विद्युत मंत्रालय ने स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों को न्यूनतम करने के लिए “विशेष अभियान-6” का शुभारंभ किय — diagram

विद्युत मंत्रालय द्वारा शुरू हुआ ‘विशेष अभियान-6’, स्वच्छता और लंबित मामलों पर ध्यान

विशेष अभियान-6लक्ष्य तयस्वच्छता, ई-अपशिष्टतैयारी15-30 सितंबर 2026कार्यान्वयन2-31 अक्टूबर 2026निपटानलंबित मामलेसंस्थागतस्वच्छता नियम
विशेष अभियान-6

✎ विद्युत मंत्रालय का 'विशेष अभियान-6' सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और ई-अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए विभिन्न लंबित मामलों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पहलू  |  GS Paper III — पर्यावरण और पारिस्थितिकी
  • Prelims: विशेष अभियान-6, विद्युत मंत्रालय, ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022, लंबित मामले, स्वच्छता अभियान, सरकारी कार्यालयों में दक्षता
  • Essay: सुशासन: सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता का महत्व, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में ई-अपशिष्ट प्रबंधन की भूमिका

त्वरित पुनरावृत्ति: विद्युत मंत्रालय का ‘विशेष अभियान-6’ सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और ई-अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए विभिन्न लंबित मामलों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

विद्युत मंत्रालय ने सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों की संख्या को न्यूनतम करने के उद्देश्य से ‘विशेष अभियान-6’ का शुभारंभ किया है। यह अभियान वर्ष 2021 से चल रहे विशेष अभियानों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें इस वर्ष ई-अपशिष्ट के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

पृष्ठभूमि

  • भारत सरकार सरकारी कार्यालयों में कार्य संस्कृति में सुधार और दक्षता बढ़ाने के लिए विभिन्न पहल कर रही है।
  • वर्ष 2021 से, विद्युत मंत्रालय अपने अधीनस्थ कार्यालयों, संबद्ध कार्यालयों, स्वायत्त निकायों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSU) के साथ इन विशेष अभियानों में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।
  • इन अभियानों का प्राथमिक लक्ष्य कार्यालय परिसर में स्वच्छता सुनिश्चित करना और विभिन्न श्रेणियों के लंबित मामलों का समयबद्ध तरीके से निपटान करना है।
  • इस वर्ष के अभियान में ‘ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022’ के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए ई-अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
  • अभियान दो चरणों में संचालित किया जाएगा: तैयारी चरण (15 सितंबर से 30 सितंबर, 2026) और कार्यान्वयन चरण (2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026)।
  • विद्युत सचिव ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और सभी संबंधितों से स्वच्छता को संस्थागत रूप देने तथा लंबित मामलों को न्यूनतम करने के लिए नए मानदंड स्थापित करने का आग्रह किया।

‘विशेष अभियान-6’ क्या है?

  • ‘विशेष अभियान-6’ विद्युत मंत्रालय द्वारा सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देने और विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों को निपटाने के लिए शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी अभियान है।
  • यह अभियान विद्युत मंत्रालय के अधीनस्थ कार्यालयों, संबद्ध कार्यालयों, स्वायत्त निकायों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSU) में लागू किया जाएगा।
  • इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना है।
  • इस वर्ष के अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू ‘ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022’ के अनुरूप ई-अपशिष्ट के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान पर विशेष जोर देना है।
  • लंबित मामलों में सांसदों के संदर्भ, राज्य सरकारों से प्राप्त संदर्भ, अंतर-मंत्रालयी पत्राचार, संसदीय आश्वासन, पीएमओ से प्राप्त संदर्भ, जन शिकायतें और जन शिकायत अपीलें (CPGRAMS) शामिल हैं।
  • तैयारी चरण में लंबित मामलों की पहचान, कर्मियों को सक्रिय करना, स्वच्छता अभियान स्थलों को अंतिम रूप देना, अभिलेखों की समीक्षा करना और कबाड़ सामग्री की पहचान करना शामिल है।
  • कार्यान्वयन चरण के दौरान, तैयारी चरण में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे, जिसमें स्वच्छता और लंबित मामलों को कम करना शामिल है।
  • यह अभियान कार्यस्थल में सुधार, कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने और समग्र कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने में योगदान देगा।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
ई-अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष जोर ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना।
लंबित मामलों का समयबद्ध निपटान सरकारी कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता लाना, जन शिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित करना।
संस्थागत स्वच्छता कार्यस्थलों पर स्वच्छ वातावरण को स्थायी बनाना, कर्मचारियों के मनोबल और कार्य संस्कृति में सुधार करना।
बहु-आयामी दृष्टिकोण सांसदों के संदर्भों, जन शिकायतों, अंतर-मंत्रालयी पत्राचार सहित विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों को संबोधित करना।
चरणबद्ध कार्यान्वयन तैयारी चरण (15-30 सितंबर, 2026) और कार्यान्वयन चरण (2-31 अक्टूबर, 2026) के माध्यम से व्यवस्थित और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करना।

महत्व

प्रशासनिक महत्व

  • यह अभियान सरकारी कार्यालयों में कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण है।
  • लंबित मामलों के त्वरित निपटान से नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और सरकार के प्रति विश्वास बढ़ेगा।
  • स्वच्छता को संस्थागत रूप देने से कार्यस्थल का वातावरण सुधरेगा, जिससे कर्मचारियों की उत्पादकता में वृद्धि होगी।

पर्यावरणीय महत्व

  • ई-अपशिष्ट के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान पर विशेष जोर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • यह ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुपालन को सुनिश्चित करता है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक कचरे के अनुचित निपटान से होने वाले पर्यावरणीय खतरों को कम किया जा सकता है।

शासन महत्व

  • जन शिकायतों और अपीलों का समयबद्ध निपटान सुशासन (Good Governance) के सिद्धांतों को मजबूत करता है।
  • संसदीय आश्वासनों और पीएमओ से प्राप्त संदर्भों का त्वरित समाधान विधायी और कार्यकारी जवाबदेही को बढ़ाता है।

चुनौतियाँ

1. ई-अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौतियाँ

  • ई-अपशिष्ट के प्रभावी संग्रहण और पृथक्करण के लिए उचित बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षित कर्मियों की कमी।
  • ई-अपशिष्ट के सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल निपटान के लिए पर्याप्त सुविधाओं और प्रौद्योगिकियों तक पहुंच।

2. लंबित मामलों का निपटान

  • विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय की कमी।
  • कर्मचारियों पर काम का बोझ और प्रक्रियाओं की जटिलता।

3. संस्थागत स्वच्छता का रखरखाव

  • अभियान के बाद स्वच्छता के स्तर को बनाए रखने के लिए स्थायी तंत्र का अभाव।
  • कर्मचारियों के बीच स्वच्छता के प्रति निरंतर जागरूकता और प्रतिबद्धता की कमी।

4. संसाधनों का आवंटन

  • अभियान के लिए आवश्यक वित्तीय और मानव संसाधनों का पर्याप्त आवंटन।
  • प्रौद्योगिकी के उपयोग और डिजिटलीकरण में निवेश की आवश्यकता।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
ई-अपशिष्ट की बढ़ती मात्रा पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव और स्वास्थ्य जोखिम।
प्रक्रियागत देरी नागरिकों को असुविधा और सरकारी कामकाज में अक्षमता।
कर्मचारी प्रेरणा स्वच्छता और दक्षता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रेरणा की आवश्यकता।
डेटा प्रबंधन लंबित मामलों और ई-अपशिष्ट के डेटा का सटीक संग्रहण और विश्लेषण।
अंतर-विभागीय समन्वय विभिन्न सरकारी निकायों के बीच प्रभावी सहयोग की कमी।

आगे की राह

  • ई-अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक व्यापक नीतिगत ढांचा विकसित करना, जिसमें संग्रहण, पृथक्करण, पुनर्चक्रण और निपटान के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश हों।
  • सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों के त्वरित निपटान के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित समाधानों को अपनाना।
  • कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण और कार्यशालाएं आयोजित करना ताकि उन्हें स्वच्छता प्रोटोकॉल और ई-अपशिष्ट प्रबंधन के महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके।
  • स्वच्छता और दक्षता के लिए प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन (Performance-based incentives) प्रणाली लागू करना ताकि कर्मचारियों को निरंतर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया जा सके।
  • सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता के लिए एक स्थायी ऑडिट और निगरानी तंत्र स्थापित करना, जिसमें नियमित निरीक्षण और प्रतिक्रिया तंत्र शामिल हो।
  • विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए एक नोडल एजेंसी या समिति का गठन करना।
  • जन शिकायतों के प्रभावी निवारण के लिए सीपीग्राम्स (CPGRAMS) जैसे मौजूदा तंत्रों को और मजबूत करना तथा उनकी पहुंच बढ़ाना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

स्वच्छता अभियान · ई-अपशिष्ट प्रबंधन · लंबित मामलों का निपटान · सरकारी दक्षता · सुशासन · विद्युत मंत्रालय · केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (CPSUs) · ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022

अवधारणा प्रवाह

सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और लंबित मामलों की पहचान  →  विद्युत मंत्रालय द्वारा ‘विशेष अभियान-6’ का शुभारंभ  →  ई-अपशिष्ट प्रबंधन और लंबित मामलों के निपटान पर जोर  →  तैयारी चरण में लक्ष्यों का निर्धारण और संसाधनों का सक्रियण  →  कार्यान्वयन चरण में स्वच्छता और दक्षता लक्ष्यों की प्राप्ति  →  कार्यस्थल में सुधार, मनोबल वृद्धि और बेहतर कार्य संस्कृति

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ‘विशेष अभियान-6’ का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना और लंबित मामलों को न्यूनतम करना है।
2. इस अभियान में ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ई-अपशिष्ट के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान पर विशेष जोर दिया जाएगा।
3. यह अभियान केवल विद्युत मंत्रालय के अधीनस्थ कार्यालयों तक ही सीमित है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल दो — कथन 1 और 2 सही हैं। ‘विशेष अभियान-6’ का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना और लंबित मामलों को न्यूनतम करना है, तथा इसमें ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ई-अपशिष्ट के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान पर विशेष जोर दिया जाएगा। कथन 3 गलत है क्योंकि यह अभियान विद्युत मंत्रालय के अधीनस्थ कार्यालयों, संबद्ध कार्यालयों, स्वायत्त निकायों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSUs) तक विस्तृत है।

Q2. ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. ये नियम केवल औद्योगिक ई-अपशिष्ट के प्रबंधन से संबंधित हैं।
  2. ये नियम ई-अपशिष्ट के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करते हैं।
  3. इन नियमों का उद्देश्य केवल ई-अपशिष्ट के आयात को विनियमित करना है।
  4. ये नियम केवल घरेलू ई-अपशिष्ट के प्रबंधन से संबंधित हैं।

उत्तर: ये नियम ई-अपशिष्ट के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करते हैं। — ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 ई-अपशिष्ट के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान के लिए व्यापक दिशा-निर्देश प्रदान करते हैं, जिसमें उत्पादकों, उपभोक्ताओं और पुनर्चक्रणकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ शामिल हैं।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों को न्यूनतम करने के लिए ‘विशेष अभियान’ जैसे प्रयासों के महत्व का परीक्षण कीजिए। सुशासन सुनिश्चित करने में ऐसे अभियानों की भूमिका पर भी चर्चा कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: परिचय में ‘विशेष अभियान’ की अवधारणा और इसके उद्देश्यों का संक्षिप्त उल्लेख करें। पहले भाग में, सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों को न्यूनतम करने के महत्व का परीक्षण करें, जिसमें कार्यस्थल के माहौल में सुधार, कर्मचारी मनोबल में वृद्धि, दक्षता में वृद्धि और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार जैसे बिंदु शामिल हों। ई-अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विशिष्ट पहलुओं पर भी प्रकाश डालें। दूसरे भाग में, सुशासन (Good Governance) सुनिश्चित करने में ऐसे अभियानों की भूमिका पर चर्चा करें, जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही, समयबद्धता, नागरिक-केंद्रितता और भ्रष्टाचार में कमी जैसे आयामों को शामिल किया जाए। निष्कर्ष में, इन अभियानों की निरंतरता और दीर्घकालिक प्रभाव के महत्व पर जोर दें।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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